लाइव न्यूज़ :

पांव पर पानी गिरने से बने छाले ने कटवा दिया पूरा पैर, पढ़ें डायबिटीज के मरीज की रोंगटे खड़े करने वाली सच्ची कहानी

By उस्मान | Updated: November 14, 2018 11:57 IST

World Diabetes Day : डायबिटीज के मरीजों को घाव भर पाने की कमजोर क्षमता के साथ ही, खराब ब्लड सर्कुलेशन की वजह से शरीर की इन्फेक्शन से लड़ने की क्षमता खत्म होने लगती है। इसलिए अगर आपको शरीर के किसी भी हिस्से में लाल निशान, खुजली, सूजन, जलना, कटना या घाव हो गया है, तो बिना देरी किए आपको डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। 

Open in App

डायबिटीज एक बहुत ही घातक रोग है। इस रोग में शरीर के हर हिस्से को धीरे-धीरे बर्बाद करने की क्षमता होती है। डायबिटीज की वजह से आप ऐसी बीमारियों की चपेट में आ जाते हैं, जिनका इलाज अगर सही समय पर ना किया जाए तो यह जानलेवा हो सकता है। 14 नवंबर को विश्व मधुमेह दिवस World Diabetes Day के रूप में मनाया जाता है। इंडियन डायबिटीज फेडरेशन (आईडीएफ) के अनुसार भारत में लगभग 7.2 करोड़ लोग डायबिटीज से पीड़ित हैं। डायबिटीज को धीमी मौत भी कहा जाता है। यह ऐसी बीमारी है जो एक बार किसी के शरीर को पकड़ ले, तो उसे फिर जीवन भर छोड़ती नहीं। यानी इस बीमारी का कोई इलाज नहीं है। केवल बेहतर जीवनशैली, खानपान और एक्सरसाइज के जरिए ही इसे कंट्रोल किया जा सकता है। 

डायबिटीज में एक समय के बाद रक्त का संचार (ब्लड सर्कुलेशन) भी प्रभावित होता है, जिसकी वजह से शरीर का घाव जल्दी नहीं भर पाता। इसलिए अगर छोटी से छोटी चोट, घाव, छालों को भरने में समय लगता है, तो यह इस बात की चेतावनी है कि अब आपको अपने डायबिटीज को कंट्रोल करना चाहिए।  

डायबिटीज के मरीजों को घाव भर पाने की कमजोर क्षमता के साथ ही, खराब ब्लड सर्कुलेशन की वजह से शरीर की इन्फेक्शन से लड़ने की क्षमता खत्म होने लगती है। इसलिए अगर आपको शरीर के किसी भी हिस्से में लाल निशान, खुजली, सूजन, जलना, कटना या घाव हो गया है, तो बिना देरी किए आपको डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। 

डायबिटीज के रोगियों में त्वचा संक्रमण सबसे अधिक होता है, खासकर उस समय जब शुगर का लेवल बहुत अधिक बढ़ा हुआ हो। उनकी त्वचा बहुत ही संवेदनशील हो जाती है। जरा सी खरोंच भी गंभीर घाव का रूप ले लेती है। ऐसे में उन्हें अपनी त्वचा की खास देखभाल करनी चाहिए। डायबिटीज से पीड़ित बहुत से लोग इस बीमारी को गंभीरता से नहीं लेते हैं। डॉक्टर की सलाह को अनदेखा कर उल्टी-सीधी चीजों का सेवन करते हैं। इतना ही नहीं कोई चोट लगने या घाव होने पर भी सतर्क नहीं होते हैं। आपको बता दें कि डायबिटीज के मरीजों को शरीर में किसी तरह की चोट, जलने, घाव या कटने की अनदेखी करना बहुत ज्यादा महंगा पड़ सकता है। इसका दिल दहलाने वाला एक मामला मैं आपके साथ शेयर कर रहा हूं। 

मेरे मामा ससुर डायबिटीज से पीड़ित हैं। पिछले कुछ सालों में उनका ब्लड शुगर लेवल ज्यादा बढ़ने लगा था जिस वजह से उन्हें रोजाना इंसुलिन के इंजेक्शन दिए जा रहे थे। हालांकि बाद में उन्होंने बेहतर डाइट लेने के साथ फिजिकल एक्टिविटी भी करनी शुरू कर दी थी। इसका नतीजा यह हुआ कि उनका शुगर लेवल मेंटेन रहने लगा और इंसुलिन इंजेक्शन भी लगने बंद हो गए। डायबिटीज लाइलाज बीमारी है और इसका एकमात्र इलाज सिर्फ इसे कंट्रोल रखना है। यही वजह है कि डॉक्टर डायबिटीज के मरीजों को बेहतर खानपान के साथ एक्सरसाइज करने की सलाह देते हैं। 

जब उनका ब्लड शुगर मेंटेन रहने लगा तो वो सब कुछ भूलकर फिर से खराब जीवनशैली का पालन करने लगे। गुनगुने पानी की बजाय गर्म पानी से नहाना शुरू कर दिया। एक दिन पानी थोड़ा ज्यादा गर्म था और जैसे ही पैर पर डाला तो थोड़ी देर बाद पैर लाल हो गया। कुछ दिनों बाद पैर एक छाला पड़ गया। उन्होंने इसे गंभीरता से नहीं लिया और किसी को बताया भी नहीं। स्थिति तब गंभीर हो गई जब कुछ दिनों बाद इस छाले का आकार बढ़ने लगा। उन्होंने परिवार या डॉक्टर को बिना बताए मेडिकल स्टोर से दवाई खानी शुरू कर दी और छाले को फोड़कर पट्टी बांध ली। हैरान करने वाली बात यह है कि उन्होंने इस बारे में अब तक किसी को नहीं बताया। 

कुछ दिनों बाद जब परिवार के सदस्यों ने उनका पैर देखा तो सब हैरान हो गए। वो छोटा छाला एक बड़ा जख्म बनकर उनके घुटने तक फैल चुका था। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने घुटने तक पैर काटने की बात कही। हालांकि डॉक्टरों ने जख्म साफ कर तीन-चार दिन उन्हें निगरानी में रखा ताकि पैर काटने की नौबत ना आए। लेकिन ब्लड शुगर कंट्रोल नहीं होने की वजह से यह इलाज नाकाम हुआ। जख्म तेजी से बढ़ने लगा और सिर्फ तीन दिन के भीतर घुटने से ऊपर तक बढ़ गया। आखिर में डॉक्टरों को उनके पैर को जांघ तक काटना पड़ा। पिछले दो महीने से वो अस्पताल में भर्ती हैं और उनका जख्म नहीं भर रहा है। हालांकि डॉक्टरों ने पहले ही संकेत दे दिए थे कि अगर ब्लड शुगर कंट्रोल नहीं हुआ तो जख्म भरने में परेशानी होगी। फिलहाल वो जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहे हैं। 

टॅग्स :डायबिटीजहेल्थ टिप्समेडिकल ट्रीटमेंट
Open in App

संबंधित खबरें

स्वास्थ्यसन फार्मा ने लॉन्च किया ‘हार्ट के लिए 8- मेकिंग इंडिया हार्ट स्ट्रॉन्ग’ कैंपेन, दिल के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए भारतीयों से रोजाना में अच्छी आदतें अपनाने का आग्रह

स्वास्थ्यरात में सिर्फ़ 11 मिनट ज़्यादा सोने से हार्ट अटैक का खतरा हो सकता है कम

स्वास्थ्यरूमेटॉइड आर्थराइटिस विशेषज्ञ डॉ. मुकेश शारदा को Guinness World Records से अंतरराष्ट्रीय सम्मान

स्वास्थ्यक्या हीटवेव के दौरान आपकी किडनी को खतरा है? पीक गर्मी आने से पहले जानने हैल्थ टिप्स की ज़रूरी बातें

स्वास्थ्यमधुमेह के उपचार की दिशा में ऐतिहासिक उपलब्धि

स्वास्थ्य अधिक खबरें

स्वास्थ्यऑटिज्म : समझ और स्वीकार्यता की जरूरत

स्वास्थ्यफोर्टिफाइड चावल : पोषण या स्वास्थ्य पर संकट ?

स्वास्थ्यचीनी का सेवन कम कीजिए और खाना बनाते समय तेल का प्रयोग 10 प्रतिशत तक घटाएं?, प्रधानमंत्री मोदी बोले-छोटे प्रयास करिए और मोटापे को दूर भगाएं?

स्वास्थ्यसाल 2024 में 34539 लोगों की मौत हार्ट अटैक?, दिल्ली पुलिस और iLive Connect में करार, हृदय बीमारी पर वार

स्वास्थ्य1 अप्रैल से महंगी होंगी दवाइयां; पेनकिलर और एंटीबायोटिक के लिए देने होंगे इतने रुपये, जानें कितनी ढीली होगी जेब