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गोवा विधानसभा चुनाव में आप और तृणमूल कांग्रेस ‘बस नाम के खिलाड़ी होंगे’ : चिदंबरम

By भाषा | Updated: October 24, 2021 19:49 IST

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(आसिम कमाल)

नयी दिल्ली, 24 अक्टूबर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी. चिदंबरम ने रविवार को कहा कि आम आदमी पार्टी (आप) और तृणमूल कांग्रेस गोवा विधानसभा चुनाव में ‘बस नाम के खिलाड़ी’ रहेंगे और कांग्रेस ही भाजपा को हराने और अगली सरकार बनाने के लिए अच्छी स्थिति में है।

गोवा में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए चिदंबरम कांग्रेस के वरिष्ठ चुनाव पर्यवेक्षक हैं।

उन्होंने ‘पीटीआई-भाषा’ को दिये गए एक साक्षात्कार में कहा, ‘‘गोवा उन पांच राज्यों में से एक है, जहां अगले साल की शुरुआत में चुनाव होने वाले हैं। सभी राज्य समान रूप से महत्वपूर्ण हैं और उस दृष्टिकोण से गोवा भी महत्वपूर्ण है। कांग्रेस और गोवा के लोगों के बीच एक लंबा और विशेष संबंध रहा है। कांग्रेस यह जानती है कि गोवा, गोवा के लोगों का और गोवा की एक अनोखी जीवनशैली है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘हम 2022 का चुनाव जीतने और कांग्रेस की सरकार बनाने के इरादे से चुनाव मैदान में उतर रहे हैं।’’ कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने कहा कि पार्टी की तैयारी ‘मजबूत और विधिवत' है।

गोवा में कांग्रेस और भाजपा को मुख्य पार्टियां बताते हुए चिदंबरम ने कहा कि छोटी पार्टियों के साथ गठबंधन तभी संभव है, जब वे यह स्वीकार करें कि गैर भाजपा गठबंधन में कांग्रेस की केंद्रीय भूमिका होगी। उन्होंने कहा कि उनका मानना है कि अगर छोटी पार्टियों का गठबंधन के प्रति झुकाव हो, तो उन्हें कुछ सीटें दी जा सकती हैं। हालांकि, वह किसी भी पार्टी के बारे में अनुमान नहीं लगा सकते।

वहीं, गोवा में आम आदमी पार्टी (आप) और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के बारे में चिदंबरम ने कहा कि ये दोनों पार्टियां 2022 के चुनाव में बड़ी भूमिका नहीं निभाने जा रही हैं। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने कहा कि आप 2017 के चुनाव में उतर चुकी है, लेकिन कोई प्रभाव नहीं छोड़ पाई। तृणमूल कांग्रेस ने सितंबर, 2021 में गोवा में कदम रखा और यहां उनके पास स्थानीय और जमीनी कार्यकर्ता नहीं हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘ऐसा लगता है कि तृणमूल कांग्रेस का प्रवेश करना पश्चिम बंगाल में शीर्ष पर बैठे व्यक्ति द्वारा थोपा गया फैसला है। मुझे नहीं पता कि ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली पार्टी का अन्य दलों के नेताओं को पार्टी में शामिल करने के लिए प्रेरित कर गोवा में एक इकाई शुरू करने की कोशिश के पीछे का क्या मकसद है।’’

चिदंबरम ने कहा, ‘‘जहां तक कांग्रेस की बात है, तो हमारा मानना है कि हम भाजपा को हराने और सरकार बनाने के मामले में अच्छी स्थिति में हैं। छोटी पार्टियों का अगर झुकाव हो, तो वे मदद कर सकती हैं।’’

वहीं उन्होंने राज्य में चुनाव पूर्व मुख्यमंत्री के चेहरे की घोषणा के संबंध में पूछे गए एक सवाल पर कहा कि पार्टी को मुख्यमंत्री के चेहरे की घोषणा करनी चाहिए या नहीं इसके बारे में निर्णय उम्मीदवारों की पूरी सूची जारी करने के बाद ही ली जाएगी। उन्होंने कहा, ‘‘हम इस बारे में उचित समय पर निर्णय लेंगे।’’

पूर्व मुख्यमंत्री लुइजिन्हो फालेरियो के कांग्रेस छोड़ने और तृणमूल कांग्रेस का दामन थामने के बारे में पूछे गए सवाल पर चिदंबरम ने कहा कि गोवा की राजनीति में दलबदल अभिशाप है और गोवा के लोग दलबदल करनेवालों से सबसे ज्यादा नाराज हैं। उन्होंने कहा, ‘‘मुझे लुइजिन्हो फालेरियो को दलबदल करनेवालों की जमात में शामिल देखकर दुख हुआ। उनके विधानसभा क्षेत्र के मतदाता इससे नाराज हैं। इसलिए उनके दलबदल ने निर्वाचन क्षेत्र में हमारे कार्यकर्ता आधार को कमजोर नहीं किया है। कांग्रेस उस विधानसभा सीट पर मजबूत उम्मीदवार उतारेगी।’’

उनसे जब पूछा गया कि पार्टी 2017 जैसी स्थिति से निपटने के लिए तैयार है तो उन्होंने कहा, ‘‘ गोवा में भाजपा सरकार के खिलाफ सत्ता विरोधी लहर है और 2022 का परिणाम त्रिशंकु नहीं होगा।’’ गोवा में कांग्रेस 2017 में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी लेकिन वह सरकार बनाने में विफल रही थी।

उन्होंने कहा, ‘‘हमें विश्वास है कि लोग कांग्रेस को स्पष्ट बहुमत देंगे। उन्होंने करीब-करीब 2017 में भी स्पष्ट बहुमत दिया था लेकिन हम दलबदल को रोकने में नाकामयाब रहे।’’

उन्होंने राज्य की भाजपा सरकार को ‘दलबदल करने वालों की सरकार’ करार देते हुए कहा कि इस बार पार्टी यह सुनिश्चित करेगी कि दलबदल न हो।

कांग्रेस नेता ने कहा कि गोवा में ‘‘बदलाव की लहर’’ चल रही है क्योंकि लोग एक ‘‘नयी सरकार, नयी शुरुआत, सतत विकास के एक नए युग, राज्य के लिए एक नया दृष्टिकोण चाहते हैं।’’ उन्होंने उम्मीद जतायी कि 2022 में गोवा में परिवर्तन, 2024 में भारत में परिवर्तन की शुरुआत करेगा।

2017 के गोवा विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को सबसे ज्यादा 17 सीटें मिली थीं, वहीं भाजपा 13 सीटों पर जीत हासिल करने में कामयाब रही। लेकिन क्षेत्रीय पार्टियों के साथ गठबंधन कर भाजपा ने सरकार बनाई।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

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