लाइव न्यूज़ :

कोविड-19 टीके के लिए विनिर्माण सुविधाओं पर 5 हजार करोड़ रुपये तक निवेश की जरूरत: जायडस कैडिला

By भाषा | Updated: September 22, 2020 15:07 IST

जायडस कैडिला के चेयरमैन पंकज आर पटेल ने कहा है कि इस टीके की लागत अन्य वैक्सीन की तुलना में कहीं अधिक होगी

Open in App
ठळक मुद्देटीका कोविड-19 समस्या का एकमात्र समाधान नहींअन्य वैक्सीन की तुलना में कोरोना वैक्सीन की लागत अधिक 100 प्रतिशत लोगों में रोग प्रतिरोधक क्षमता की संभावना नहीं

दुनिया में कोविड-19 के टीके का बेसब्री से इंतजार हो रहा है। वहीं जायडस कैडिला के चेयरमैन पंकज आर पटेल ने कहा है कि भारत को अपने आबादी को व्यापक रूप से इस महामारी का टीका उपलब्ध कराने के लिए अतिरिक्त सुविधाओं के विकास पर 3,000 से 5,000 करोड़ रुपये का निवेश करने की जरूरत होगी। 

टीका कोविड-19 समस्या का एकमात्र समाधान नहींइसके साथ ही पटेल ने कहा कि वैक्सीन या टीका कोविड-19 समस्या का एकमात्र समाधान नहीं है। पटेल ने कहा कि भारत को यदि एक साल में 130 करोड़ लोगों को इसकी खुराक की आपूर्ति करनी होगी, तो मेरी राय में हमें विनिर्माण सुविधाओं पर 3,000 करोड़ से 5,000 करोड़ रुपये का निवेश कर अतिरिक्त क्षमता का सृजन करना होगा। 

अन्य वैक्सीन की तुलना में कोरोना वैक्सीन की लागत अधिक अखिल भारतीय प्रबंधन संस्थान (एआईएमए) द्वारा आयोजित कार्यक्रम में 'कोविड वैक्सीन के लिए दौड़: सिर्फ इलाज से कहीं अधिक' पर पैनल चर्चा में पटेल ने कहा कि ये वैक्सीन काफी मुश्किल प्लेटफॉर्म से आ रही हैं। इस टीके की लागत अन्य वैक्सीन की तुलना में कहीं अधिक होगी। ऐसे में यह सोचने की जरूरत है कि हम इसका वित्तपोषण किस तरह से करेंगे।' 

100 प्रतिशत लोगों में रोग प्रतिरोधक क्षमता की संभावना नहींउन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यह टीका महामारी के नियंत्रण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। पटेल ने कहा, 'मेरे विचार में सिर्फ वैक्सीन समस्या का समाधान नहीं है।

हमें टीके की जरूरत तो है, साथ ही इलाज के प्रोटोकॉल की भी जरूरत है, जिससे हमें इसे संभाल पाएं। मेरी राय में दुनिया में जिस तरह से इस टीके के परीक्षण को डिजाइन किया गया है, ऐसे में 100 प्रतिशत लोगों में रोग प्रतिरोधक क्षमता की संभावना नहीं बनती है।' 

130 करोड़ से अधिक खुराक की जरूरतपटेल ने कहा कि इस टीके की आवश्यकता भी काफी ऊंची होगी। इस बात को ध्यान में रखते हुये की सभी टीके की कम से कम दो खुराक देनी होगी। यदि हम भारत की आबादी को देखें और 50 प्रतिशत को इसे उपलब्ध कराना है तो हमें 130 करोड़ से अधिक खुराक चाहिये। 

इतनी क्षमता किसी के पास नहीं है। यदि क्षमता हो भी तो भी इसे एक दिन में तैयार नहीं किया जा सकता है। यह केवल लंबे समय में ही हो सकता है। यह भी देखने की जरूरत है कि टीके से रोक प्रतिरोधक क्षमता कितने समय तक बनी रहेगी। यदि यह टीके से लंबे समय तक रहती है तो बहुत अच्छी बात है लेकिन यदि अल्प समय के लिये ही होती है तो हमें बार बार लोगों को टीका देना होगा, यह चुनौती होगी।

टॅग्स :कोरोना वायरसकोविड-19 इंडियाहेल्थ टिप्समेडिकल ट्रीटमेंट
Open in App

संबंधित खबरें

स्वास्थ्यसन फार्मा ने लॉन्च किया ‘हार्ट के लिए 8- मेकिंग इंडिया हार्ट स्ट्रॉन्ग’ कैंपेन, दिल के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए भारतीयों से रोजाना में अच्छी आदतें अपनाने का आग्रह

स्वास्थ्यरात में सिर्फ़ 11 मिनट ज़्यादा सोने से हार्ट अटैक का खतरा हो सकता है कम

स्वास्थ्यरूमेटॉइड आर्थराइटिस विशेषज्ञ डॉ. मुकेश शारदा को Guinness World Records से अंतरराष्ट्रीय सम्मान

स्वास्थ्यक्या हीटवेव के दौरान आपकी किडनी को खतरा है? पीक गर्मी आने से पहले जानने हैल्थ टिप्स की ज़रूरी बातें

स्वास्थ्यकौन हैं डॉ. आरती किनिकर?, सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवा में खास उपलब्धि के लिए लोकमत महाराष्ट्रीयन ऑफ द ईयर 2026 पुरस्कार

स्वास्थ्य अधिक खबरें

स्वास्थ्यऑटिज्म : समझ और स्वीकार्यता की जरूरत

स्वास्थ्यफोर्टिफाइड चावल : पोषण या स्वास्थ्य पर संकट ?

स्वास्थ्यचीनी का सेवन कम कीजिए और खाना बनाते समय तेल का प्रयोग 10 प्रतिशत तक घटाएं?, प्रधानमंत्री मोदी बोले-छोटे प्रयास करिए और मोटापे को दूर भगाएं?

स्वास्थ्यसाल 2024 में 34539 लोगों की मौत हार्ट अटैक?, दिल्ली पुलिस और iLive Connect में करार, हृदय बीमारी पर वार

स्वास्थ्य1 अप्रैल से महंगी होंगी दवाइयां; पेनकिलर और एंटीबायोटिक के लिए देने होंगे इतने रुपये, जानें कितनी ढीली होगी जेब