नोएडा, 15 नवंबर ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण क्षेत्र के गांवों और सेक्टरों की अंदरूनी सड़कों की सफाई तथा यहां से निकलने वाले ठोस कचरे के प्रबंधन के लिये इच्छुक कंपनियों से आरएफपी (रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल) मांगे हैं। इस पर 121 करोड़ रुपए से अधिक के खर्च का आकलन है। एक अधिकारी ने सोमवार को यह जानकारी दी।
इससे पहले प्राधिकरण ने गांव व शहरों की अंदरूनी सड़कों की सफाई के लिए आरएफपी जारी कर दिया है, जिस पर चार साल में करीब 150 करोड रुपए खर्च होने का अनुमान है।
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के मीडिया प्रभारी ने बताया कि ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के अधीन 124 गांव आते हैं। गांव व शहर मिलाकर ग्रेटर नोएडा में रोजाना करीब 300 टन कूड़ा निकलता है। प्राधिकरण के सीईओ नरेंद्र भूषण की कोशिशों से पहली बार इन गांवों से निकलने वाले कूड़े को कलेक्शन प्वाइंट से उठाने की विस्तृत योजना तैयार की गई है।
उन्होंने बताया कि प्राधिकरण ने कंपनी का चयन करने के लिए ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने कंपनियों से ‘रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल’ मांगे हैं। इसमें आवेदन करने की अंतिम तिथि 22 नवंबर है। कंपनी 10 साल के लिए चयनित की जाएगी। इस काम के लिए प्राधिकरण ने 121.23 करोड़ रुपए खर्च होने का आकलन लगाया है।
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