महात्मा ज्योतिराव फुले जयंतीः राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन, पीएम मोदी और राहुल गांधी ने किया नमन?, वीडियो
By सतीश कुमार सिंह | Updated: April 11, 2026 11:43 IST2026-04-11T11:21:49+5:302026-04-11T11:43:47+5:30
महात्मा ज्योतिराव गोविंदराव फुले का जन्म 1827 में आज ही के दिन महाराष्ट्र के सातारा जिले के कटगुन गांव में हुआ था।

Jyotirao
नई दिल्लीः महात्मा ज्योतिराव गोविंदराव फुले 19वीं सदी के एक महान समाज सुधारक, समाज प्रबोधक, विचारक, समाजसेवी, लेखक, दार्शनिक तथा क्रांतिकारी कार्यकर्ता थे। महात्मा फुले एवं ज्योतिबा फुले के नाम से प्रसिद्ध गोविंदराव का जन्म 11 अप्रैल 1827 में महाराष्ट्र के सतारा में हुआ था। उन्होंने अपना पूरा जीवन स्त्रियों को शिक्षा का अधिकार दिलाने, बाल विवाह पर रोक लगवाने के प्रयासों में लगा दिया।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने प्रख्यात समाज सुधारक ज्योतिराव फुले को शनिवार को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उन्होंने अपना जीवन हाशिए पर रह रहे समुदायों के उत्थान के लिए समर्पित कर दिया। महात्मा ज्योतिराव फुले की जयंती पर मैं उन्हें सादर श्रद्धांजलि अर्पित करता हूँ। उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन ने नमन किया।
वे एक अग्रणी समाज सुधारक थे जिन्होंने अपना जीवन हाशिए पर पड़े लोगों के उत्थान और शिक्षा को बढ़ावा देने, विशेषकर महिलाओं और वंचितों के लिए समर्पित कर दिया। उनके अथक प्रयासों ने अधिक न्यायपूर्ण और समतावादी समाज की नींव रखी। समानता, सामाजिक न्याय और सशक्तिकरण के उनके आदर्श पीढ़ियों को एक समावेशी भारत के निर्माण के लिए प्रेरित करते रहेंगे।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने प्रख्यात समाज सुधारक ज्योतिराव फुले की जयंती पर शनिवार को उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि महान समाज सुधारक महात्मा फुले की 200वीं जयंती वर्ष के समारोहों का शुभारंभ हो रहा है। उन्होंने अपना पूरा जीवन शिक्षा, ज्ञान और जन कल्याण को समर्पित कर दिया। वे कैसे आज भी करोड़ों देशवासियों के लिए प्रेरणापुंज बने हुए हैं, मैंने इस आलेख में अपने विचार रखे हैं।
उनका जीवन समानता, न्याय और शिक्षा के आदर्शों के लिए समर्पित था।फुले का जन्म 11 अप्रैल, 1827 को महाराष्ट्र में हुआ था और उनका निधन 28 नवंबर, 1890 को हुआ। राहुल गांधी ने याद किया और लिखा कि महान समाज सुधारक महात्मा ज्योतिबा फुले जी की जयंती पर उन्हें सादर नमन।
उन्होंने अपना संपूर्ण जीवन बहुजनों के हक और अधिकारों की रक्षा के लिए समर्पित कर दिया। भेदभाव और असमानता के विरुद्ध उनके संघर्ष ने देश को समता और न्याय का मार्ग दिखाया। उनके आदर्श और विचार सदैव हमें सामाजिक न्याय की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते रहेंगे।
President Droupadi Murmu paid floral tributes to Mahatma Jyotirao Phule on his birth anniversary at Prerna Sthal, Samvidhan Sadan. Mahatma Jyotirao Phule devoted his life to the upliftment of marginalized communities. He made significant contributions to the advancement of… pic.twitter.com/kPcPSM8DiL
— President of India (@rashtrapatibhvn) April 11, 2026
Vice President Shri C. P. Radhakrishnan paid floral tributes to Mahatma Jyotirao Phule on his birth anniversary at the Parliament House premises today. pic.twitter.com/UWfxmTIjRg
— Vice-President of India (@VPIndia) April 11, 2026
As we begin the 200th birth anniversary celebrations of Mahatma Phule, penned a few thoughts on how he is a guiding light for several people and how his emphasis on education, learning and welfare of all are relevant in today’s age.https://t.co/Q7cY1mB8k3
— Narendra Modi (@narendramodi) April 11, 2026
आपण महात्मा फुले यांच्या जयंतीच्या द्विशताब्दी वर्षात पाऊल ठेवत असल्याच्या पार्श्वभूमीवर, ते कशा प्रकारे अनेक लोकांसाठी मार्गदर्शक दीपस्तंभ ठरले आहेत तसेच त्यांनी शिक्षण, अध्ययन आणि सर्वांच्या कल्याणावर दिलेला भर आजच्या युगातही कसा समर्पक आहे, याबद्दलचे काही विचार लेखणीतून उतरवले…
— Narendra Modi (@narendramodi) April 11, 2026
महान समाज सुधारक महात्मा फुले की 200वीं जयंती वर्ष के समारोहों का शुभारंभ हो रहा है। उन्होंने अपना पूरा जीवन शिक्षा, ज्ञान और जन कल्याण को समर्पित कर दिया। वे कैसे आज भी करोड़ों देशवासियों के लिए प्रेरणापुंज बने हुए हैं, इसी को लेकर मैंने इस आलेख में अपने विचार रखे हैं।…
— Narendra Modi (@narendramodi) April 11, 2026
महान समाज सुधारक महात्मा ज्योतिबा फुले जी की जयंती पर उन्हें सादर नमन।
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) April 11, 2026
उन्होंने अपना संपूर्ण जीवन बहुजनों के हक और अधिकारों की रक्षा के लिए समर्पित कर दिया। भेदभाव और असमानता के विरुद्ध उनके संघर्ष ने देश को समता और न्याय का मार्ग दिखाया।
उनके आदर्श और विचार सदैव हमें सामाजिक… pic.twitter.com/GX0YWdqAw8