लाइव न्यूज़ :

भारत में ऑक्सीजन एक्सप्रेस ट्रेनों के माध्यम से 9,440 मीट्रिक टन चिकित्सीय ऑक्सीजन पहुंचाई गई

By भाषा | Updated: May 16, 2021 21:37 IST

Open in App

नयी दिल्ली, 16 मई रेलवे ने रविवार को कहा कि उसने 19 अप्रैल से अब तक देश के विभिन्न राज्यों में लगभग 590 टैंकरों में 9,440 मीट्रिक टन से अधिक तरल चिकित्सीय ऑक्सीजन पहुंचाई है।

इसने कहा कि लगभग 150 ऑक्सीजन एक्सप्रेस ट्रेन अब तक अपनी यात्रा पूरी कर चुकी हैं जिससे विभिन्न राज्यों को राहत मिली है।

रेलवे ने कहा कि 55 टैंकरों में 970 टन से अधिक तरल चिकित्सीय ऑक्सीजन लेकर 12 ऑक्सीजन एक्सप्रेस ट्रेन रास्ते में हैं।

दक्षिणी राज्यों-केरल, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक और तमिलनाडु को ऑक्सीजन एक्सप्रेस ट्रेनों के माध्यम से प्राणवायु की आपूर्ति प्राप्त करने में काफी मदद मिली है।

ऑक्सीजन एक्सप्रेस ट्रेन पिछले कुछ दिन से देश में हर रोज लगभग 800 टन तरल चिकित्सीय ऑक्सीजन पहुंचा रही हैं।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

Open in App

संबंधित खबरें

विश्वIran-US War: ईरान के सुप्रीम लीडर की हालत नाजुक? मोजतबा खामेनेई के स्वास्थ्य को लेकर चौंकाने वाला दावा

स्वास्थ्यJammu-Kashmir: जम्‍मू कश्‍मीर में कैंसर का बढ़ता बोझ, 2018 से कश्मीर में 50,000 से ज्‍यादा मामले सामने आए

विश्वईरान ने युद्धविराम से किया इनकार, समाधान के लिए रखा 10-सूत्रीय फॉर्मूला? जानें

भारत3 दिन के भारत दौरे पर बांग्लादेशी विदेश मंत्री, क्या सुलझेंगे पुराने मुद्दे? जानें क्या मुद्दे शामिल

क्राइम अलर्टTamil Nadu: 6 साल बाद मिला न्याय! पिता-पुत्र की हिरासत में मौत केस में 9 पुलिसकर्मियों को मृत्युदंड

भारत अधिक खबरें

भारतWest Bengal: विधानसभा चुनावों से पहले बंगाल की वोटर लिस्ट से करीब 90 लाख नाम हटाए गए

भारतAssam Opinion Poll 2026: बीजेपी के नेतृत्व वाला एनडीए और भी बड़े बहुमत के साथ सत्ता में बना रहेगा, Matrize का अनुमान

भारतयूपी में सरकारी वकीलों की फीस 50% तक बढ़ाएगी सरकार, सरकारी खजाने पर बढ़ेगा 120 करोड़ रुपए का बोझ

भारत'मेरे पति 40 साल के हैं, मैं 19 की': मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में महिला ने अपने प्रेमी के साथ रहने का अधिकार जीता

भारत'IIT बाबा' अभय सिंह ने कर्नाटक की इंजीनियर से शादी की, पत्नी के साथ हरियाणा में अपने पैतृक गांव पहुंचे