लाइव न्यूज़ :

गुजरात के 21.8 फीसदी घरों में कोरोना महामारी के दौरान नहीं जला एक वक्त का चूल्हा: सर्वे

By अनुराग आनंद | Updated: December 12, 2020 13:02 IST

हाल ही में अन्ना सुरक्षा अभियान (गुजरात) के तहत किए 'हंगर वॉच' सर्वे में पता चला है कि 21.8 फीसदी घरों में एक समय का खाना नहीं बन पाया है।

Open in App
ठळक मुद्देकोरोना महामारी के बीच गुजरात सरकार ने भुखमरी को खत्म के लिए भी कई प्रभावी कदम उठाए हैं। गुजरात में 20.6 फीसदी घरों में अनाज ना होने की वजह से खाना नहीं बन सका।

गांधीनगर: हंगर वाच नाम के एक संगठन ने अपने सर्वे में इस बात की खुलासा किया है कि कोरोना महामारी के दौरान गुजरात राज्य के अंदर करीब 21.8 फीसदी घरों में एक वक्त का खाना नहीं बन सका। रिपोर्ट से साफ है कि महामारी के दौरान काफी सारे लोगों को भूखे भी सोना पड़ा है।

साल 2020 का अंत भले ही अब करीब आ गया है। लेकिन, हर कोई अब बेसब्री से नए साल का इंतजार कर रहा है, कोरोना महामारी के लिए साल 2020 अधिकांश लोगों के लिए अच्छा नहीं रहा है। लॉकडाउन की वजह से काफी सारे लोग पैदल ही अपने घर की ओर निकल पड़े थे। उस दौरान कई लोगों की किसी ना किसी वजह से मौत भी हुई।

इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, इस साल काफी सारे लोगों के हाथ से महामारी की वजह से नौकरी चली गई, जिस वजह से देश के अधिकतर हिस्सों में भुखमरी भी छायी हुई है।

अन्ना सुरक्षा अभियान के तहत संगठन ने किया सर्वे 

कोरोना महामारी के बीच गुजरात सरकार ने भुखमरी को खत्म के लिए भी कई प्रभावी कदम उठाए हैं। हाल ही में अन्ना सुरक्षा अभियान (गुजरात) के तहत किए 'हंगर वॉच' सर्वे में पता चला है कि 20.6 फीसदी घरों में अनाज ना होने की वजह से खाना नहीं बन सका।

वहीं, 21.8 फीसदी घरों में एक वक्त का खाना भी नहीं बन सका। अहमदाबाद, आणंद, भरूच, भावनगर, दाहोद, मोरबी, नर्मदा, पंचमहल और वडोदरा सहित नौ जिलों में ये सर्वे सितंबर और अक्टूबर के महीने में किया गया था।

लॉकडाउन के पांच महीने बाद भी भूख की स्थिति 

हंगर वॉच सर्वे से पता चला है कि लॉकडाउन ख़त्म होने के पांच महीने बाद भी भूख की स्थिति काफी गंभीर है। वहीं, बड़ी संख्या में घरों (62 फीसदी) में आय घटी है, अनाज (53 फीसदी), दालें (64 फीसदी), सब्जियां (73 फीसदी) और अंडे/मांसाहारी पदार्थों (71 फीसदी), पोषण गुणवत्ता की मात्रा (71 फीसदी) में कमी आई है। इसके अलावा, 45 फीसदी घरों में भोजन खरीदने के लिए पैसे उधार लेने की जरूरत बढ़ी है।

टॅग्स :गुजरातकोरोना वायरस
Open in App

संबंधित खबरें

भारतगोदाम में भर रहे थे नाइट्रोजन गैस?, विस्फोट में 4 की मौत और 2 घायल

भारतPM मोदी आज गुजरात में मनाएंगे महावीर जयंती, 20,000 करोड़ रुपये की परियोजनाओं समेत कई घोषणाओं की उम्मीद

क्राइम अलर्ट13 और 14 वर्ष की 2 बेटियों से बलात्कार, 1 हुई गर्भवती तो खुलासा, मां के 38-वर्षीय 'लिव-इन पार्टनर' ने किया हैवानियत

क्राइम अलर्टदोस्त की पत्नी से बातचीत और धीरे-धीरे प्यार?, पति ने आपत्तिजनक स्थिति में पकड़ा और जमकर कुटाई, सुबह वरमाला डाल की शादी?

भारतगुजरात में 182 विधानसभा सीट और मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने जीएसआरटीसी की 182 नई बसों को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना, कहा-62 करोड़ रुपये की लागत से विस्तार

भारत अधिक खबरें

भारतबिहार में शराबबंदी कानून को लेकर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने उठाया सवाल, कहा- बिहार में 40 हजार करोड़ रुपये की एक समानांतर अवैध अर्थव्यवस्था खड़ी हो गई है

भारतमुख्यमंत्री नीतीश कुमार के सामने जदयू नेताओं ने लगाया निशांत कुमार जिंदाबाद, CM भी मुस्कुराए

भारतबिहार में मुख्यमंत्री चुनना भाजपा के लिए बनी बड़ी सिरदर्दी, सम्राट चौधरी के नाम पर दल में टूट की संभावना, संघ बैकग्राउंड के नेता की हो रही है मांग

भारतएनएसजी कमांडोज के करतब देख रोमांचित हुए सीएम डॉ. मोहन, कहा- जवानों ने योग्यता-बुद्धिमत्ता-निडरता का अहसास कराया

भारतरामअवतार जग्गी हत्याः अमित जोगी को आजीवन कारावास की सजा