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वैज्ञानिकों का दावा, ठीक होने के बाद भी 12 हफ्तों तक पीछा नहीं छोड़ रहे कोरोना के ये 5 लक्षण, जानिये किन्हें है ज्यादा खतरा

By उस्मान | Updated: June 26, 2021 15:43 IST

अध्ययन में सामने आया है कि ठीक हुए करीब 40 फीसदी लोगों को बाद में लगातार लक्षण महसूस हो सकते हैं

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ठळक मुद्दे 40 फीसदी लोगों को बाद में लगातार लक्षण महसूस हो सकते हैं महिलाओं को है अधिक खतराअधिकांश लोग चार से बारह हफ्तों के बीच बेहतर हो जाते हैं

कोरोना वायरस का प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा है। लाखों लोगों को मौत के घात उतारने वाला यह खतरनाक वायरस ठीक होने के बाद भी पीछा नहीं छोड़ रहा है। इस वायरस के लक्षण ठीक हुए मरीजों में कई हफ्तों तक रह सकते हैं। 

लाइव मिंट की एक रिपोर्ट के अनुसार, एक नए अध्ययन से पता चला है कि लगभग 40% कोविड-संक्रमित लोगों को ठीक होने के बाद भी लगभग 12 हफ्तों से ज्यादा समय तक लगातार वायरस के लक्षण महसूस हुए। 

इंपीरियल कॉलेज लंदन के शोधकर्ताओं के अनुसार, लंबे समय तक चलने वाले लक्षणों की व्यापकता पुरुषों की तुलना में महिलाओं में अधिक थी और यह जोखिम उम्र के साथ बढ़ता गया।

इंपीरियल कॉलेज लंदन ने इंग्लैंड में शोध किया जिसमें कोरोना हुए 508,707 लोगों से सवाल किये गए. अध्ययन के परिणाम से पता चला कि 28,713 - या 37.7% - ने करीब 12 हफ्तों या उससे अधिक समय तक कम से कम एक लक्षण का अनुभव किया। हालांकि लगभग 11,241 लोगों यानी 14.8% ने बताया कि उन्हें इसी अवधि में कम से कम तीन लक्षण थे।

कोरोना से ठीक होने के बाद महसूस होने वाले लक्षण

सर्वे में सामने आया है कि इन लोगों में पाए जाने वाले प्रमुख लक्षण थे- थकान, मांसपेशियों में दर्द, कमजोरी, सोने में कठिनाई और सीने में दर्द आदि। अध्ययन में पाया गया कि मोटापा, धूम्रपान, अस्पताल में भर्ती होना और अभाव जैसे कारकों की वजह से लक्षण इतने दिनों तक बढ़े हुए थे।

रिएक्ट कार्यक्रम के निदेशक प्रोफेसर पॉल इलियट ने कहा कि कई लोगों को लंबे समय तक लक्षण रह सकते हैं जबकि अधिकांश लोग चार से बारह हफ्तों के बीच बेहतर हो जाते हैं।

भारत में कोविड-19 के एक दिन में 48,698 नए मामले, 1,183 मरीजों की मौत

भारत में कोविड-19 के एक दिन में 48,698 नए मामले सामने आने से संक्रमण के कुल मामलों की संख्या 3,01,83,143 हो गई और साप्ताहिक संक्रमण दर गिरकर 2.97 प्रतिशत रह गयी। 

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, इस संक्रामक रोग से एक दिन में 1,183 लोगों के जान गंवाने से मृतकों की संख्या बढ़कर 3,94,493 हो गयी। उपचाराधीन मरीजों की संख्या कम होकर 5,95,565 हो गयी जो संक्रमण के कुल मामलों का 1.97 प्रतिशत है। 

स्वस्थ होने वाले लोगों की संख्या लगातार 44वें दिन कोविड-19 के रोज आने वाले मरीजों की संख्या से अधिक है। इस बीमारी से उबरने वाले लोगों की संख्या बढ़कर 2,91,93,085 हो गयी है। मृत्यु दर 1.31 प्रतिशत है। 

स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, कोरोना वायरस से स्वस्थ होने वाले मरीजों की राष्ट्रीय दर 96.72 फीसदी है जबकि साप्ताहिक संक्रमण दर कम होकर 2.97 प्रतिशत रह गयी है। दैनिक संक्रमण दर 2.79 प्रतिशत है। 

 इस महामारी से अभी तक देश में कुल 3,94,493 लोगों की मौत हुई है। इनमें से सबसे अधिक 1,20,370 लोगों की मौत महाराष्ट्र में, 34,539 की कर्नाटक, 32,051 की तमिलनाडु, 24,952 की दिल्ली में हुयी हैं. 

(समाचार एजेंसी भाषा के इनपुट के साथ) 

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