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छत्तीसगढ़ में सुरक्षबलों को मिली बड़ी सफलता, मुठभेड़ में मार गिराए गए 10 नक्सली

By भाषा | Updated: February 7, 2019 21:10 IST

अवस्थी ने बताया कि पुलिस को क्षेत्र में माओवादियों के डिविजनल कमेटी के सदस्य राजमन मंडावी और सुखलाल समेत लगभग 50 नक्सलियों की मौजूदगी की जानकारी मिली थी। पुलिस को यह भी सूचना मिली थी कि नक्सली क्षेत्र में प्रशिक्षण शिविर चला रहे हैं।

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छत्तीसगढ़ में नई सरकार के गठन के बाद राज्य की पुलिस ने मुठभेड़ में 10 नक्सलियों को मार गिराया है। राज्य के पुलिस महानिदेशक डीएम अवस्थी ने बृहस्पतिवार को यहां संवाददाता सम्मेलन में बताया कि जिले के भैरमगढ़ थाना क्षेत्र के अंतर्गत बोरगा गांव के निकट जंगल में हुई मुठभेड़ में 10 नक्सलियों को मार गिराया है।

अवस्थी ने बताया कि पुलिस को क्षेत्र में माओवादियों के डिविजनल कमेटी के सदस्य राजमन मंडावी और सुखलाल समेत लगभग 50 नक्सलियों की मौजूदगी की जानकारी मिली थी। पुलिस को यह भी सूचना मिली थी कि नक्सली क्षेत्र में प्रशिक्षण शिविर चला रहे हैं।

उन्होंने बताया कि सूचना के बाद क्षेत्र के लिए लगभग दो सौ की संख्या में स्पेशल टास्क फोर्स और डीआरजी के जवानों को नक्सल विरोधी अभियान के लिए रवाना किया गया था।

पुलिस अधिकारी ने बताया कि जब पुलिस दल बोरगा गांव के करीब पहुंचा तब नक्सलियों ने पुलिस दल पर गोलीबारी शुरू कर दी और बारूदी सुरंग में विस्फोट भी किया। जिसका पुलिस दल ने भी जवाब दिया।

उन्होंने बताया​ कि दोनों ओर से लगभग ढाई घंटे तक गोलीबारी के बाद जब घटनास्थल की तलाशी ली गई, तब वहां से 10 वर्दीधारी नक्सलियों के शव, 11 भरमार बंदूक और 315 बोर की एक रिवाल्वर बरामद की गई। पुलिस ने घटनास्थल से विस्फोटक और अन्य सामान भी बरामद किया है।

अवस्थी ने कहा कि यह एक सूचना आधारित अभियान था जिसमें पुलिस को सफलता मिली है। पुलिस बल की सहायता के लिए अतिरिक्त सुरक्षा बल को क्षेत्र के लिए रवाना किया गया है तथा नक्सलियों के शवों को लाया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि अभी तक मुठभेड़ में मारे गए नक्सलियों की पहचान नहीं हो पाई है। जब सुरक्षा बल के जवान शवों को लेकर शिविर में पहुंचेंगे तब उनकी पहचान कराई जाएगी।

पुलिस महानिदेशक ने कहा कि बीजापुर पुलिस की यह बड़ी सफलता है। इस क्षेत्र में दो दिनों पहले भी तीन जिलों की पुलिस के द्वारा एक अभियान चलाया गया था लेकिन उसमें सफलता नहीं मिली थी।

अवस्थी ने कहा कि राज्य में नक्सलवाद की जड़े गहरी थी और उन क्षेत्रों में अभियान चलाया जा रहा है, जहां नक्सली प्रशिक्षण शिविर चलाते हैं। यह पुलिस खुफिया तंत्र की सफलता का अभियान है। पिछले तीन वर्ष में जितने भी बड़े अभियान चलाये गए हैं, वे सूचना के आधार पर ही चलाये गए हैं।

छत्तीसगढ़ में दिसंबर, 2018 में कांग्रेस की नेतृत्व वाली नई सरकार के गठन के बाद राज्य में यह पहली मुठभेड़ है जिसमें बड़ी संख्या में नक्सली मारे गए हैं। राज्य के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा है कि उनकी सरकार नक्सल क्षेत्रों के प्रभावितों से बात कर क्षेत्र में शांति का प्रयास करेगी।

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