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विपक्ष की चुनाव आयोग से मांग, EVM-VVPAT का मिलान हो पहले, पढ़ें 90 मिनट की बैठक में 22 पार्टी के नेताओं का पक्ष

By शीलेष शर्मा | Updated: May 22, 2019 03:53 IST

चुनाव आयोग में मुलाकात के बाद कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि पिछले कई महीनों से ईवीएम को लेकर समूचा विपक्ष शिकायतें चुनाव आयोग के समक्ष दर्ज करा रहा है लेकिन चुनाव आयोग ने आज तक उनका कोई निपटारा नहीं किया.

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ठळक मुद्देविपक्षी दलों ने चुनाव आयोग को ज्ञापन के साथ वे दस्तावेज भी सौंपे जिनमें इस बात के प्रमाण थे कि किस तरह ईवीएम का दुरुपयोग किया जा रहा है. इस समय आयोग ने वोटों की गिनती के लिए जो प्रक्रिया निर्धारित की है उसके अनुसार पहले ईवीएम से वोटो की गिनती होगी और अंत में ईवीएम और वीवीपैट के साथ मिलान किया जाएगा

लोकसभा चुनाव के परिणाम आने में अब सिर्फ एक दिन का समय शेष है. लेकिन परिणामों से पहले ही ईवीएम को लेकर हंगामा मचा हुआ है. देशभर से मिल रही खबरों के अनुसार कथित रुप से ईवीएम को बड़ी संख्या में स्ट्रॉग रुम से निकाल कर इधर से उधर किया जा रहा है. इन खबरों के मिलने के बाद आज पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने ईवीएम की विश्वसनीयता को लेकर उठ रहे सवालों पर गहरी चिंता व्यक्त की और अप्रत्यक्ष रुप से चुनाव आयोग को निष्पक्ष चुनावों के लिए जवाबदेही बता दिया. 

दूसरी ओर 22 राजनीतिक दलों ने लगभग 90 मिनट के मंथन के बाद चुनाव आयोग को मिलकर एक ज्ञापन सौंपा तथा ईवीएम को इधर से उधर ले जाने, उनको बदलें जाने और परिणामों में हेरा-फेरी को लेकर तमाम सवाल खड़े किए. विपक्षी दलों ने मांग की कि चुनाव आयोग यह सुनिश्चित करें कि वोटों की गिनती पहले ईवीएम और वीवीपैट के मिलान के साथ शुरु की जाए और यदि वोटों की गिनती में कोई विरोधाभास पाया जाता है तो समूचे विधानसभा क्षेत्र की गिनती के दौरान ईवीएम तथा वीवीपैट के मिलान के साथ हो. 

गौरतलब है कि इस समय आयोग ने वोटों की गिनती के लिए जो प्रक्रिया निर्धारित की है उसके अनुसार पहले ईवीएम से वोटो की गिनती होगी और अंत में ईवीएम और वीवीपैट के साथ मिलान किया जाएगा जो विपक्ष को मंजूर नहीं है. चुनाव आयोग में मुलाकात के बाद कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि पिछले कई महीनों से ईवीएम को लेकर समूचा विपक्ष शिकायतें चुनाव आयोग के समक्ष दर्ज करा रहा है लेकिन चुनाव आयोग ने आज तक उनका कोई निपटारा नहीं किया. उन्होंने आशंका व्यक्त की कि जिस तरह की खबरें आ रही है उससे लगता है कि सत्तारुढ़ दल भाजपा चुनाव नतीजों में हेराफेरी करना चाहता है. विभिन्न प्रांतों से जो खबरें अलग-अलग दलों को मिल रही है उनमें बड़े  पैमाने पर वे शिकायतें शामिल है जिनमें बिना किसी सूचना के रात के अंधेरे में ईवीएम को स्ट्रा़ग़ रुम से ट्रकों, जीपों और अन्य वाहनों में लाद कर ले जाया जा रहा है. मतदान के  दौरान ईवीएम की खराबी की शिकायतें तो कमोवेश हर क्षेत्र से मिली है. आजाद ने यह भी आरोप लगाया कि अनेक विधानसभा क्षेत्रों में किसी भी दल का बटन दबाने पर ईवीएम से वोट भाजपा के खाते में जा रहा था. जिसकी शिकायत तत्काल आयोग से की गयी थी. बहुजन समाज पार्टी के नेता सतीश मिश्रा ने कहा कि वोटों की गिनती के समय एआरओ टेबिल पर एजेंट को बैठने की इजाजत को उत्तर प्रदेश सरकार के अधिकारियों ने समाप्त कर दिया है जो स्वीकार्य नहीं है. उनकी मांग थी कि आयोग तत्काल सुनिश्चित करें कि वोटों की गिनती के समय एआरओ टेबिल पर एजेंट मौजूद रहें. चुनाव आयोग ने भरोसा दिया है कि वह इस बावत जांच पड़ताल करेगा और सुनिश्चित करेगा. वीवीपैट और ईवीएम के मिलान को लेकर क्या प्रक्रिया अपनाई जाए इस पर आयोग कल बैठक बुलाएगा और अंतिम निर्णय लेगा. 

जाने-माने अधिवक्ता और कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि पिछले डेढ़ साल से ईवीएम को लेकर आयोग को कहा जा रहा है लेकिन आयोग मूक दर्शक बना हुआ है. उन्होंने उदाहरण दिया कि दूध का गिलास यदि जहरीला है तो बिना सैंपल लिये उसे कैसे प्रयोग किया जाए. यदि आधे गिलास में ज़हर पाया जाता है तो यह तय है कि शेष आधे गिलास में भी ज़हर होगा. उनका तर्क था कि इसी आधार पर ईवीएम और वीवीपैट के मिलान का काम पहले हो उसके बाद ईवीएम से मतों की गिनती हो और यदि ईवीएम, वीवीपैट की गिनती में  फर्क़ आता है तो पूरे ईवीएम की गिनती का मिलान वीवीपैट से किया जाए. 

विपक्षी दलों ने चुनाव आयोग को ज्ञापन के साथ वे दस्तावेज भी सौंपे जिनमें इस बात के प्रमाण थे कि किस तरह ईवीएम का दुरुपयोग किया जा रहा है.  जिन नेताओं ने विपक्षी चर्चा और चुनाव आयोग में मुलाकात के समय हिस्सा लिया उनमें गुलाम नबी आजाद, अहमद पटेल, अशोक गहलोत, अभिषेक मनु सिंघवी, के.राजू, राजबब्बर सभी कांग्रेस, चंद्रबाबू नायडू टीडीपी, रामगोपाल यादव सपा, सीताराम येचुरी,टी.के. रंगराजन सीपीआईएम, अरविंद केजरीवाल आप, प्रफुल्ल पटेल, माजिद मेनन राकांपा, के.कानीमोझी, डीएमके, डॅरेक ओबरायन तृणमूल कांग्रेस, सतीश मिश्रा बसपा, मनोज झा राजद, सुधाकर रेड्डी और डी राजा सीपीआई, जावेद रजवा एलजेडी, के.जी. केन्ये एनपीएफ, के.रेडडी जेडीएस, जी श्रीनिवास रेड्डी आरएसपी, डॉ जी. मल्लेश जेएसएमटी, देवेंद्र सिंह राणा नेशनल कांफ्रेस, भीम सिंह जेकेएनपीपी, रजनीश कुमार हम, अशोक झा सीपीआईएमएल सहित कुछ अन्य नेता शामिल थे.  

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