2016 रास चुनाव: निलंबित एडीजी अनुराग गुप्ता की गिरफ्तारी पर रोक

By भाषा | Updated: June 18, 2021 21:00 IST2021-06-18T21:00:05+5:302021-06-18T21:00:05+5:30

2016 Rashtriya Elections: Ban on arrest of suspended ADG Anurag Gupta | 2016 रास चुनाव: निलंबित एडीजी अनुराग गुप्ता की गिरफ्तारी पर रोक

2016 रास चुनाव: निलंबित एडीजी अनुराग गुप्ता की गिरफ्तारी पर रोक

रांची, 18 जून झारखंड में 2016 में हुए राज्यसभा चुनाव में विधायकों की कथित खरीद-फरोख्त मामले में मुख्य आरोपी निलंबित अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एडीजी) अनुराग गुप्ता को शुक्रवार को झारखंड उच्च न्यायालय से तब तात्कालिक राहत मिली जब अदालत ने इस मामले में सुनवायी की अगली तिथि 11 अगस्त तक उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगा दी।

न्यायमूर्ति एस के द्विवेदी की पीठ ने सुनवायी की अगली तिथि तक एडीजी अनुराग गुप्ता की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी तथा इस मामले में राज्य सरकार को नोटिस जारी करके जवाब मांगा है। यद्यपि उच्च न्यायालय ने इस मामले में याचिका के अनुसार भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम को जोड़ने पर किसी प्रकार की रोक नहीं लगाई है और जांच एजेंसी को अपनी जांच भी जारी रखने की छूट दी है।

झारखंड उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार से इस मामले में विस्तृत जवाब मांगा है। मामले में अगली सुनवाई 11 अगस्त को होगी।

अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक अनुराग गुप्ता ने उच्च न्यायालय में याचिका दाखिल करके 2016 के राज्यसभा चुनाव में कथित खरीद फरोख्त के मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम जोड़े जाने को चुनौती दी है। सुनवाई के दौरान अनुराग गुप्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता सिद्धार्थ लुथरा ने कहा कि राज्य सरकार ने एडीजी अनुराग गुप्ता को परेशान करने की मंशा से इस मामले में अब भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम जोड़ने के लिए आवेदन दिया है।

उन्होंने अदालत को बताया कि यह घटना वर्ष 2016 की है। उन्होंने बताया कि एक सीडी के आधार पर चुनाव आयोग के निर्देश पर 29 मार्च 2018 को प्राथमिकी दर्ज की गई थी जिसमें जमानती धाराएं लगाई गई थीं। उन्होंने बताया कि अपराध अनुसंधान प्रयोगशाला (फारेंसिक लैब) ने सीडी को पूरी तरह से सही नहीं माना और मूल डिवाइस की मांग की। उन्होंने बताया कि फरवरी 2021 में उच्च न्यायालय के आदेश के बाद मूल डिवाइस को जांच के लिए फारेंसिक लैब भेजा गया है और वहां से रिपोर्ट आने से पहले ही अनुसंधान अधिकारी ने निचली अदालत में आवेदन देकर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम जोड़ने की मांग की है।

उन्होंने बताया कि अब मजिस्ट्रेट अदालत ने मामले को सतर्कता विभाग की विशेष अदालत में भेज दिया। उन्होंने कहा कि इस मामले में सीआरपीसी के प्रवधानों का सही से पालन नहीं किया गया है। अगर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम जोड़ा जाता है तो अनुराग गुप्ता की कभी भी गिरफ्तारी हो सकती है, इसलिए उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगाई जाए।

राज्य सरकार के महाधिवक्ता राजीव रंजन की ओर से इसका विरोध किया गया। उन्होंने कहा कि जांच में इनके खिलाफ पर्याप्त सूबत मिले हैं जिनके आधार पर अनुसंधान अधिकारी ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम जोड़ने के लिए अदालत में आवेदन दिया है।

इसके बाद उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार को चार सप्ताह में विस्तृत जवाब दाखिल करने का निर्देश देते हुए सुनवायी की अगली तिथि तक अनुराग गुप्ता की गिरफ्तारी रोक लगा दी।

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Web Title: 2016 Rashtriya Elections: Ban on arrest of suspended ADG Anurag Gupta

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