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जीवाणुओं की मदद से बनाया गया कृत्रिम मदर ऑफ पर्ल, Bone grafting में मिलेगी मदद

By भाषा | Updated: April 25, 2019 17:55 IST

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वैज्ञानिकों ने जीवाणुओं के प्रयोग से कृत्रिम मदर-ऑफ-पर्ल बनाया है जो कठोर है लेकिन उसे मोड़ सकते हैं और उसके इस गुण के कारण इसका प्रयोग भविष्य में चंद्रमा पर भवन निर्माण से लेकर चिकित्सीय प्रत्यारोपण उपकरण बनाने में हो सकता है। नैक्री, को मदर-ऑफ-पर्ल भी कहा जाता है। यह खासतौर पर कठोर और मजबूत पदार्थ होता है। इसे घोंघा वर्ग के प्राणी बनाते हैं और यह उनके शरीर का भीतरी हिस्सा होता है।

इसकी बाहरी परतें मोतियों से बनी होती हैं जो इसे खूबसूरती भरी चमक प्रदान करती है। हालांकि, नैक्री के विशेष गुण कृत्रिम पदार्थ बनाने की प्रेरणा प्रदान करते हैं और कई तरीकों की मदद से कृत्रिम नैक्री को बनाया जाता है। अमेरिका के रोचेस्टर विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने किफायती और पर्यावरण मित्र का प्रयोग करके कृत्रिम नैक्री बनाने में सफलता हासिल कर ली है और यह तरीका है जीवाणुओं के इस्तेमाल का।

स्माल जर्नल में प्रकाशित इस शोध से जुड़े दल ने इस काम के तौर तरीकों पर प्रकाश डाला है। इसका एक विशेष गुण यह भी पाया गया है कि यह जैवअनुकूल है। यानी यह मनुष्य के शरीर द्वारा निर्मित तत्वों से अनुकूलता रखता है या मनुष्य इसे प्राकृतिक तौर सेवन भी सकता है। इसके इसी गुण के कारण नैक्री को चिकित्सीय उपकरणों के निर्माण में प्रयुक्त किया जाता है।

इसकी मदद से नकली हड्डियां या प्रत्यारोपण का सामान बनाया जा सकता है। विश्वविद्यालय के एक एसोसिएट प्रोफेसर एनी एस मेयर ने कहा, ‘‘मिसाल के तौर पर अगर आपका हाथ टूट जाता है तो आपको हड्डी ठीक होने के बाद होने वाली दूसरी सर्जरी में मेटल पिन को निकालना पड़ता है। हमारे पदार्थ से बनी पिन बहुत मजबूत होगी और इसके शरीर से निकालने की आवश्यकता नहीं होगी।’’ नैक्री चंद्रमा और अन्य ग्रहों पर इमारत बनाने के लिए आदर्श पदार्थ हो सकता है। 

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