बिहार बजट सत्र के बीच में ही राजद में होने वाली है बड़ी टूट, जदयू ने किया दावा
By एस पी सिन्हा | Updated: February 4, 2026 17:01 IST2026-02-04T17:01:25+5:302026-02-04T17:01:49+5:30
नीरज कुमार ने कहा कि राजद नेता रियाजुल हक ने आज जदयू का दामन थाम लिया है। उन्होंने कहा कि यह तो सिर्फ 'झांकी' है असली राजनीतिक तस्वीर अभी सामने आनी बाकी है।

बिहार बजट सत्र के बीच में ही राजद में होने वाली है बड़ी टूट, जदयू ने किया दावा
पटना: बिहार में जदयू के मुख्य प्रवक्ता एवं विधान पार्षद नीरज कुमार ने राजद पार्टी के लिए दावा किया है कि इस बजट सत्र के बीच में ही राजद में बड़ी टूट होने वाली है। उन्होंने कहा कि राजद के भीतर असंतोष बढ़ रहा है और कुछ बड़े नेता हमारी पार्टी (जदयू) के संपर्क में हैं। इस सत्र के बीच ही बड़े राजनीतिक घटनाक्रम हो सकते हैं। नीरज कुमार ने कहा कि राजद नेता रियाजुल हक ने आज जदयू का दामन थाम लिया है। उन्होंने कहा कि यह तो सिर्फ 'झांकी' है असली राजनीतिक तस्वीर अभी सामने आनी बाकी है।
नीरज कुमार ने कहा कि राजद राजनीतिक रूप से दिव्यांग होती जा रही है। उसके भीतर भारी असंतोष है और पार्टी के कई विधायक अब हमारे संपर्क में हैं। वहीं, पटना के शंभू हॉस्टल में नीट छात्रा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत मामले में सांसद पप्पू यादव के द्वारा यह आरोप लगाये जाने पर कि इस मामले में बड़े नेताओं और अधिकारियों के रिश्तेदार शामिल हैं। वहीं, पप्पू यादव के इन आरोपों पर नीरज कुमार भड़क गए हैं और अब पप्पू यादव पर मुकदमा करने की तैयारी कर रहे हैं। नीरज कुमार ने पप्पू यादव को चुनौती दिया है कि वे नाम बताएं कि इस मामले में किस नेता और कौन सा अधिकारी शामिल हैं?
उन्होंने कहा कि पप्पू यादव को भाषाई लम्पट करने का आपको अधिकार नहीं है। किसकी बेटी के बारे में बोल रहे हैं। किसकी बहन के बारे में बोल रहे हैं। वे नाम बताएं कि कौन नेता या अधिकारी इसमें शामिल है। नीरज कुमार ने पप्पू यादव पर अपनी राजनीति चमकाने का आरोप लगाते हुए कहा कि पप्पू यादव जहानाबाद में न्याय यात्रा में शामिल होने नहीं गए थे, बल्कि अपना फोटो शूट करवाने गए थे। मेरे पास कॉपी है इसमें हस्ताक्षर भी पप्पू यादव ने नहीं किया है। कितना चालू है, इससे स्पष्ट हो रहा है। इस पत्र पर उनके हस्ताक्षर नहीं हैं। उच्च न्यायालय को सीबीआई पर भरोसा है।
उन्होंने कहा कि अरुण झा की बेंच ने साफ तौर पर कहा कि इसमें हस्तक्षेप की आवश्यकता नहीं है। कौन है यह पप्पू यादव जो बेटियों के इज्जत के बारे में इस तरह से अनर्गल टिप्पणी कर रहा है। ये भाषाई जल्लाद है। लोकतंत्र की मंदिर को कलंकित किया है यह व्यक्ति। मैंने कल सदन में कहा है कि हम तमाम राजनीतिक दलों से अनुरोध करेंगे कि पप्पू यादव अगर इस आंदोलन के सलाहकार हैं, तो उनके खिलाफ भी मुकदमा दर्ज होना चाहिए। इस आंदोलन की पृष्ठभूमि में बेटी का नाम सार्वजनिक किया जाता है। लड़की अंडर एज है। उन्होंने कहा कि 19 दिनों के अंदर सीबीआई जांच हो गया।
पप्पू यादव जरा पता लगाए कि इससे पहले इतनी जल्दी कार्रवाई किस केस में हुई थी? अंकिता केस में कितने दिन बाद जांच हुई थी? 2022 से मांग की जा रही थी और 25 में जांच हुई। यहां तो 19 दिन के अंदर हो गई। इस हत्याकांड में जो गुनहगार है, जांच के दायरे में आएगा, वो बचेगा नहीं। नीरज कुमार ने कहा कि हाथ जोड़कर प्रार्थना है कि ऐसे नेताओं से बचिए। परिजनों के आरोप पर नीरज कुमार ने कहा कि यह सारी बात बेमानी है।
माननीय उच्च न्यायालय खुद गए और उच्च न्यायालय ने कहा कि सीबीआई को जांच करने दीजिए। इसका क्या मतलब है, बिहार पुलिस पर भरोसा नहीं है। सीबीआई पर भरोसा नहीं है तो कौन जांच करेगा? पप्पू यादव जांच करेगा क्या? पॉलिटिकल इन्वेस्टिगेशन होगा। उस बेटी को न्याय अगर मिलना है तो कोई जांच एजेंसी ही करेगा। इस ढंग की भाषा और ऐसे लोगों की संगति कभी नहीं रखना चाहिए।