लाइव न्यूज़ :

गांधी-नेहरू परिवार एक 'ब्रांड इक्विटी', किसी और व्यक्ति के लिए कांग्रेस का नेतृत्व करना मुश्किल: अधीर चौधरी

By भाषा | Updated: August 17, 2019 14:40 IST

अधीर रंजन चौधरी ने कहा, 'द्विध्रुवी राजनीति की स्थिति उत्पन्न होने से हम दोबारा सत्ता में आ सकते हैं। इसलिए कांग्रेस का भविष्य उज्ज्वल है।' चौधरी ने कहा कि क्षेत्रीय दलों में वैचारिक प्रेरणा का अभाव है और कांग्रेस जैसी राष्ट्रीय पार्टी को व्यापक समर्थन है।

Open in App
ठळक मुद्दे'गांधी परिवार के बाहर किसी और के लिए कांग्रेस का नेतृत्व करना मुश्किल'राजनीति में भी ‘ब्रांड इक्विटी’ होती है, गांधी परिवार हमारी ‘ब्रांड इक्विटी': अधीर रंजन चौधरी

कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी का कहना है कि गांधी-नेहरू परिवार के बाहर के किसी व्यक्ति के लिए पार्टी का नेतृत्व करना मुश्किल होगा क्योंकि उनकी (परिवार की) एक 'ब्रांड इक्विटी' है। चौधरी ने कहा कि कांग्रेस जैसी ‘मजबूत’ विचारधारा वाली पार्टी, जिसकी हर जगह पहुंच हो वह ही भाजपा के 'सांप्रदायिक रथ' को रोक सकती है।  चौधरी ने 'पीटीआई-भाषा' से कहा, 'क्षेत्रीय दल जैसे काम कर रहे हैं, वे आने वाले दिनों में अपना महत्व खो देंगे। उनके महत्व खोने का मतलब है कि देश द्विध्रुवी राजनीति की ओर बढ़ जाएगा।' 

अधीर रंजन चौधरी ने कहा, 'द्विध्रुवी राजनीति की स्थिति उत्पन्न होने से हम दोबारा सत्ता में आ सकते हैं। इसलिए कांग्रेस का भविष्य उज्ज्वल है।' चौधरी ने कहा कि क्षेत्रीय दलों में वैचारिक प्रेरणा का अभाव है और कांग्रेस जैसी राष्ट्रीय पार्टी को व्यापक समर्थन है। कांग्रेस नेता ने कहा कि सोनिया गांधी पार्टी की डोर हाथ में नहीं लेना चाहती थी लेकिन राहुल गांधी के इस्तीफा देने के बाद संगठन को ‘संकट’ में देख उन्होंने वरिष्ठ कांग्रेस पदाधिकारियों का अनुरोध स्वीकार कर लिया। चौधरी ने कहा, 'सोनिया गांधी ने संकट के समय में पार्टी की बागडोर संभाली। उन्हीं के नेतृत्व में ही मुश्किल समय में 2004 और 2009 में दो बार कांग्रेस ने सरकार बनाई थी।' 

उन्होंने कहा, 'गांधी परिवार से बाहर किसी व्यक्ति का पार्टी का नेतृत्व करना वास्तव में मुश्किल होगा। राजनीति में भी ‘ब्रांड इक्विटी’ होती है। अगर आप अभी भाजपा को देखेंगे तो क्या मोदी और शाह के बिना वह सुचारू रूप से चल सकती है? जवाब है ना?' 

चौधरी ने कहा, 'हमारी कांग्रेस पार्टी में भी गांधी परिवार हमारी ‘ब्रांड इक्विटी’ है। इसमें कोई नुकसान नहीं है। हमारी पार्टी में किसी और पार्टी के पास वह बता नहीं है। यह एक कठोर वास्तविकता है।' 

राहुल गांधी के इस्तीफा वापस नहीं लेने के अपने रुख पर कायम रहने के बाद कांग्रेस कार्य समिति (सीडब्ल्यूसी) ने हाल ही में बड़ा कदम उठाते हुए पार्टी की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी को अंतरिम अध्यक्ष नियुक्त किया। 2019 लोकसभा चुनाव में पार्टी की भारी हार की जिम्मेदारी लेते हुए राहुल गांधी ने इस्तीफा दे दिया था। चौधरी ने राहुल के कदम की सराहना करते हुए इसे एक 'उदार कदम' बताया और कहा कि अन्य नेताओं को भी इससे सीखना चाहिए।

टॅग्स :कांग्रेसराहुल गांधी
Open in App

संबंधित खबरें

भारतबारामती विधानसभा उपचुनावः सीएम फडणवीस की बात नहीं मानी?, कांग्रेस ने उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार के खिलाफ आकाश मोरे को चुनाव मैदान में उतारा

कारोबारवायनाड पुनर्वासः 200 से अधिक लोगों की मौत और 5.38 करोड़ रुपये खर्च?, कांग्रेस ने धनराशि का हिसाब किया सार्वजनिक

भारतअल्पसंख्यकों पर हमला करने वाले लोगों के साथ सीएम विजयन?, राहुल गांधी ने कहा- 140 में से 100 सीट जीतकर बनाएंगे सरकार?, भाजपा 0 पर आउट?

कारोबारकेरलम विधानसभा चुनावः वृद्ध आबादी 16.5 प्रतिशत?, पेंशन, स्वास्थ्य सुविधाएं और सुरक्षा सबसे बड़े चुनावी मुद्दे?, देखिए किस दल ने क्या दिया तोहफा?

ज़रा हटकेVIDEO: असम में योगी का बड़ा बयान, 'घुसपैठियों को बाहर करना ही होगा'

भारत अधिक खबरें

भारतपश्चिम एशिया युद्धः ओमान तट के निकट ड्रोन बोट हमले में जान गंवाने वाले 25 वर्षीय नाविक दीक्षित सोलंकी का शव मुंबई लाया

भारतगोदामों से सीधे एलपीजी सिलेंडर की बिक्री पर सख्त प्रतिबंध, सीएम रेखा गुप्ता ने कहा-भंडारण केंद्रों पर न जाएं और न ही भीड़ में इकट्ठा हों

भारतउच्च शिक्षा और अनुसंधान की चुनौतियां

भारतआदिवासी खेल: नई प्रतिभाओं की तलाश में एक सार्थक पहल

भारतUP की महिला ने रचा इतिहास! 14 दिनों में साइकिल से एवरेस्ट बेस कैंप पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला बनीं