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World Sleep Day : उम्र के अनुसार कितनी देर सोना जरूरी, नींद नहीं आने के कारण, नींद से जुड़े रोग, कैसे आएगी प्यारी नींद ?

By उस्मान | Updated: March 13, 2020 09:58 IST

World Sleep Day : अगर आप ऑफिस जाते हैं, तो आपको इतने घंटे जरूर सोना चाहिए

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World Sleep Day : हर साल 15 मार्च को दुनिया भर में वर्ल्ड स्लीप डे मनाया जाता है। लोगों को नींद की अहमियत बताने और नींद से जुड़ी परेशानियों के प्रति उजागर करने के मकसद से वर्ल्ड स्लीप कमिटी द्वारा साल का एक दिन गठित किया गया है।

इस दिन कमिटी द्वारा खास वर्कशॉप और इवेंट कराए जाते हैं जिसमें नींद से जुड़ी हर छोटी-बड़ी जानकारी दी जाती है। ताकि लोग नींद की जरूरत को समझें और अपने लाइफस्टाइल की ओर ध्यान देते हुए स्वस्थ जीवन बिताएं। 

इंसानी शरीर को नींद की उतनी ही जरूरत है जितनी खाने पीने की। नींद का ना आना बीमारी का संकेत हो सकता है। एक व्यक्ति को रोजाना कम से कम 8 घंटे की नींद लेनी चाहिए।

रात में पर्याप्त नींद लेने से हमारा शरीर कई रोगों से बच जाता है। लेकिन यही अगर हम रात में देरी से सोएं और सुबह जल्दी उठ जाएं, नींद पूरी ना करें, तो कुछ ही समय के अन्दर हमारा शरीर विभिन्न बीमारियों की चपेट में आ जाता है। नींद पूरी ना करने से पाचन तंत्र में कमजोरी, मानसिक रूप से तनाव और यहां तक कि सेक्स लाइफ पर भी बुरा असर पड़ता है।

जो लोग लंबे समय तक नींद पूरी नहीं कर पाते हैं, उनकी सेक्स लाइफ खराब हो जाती है। जाहिर है नींद पूरी नहीं होने से व्यक्ति चिड़चिड़ापन और थकावट महसूस करता है और इन दोनों चीजों का सेक्स लाइफ से गहरा रिश्ता होता है। थकावट और तनाव की वजह सेक्स इच्छा में भी कमी आ जाती है। व्यक्ति को ऐसा लगता है जैसे उसे अपनी नींद पूरी करनी है और सेक्स की तरफ ध्यान नहीं दे पाता है।

नींद क्यों जरूरी है

दिल्ली के मशहूर साइकेट्रिस्ट डॉक्टर अभिनव मोंगा के अनुसार, बिस्तर सेक्स और स्लीप के लिए है लेकिन कुछ लोग बिस्तर पर खाना, टीवी देखना, पढ़ाई करते हैं जोकि गलत है। इसलिए बिस्तर को सेक्स और स्लीप के लिए ही इस्तेमाल करें, तो दोनों काम बेहतर तरीके से हो पाएंगे।

एक व्यक्ति को रोजाना कम से कम 8 घंटे की नींद लेनी चाहिए। नींद पूरी नहीं होने से आपको ध्यान लगाने में परेशानी, चिड़चिड़ापन, काम में मन ना लगना, गुस्सा आना, किसी चीज में दिल ना लगना या थकावट होना आदि समस्याएं हो सकती हैं। डॉक्टर के अनुसार, 10 फीसदी लोगों को नींद नहीं आने की समस्या है जिसमें 50 फीसदी लोगों को साइकोलॉजिकल प्रॉब्लम होती हैं।

नींद नहीं आने के कारण

नींद नहीं के कारणों में काम का बोझ, शिफ्ट, रात के समय चाय या अल्कोहल का अधिक सेवन, डिनर में भारी खाना, जर्नल रूटीन फॉलो नहीं करना शामिल हैं। इनके अलावा कुछ शारीरिक और मानसिक बीमारियां भी कारण बनती हैं जैसे अस्थमा, सांस लेने में दिक्कत, हार्ट डिजीज, माइग्रेन शामिल हैं। लंबे समय तक नींद नहीं आने का सबसे बड़ा कारण  साइकोलॉजिकल प्रॉब्लम होती हैं।

बेहतर नींद के लिए इन बातों का रखें ध्यान

- सोने और उठने का टाइम फिक्स करें- हैवी डिनर ना लें - स्मोकिंग और अल्कोहल से बचें - शाम को 6 बजे के बाद चाय पीने से बचें - सोने से 3 घंटे पहले तक हैवी एक्सरसाइज ना करें - दिन में सोने से बचें - सोने का कमरा डार्क, कूल और साउंड नहीं होना चाहिए - सोने से पहले रिलैक्सेशन एक्सरसाइज भी है जरूरी

किस उम्र के व्यक्ति को कितने घंटे सोना चाहिए

3 माह से 11 माह के छोटे नवजात को 14 से 15 घंटों की नींद जरूरी है।12 से 35 माह के बच्चों को 12 से 14 घंटे की नींद लेनी चाहिए।6 से 10 साल के स्कूल जाने वाले बच्चों को लिए दस घंटे की नींद लेनी चाहिए।11 से 18 वर्ष के लोगों को कम से कम 9 घंटों की नींद लेना आवश्यक है।नौकरी पेशे वाले लोगों को जिनकी उम्र 20 से अधिक है वे कम से कम 8 घंटे की नींद जरूर लें।बुढ़ापे में सोने की कोई समय सीमा नहीं है।

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