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संजय दत्त को हो गया है Lung Cancer, फेफड़ों का कैंसर होने से पहले शरीर देता है 5 चेतावनी, जवान लड़के-लड़कियों में कॉमन है चौथा लक्षण

By उस्मान | Updated: August 12, 2020 08:54 IST

Sanjay Dutt lung cancer : फेफड़ों का कैंसर आम हो गया है और इसके शुरूआती लक्षणों को समझना आसान है

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ठळक मुद्देसंजय दत्त सांस की तकलीफ के बाद अस्पताल में हुए थे एडमिटकोरोना वायरस की रिपोर्ट, कैंसर की रिपोर्ट पॉजिटिवइलाज के लिए अमेरिका रवाना हो गए हैं संजय दत्त

Sanjay Dutt Lung Cancer: बॉलीवुड अभिनेता संजय दत्त को फेफड़ों का कैंसर या लंग कैंसर (Lung Cancer) हो गया है। उन्हें स्टेज-4 का कैंसर बताया जा रहा है। वो अपने परिवार के साथ अमेरिका रवाना हो गए हैं। संजय को सांस लेने में तकलीफ के बाद मुंबई के लीलावती अस्पताल में एडमिट कराया गया था, जहां उनका कोरोना वायरस का टेस्ट हुआ और उनकी रिपोर्ट निगेटिव आई। बाद में यह पता चला कि उनके चेस्ट में तरल पदार्थ जमा हो गया है। 

सांस में तकलीफ के बाद हुए थे अस्पताल में भर्ती

हिन्दुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार,संजय दत्त 08 अगस्त को सांस लेने में तकलीफ के बाद मुंबई के लीलावती अस्पताल में एडमिट हुए थे। उनका कोविड-19 टेस्ट भी हुआ जोकि निगेटिव रहा। एक दिन के बाद उन्हें अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया। 

संजय दत्त ने ट्विटर पर खुद यह जानकारी दी। उन्होंने लिखा, 'कुछ मेडिकल ट्रीटमेंट की वजह से मैं काम से थोड़ा ब्रेक ले रहा हूं। मेरा परिवार और दोस्त मेरे साथ हैं, किसी को बेवजह परेशान होने की जरूरत नहीं है। आपके प्यार दुआएं मेरे साथ हैं और मैं जल्दी वापस आऊंगा। 

कोविड-19 रिपोर्ट निगेटिव, कैंसर रिपोर्ट पॉजिटिव

अस्पताल में निदान से पता चला कि वह स्टेज-4 फेफड़ों के कैंसर से पीड़ित हैं। जब उन्हें अस्पताल ले जाया गया, उनका ऑक्सीजन लेवल कम था। जब उनकी कोविड-19 रिपोर्ट निगेटिव आई, तो कैंसर की जांच की गई और रिजल्ट पॉजिटिव आया। 

फेफड़ों का कैंसर क्या है और इसके क्या लक्षण हैं

फेफड़ों के रोग में कई लक्षण पैदा हो जाते हैं जिनमें गंभीर खांसी, सांस फूलना, अधिक बलगम बनना, घरघराहट होना, छाती में दर्द और यहां तक कि बलगम में खून आना आदि लक्षण शामिल हैं। 

हेल्थ वेबसाइट वेबएमडी की रिपोर्ट के अनुसार, शुरुआती लक्षणों का पता लगाकर फेफड़ों को कुछ प्रकार के रोगों से बचाव करना संभव है। हालांकि फेफड़ों के कुछ ऐसे रोग भी हैं, जिनसे बचाव नहीं किया जा सकता।

फेफड़ों के रोग से बचने और और फेफड़ों को स्वस्थ रखने के लिए धूम्रपान छोड़ना और वायु प्रदूषण से बचना सबसे बेहतर उपाय है। इसके अलावा नियमित रूप से व्यायाम करने से भी फेफड़े स्वस्थ रहते हैं।

फेफड़ों व श्वसन प्रणाली से जुड़े अन्य अंगों को प्रभावित करने वाले रोगों को फेफड़ों के रोग कहा जाता है। सांस से संबंधित ज्यादातर समस्याएं फेफड़ों के रोग के कारण ही होती हैं, ये रोग होने पर मरीज को पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन नहीं मिल पाती।

पीठ और कंधे में दर्द होना पीठ और कंधे में दर्द होना एक आम समस्या है और इसके कई कारण हैं। अगर अक्सर आपको यह समस्या रहती है, तो संभव हो की ये फेफड़े के कैंसर की शुरुआत का संकेत हो। इसके अलावा सीने में दर्द रहना भी इसका लक्षण हो सकता है। यदि इसका प्रारंभिक अवस्था में पता चला है, तो इसका इलाज बहुत ही संभव है। यदि यह दर्द अधिक ज्यादा है और सामान्य पीठ दर्द से अधिक समय तक रहता है, तो डॉक्टर के पास जाना एक अच्छा विचार हो सकता है।

खांसीखांसी होना खासकर सर्दियों में खांसी होना एक आम समस्या है लेकिन यह पुरानी बीमारियों का लक्षण भी हो सकती है, इसलिए विभिन्न प्रकार की खांसी के बारे में जानना जरूरी है। तेजऔर लगातार खांसी होना फेफड़े के कैंसर के संकेत हो सकती है, खासकर अगर खांसी के साथ खून भी आ रहा है।

सांस में कमीसांस की तकलीफ अक्सर दिल या फेफड़ों की स्थिति के कारण होती है, जैसे अस्थमा या एलर्जी। यदि आप इसे अनुभव कर रहे हैं, तो अपने पर्यावरण को बदलने और थोड़ी देर के लिए शहर से बाहर निकलने या अधिक कुशल कसरत दिनचर्या का प्रयास करना एक अच्छा विचार है। इस तरह के लक्षण दिखने पर तुरंत अपने डॉक्टर से संपर्क करें।

ज्यादा थकान महसूस होनाहर कोई समय-समय पर थकान महसूस करता है, यह सामान्य है। नींद की कमी या तनाव आपकी थकान का कारण हो सकता है, लेकिन अगर आप असामान्य रूप से बहुत बार थका हुआ महसूस करते हैं, या आपकी खांसी दूर नहीं होती है, और आपको भूख कम लगती है, तो आपको सतर्क हो जाना चाहिए। यह फेफड़ों के कैंसर के लक्षण हो सकता है।

आंखों में पीलापनयह एक ऐसा लक्षण है जिसे आसानी से पहचाना जा सकता है क्योंकि यह लीवर की समस्याओं का एक स्पष्ट संकेत, है जो फेफड़ों के कैंसर के कारण हो सकता है। पीलिया एक ऐसी स्थिति है जो आपकी त्वचा को पीला कर देती है। यह आपकी आंख के सफेद हिस्से को भी प्रभावित करता है, जिससे वह पीला पड़ जाता है और गंभीर बीमारियों में बदल जाता है।

टॅग्स :संजय दत्तकैंसरहेल्थ टिप्समेडिकल ट्रीटमेंट
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