सन फार्मा ने लॉन्च किया ‘हार्ट के लिए 8- मेकिंग इंडिया हार्ट स्ट्रॉन्ग’ कैंपेन, दिल के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए भारतीयों से रोजाना में अच्छी आदतें अपनाने का आग्रह
By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: April 2, 2026 11:56 IST2026-04-02T11:56:01+5:302026-04-02T11:56:01+5:30
Heart Health:सन फार्मास्युटिकल इंडस्ट्रीज लिमिटेड (सन फार्मा) ने 26 फरवरी 2026 को अपने कैंपेन ‘हार्ट के लिए 8- मेकिंग इंडिया हार्ट स्ट्रॉन्ग’ का लॉन्च किया, जिसके जरिए भारतीयों को दिल के बेहतर स्वास्थ्य के लिए रोज़मर्रा में आसान सी आदतें अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।

सन फार्मा ने लॉन्च किया ‘हार्ट के लिए 8- मेकिंग इंडिया हार्ट स्ट्रॉन्ग’ कैंपेन, दिल के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए भारतीयों से रोजाना में अच्छी आदतें अपनाने का आग्रह
Heart Health: सन फार्मास्युटिकल इंडस्ट्रीज़ लिमिटेड (सन फार्मा) ने 26 फरवरी 2026 को अपने कैंपेन ‘हार्ट के लिए 8- मेकिंग इंडिया हार्ट स्ट्रॉन्ग’ का लॉन्च किया, जिसके ज़रिए भारतीयों को दिल के बेहतर स्वास्थ्य के लिए रोज़मर्रा में आसान सी आदतें अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। कार्डियो-मेटाबोलिक थेरेपी में भारत की नंबर 1 फार्मास्युटिकल कंपनी के रूप में सन फार्मा दिल की बीमारियों के बढ़ते बोझ को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। लिपिड-लोवरिंग थेरेपियों में कंपनी की मजबूत लीडरशिप है तथा एंटी-हाइपरटेंसिव एवं ओरल एंटी-डायबिटीज उपचार में भी कंपनी अपनी स्थिति को बेहद मजबूत बना चुकी है।
दुनिया भर में दिल की बीमारियों के कारण होने वाली तकरीबन 1/5 मौतें भारत में होती हैं, और पश्चिमी आबादी की तुलना में भारतीयों में ये बीमारियां लगभग एक दशक पहले हो जाती हैं। ‘हार्ट के लिए 8-मेकिंग इंडिया हार्ट स्ट्रॉन्ग’ कैंपेन इस बात पर ज़ोर देता है कि दिल का स्वास्थ्य बेहद ज़रूरी है और रोज़मर्रा में छोटी-छोटी आदतें अपनाकर हम दिल के स्वास्थ्य को बेहतर बना सकते हैं।
About Sun Pharmaceutical Industries Limited (CIN - L24230GJ1993PLC019050)
Sun Pharma is the world’s leading specialty generics company with a presence in innovative medicines, generics and consumer healthcare products. It is the largest pharmaceutical company in India and is a leading generic company in the U.S. as well as global Emerging Markets. Sun Pharma’s high-growth global Innovative Medicines portfolio spans innovative products in dermatology, ophthalmology, and onco-dermatology and accounts for about 20% of company sales. The company’s vertically integrated operations deliver high-quality medicines, trusted by physicians and consumers in over 100 countries. Its manufacturing facilities are spread across five continents. Sun Pharma is proud of its multicultural workforce drawn from over 50 nations. For further information, please visit www.sunpharma.com and follow us on LinkedIn and X (Formerly Twitter).
‘सन फार्मा में हमारा मानना है कि रोकथाम हमेशा उपचार से बेहतर होता है। ‘हार्ट के लिए 8- मेकिंग इंडिया हार्ट स्ट्रॉन्ग’ के ज़रिए हम चाहते हैं कि भारतीय लोग दिल के स्वास्थ्य के बारे में बात करें और इस बात को समझें कि रोज़मर्रा की छोटी-छोटी आदतें जीवन में बड़ा बदलाव ला सकती हैं। दिल ऐसे ही मजबूत नहीं बनता, दिल को मजबूत बनाने के लिए हमें हर दिन कुछ सेहतमंद विकल्प चुनने होते हैं।’ शैलेश जोशी, सीनियर वाईस प्रेज़ीडेन्ट, मार्केटिंग एंड सेल्स, सन फार्मा ने कहा।
फिल्मकेलिएलिंकःhttps://youtu.be/yLwp9-bQ2uc
इस कैंपेन का मुख्य कैरेक्टर है एक हार्ट-स्ट्रॉन्ग मैन, जो अपने दिल की सेहत के बारे में जागरुक है, और रोज़ाना अच्छी आदतों के साथ अपने दिल की अच्छी देखभाल करता है। यह कैंपेन एक सकारात्मक और व्यवहारिक संदेश देता है कि लोगों को बिना किसी डर या चिंता के अपने दिल की सेहत का ख्याल रखना चाहिए। फिल्म को कई भारतीय भाषाओं में बनाया गया है। यह कैंपेन दिल के स्वास्थ्य को मजबूत बनाए रखने के लिए आठ आदतें अपनाने पर ज़ोर देता है I
बेहतर आहार का सेवन करें।
शारीरिक रूप से सक्रिय रहें यानि व्यायाम करें।
अपने वज़न पर नियन्त्रण रखें।
ब्लड प्रेशर, ब्लड शुगर और कॉलेस्ट्रॉल को नियन्त्रण में रखें।
तंबाकू का सेवन न करें।
नियमित रूप से अपनी हार्ट-हेल्थ की जांच कराएं।
तनाव पर नियन्त्रण रखें।
अच्छी नींद लें।
सन फार्मा का ‘मेकिंग इंडिय हार्ट स्ट्रॉन्ग’ कैंपेन दिल के स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए निम्नलिखित के माध्यम से से रोकथाम, एमरजेन्सी रिस्पॉन्स और मरीज़ों को जागरुक बनाने के महत्व पर ज़ोर देता है।
जल्द जांचः बड़े पैमाने पर हार्ट स्क्रीनिंग कैम्प्स- हर साल 10,000 कैम्पों के ज़रिए 1.2 लाख से अधिक लोगों की जांच।
एमरजेन्सी की तैयारी- हर साल 1.5 लाख लोगों के लिए सीपीआर प्रशिक्षण।
प्रमाण जुटाना- ताकि जोखिम को पहचान कर मरीज़ों के परिणामों में सुधार लाया जा सके।
मरीज़ों को जागरुक एवं शिक्षित बनाना-हर साल इन-क्लिनिक प्रिंट एवं जागरुकता प्रोग्रामों के ज़रिए 15 मिलियन से अधिक लोगों तक पहुंच।
इन सभी प्रयासों का उद्देश्य, रोकथाम, प्रतिक्रिया और जागरुकता को बढ़ावा देना तथा भारत में दिल की बीमारियों के बोझ को कम करने में योगदान देना है।