लाइव न्यूज़ :

दवा देने की नई प्रणाली रोक सकती है संक्रमण

By उस्मान | Updated: October 11, 2018 11:28 IST

दवा देने वाली इस नयी प्रणाली में यौगिक पदार्थ धीरे-धीरे शरीर में रोगाणुरोधी छोड़ते हैं जिससे किसी खास जगह पर अणु की ज्यादा मात्रा जमा होती जाती है।

Open in App

वैज्ञानिकों ने दवा देने की एक नई प्रणाली विकसित की है जो जीवाणु से होने वाले संक्रमणों को रोकने में सहायक हो सकती है। अमेरिका के रुटगर्स विश्वविद्यालय के अनुसंधानकर्ताओं ने रोगाणुरोधी एजेंट ले जाने की क्षमता वाले अति सूक्ष्म संरचना के सिलिका कणों का संश्लेषण किया जिन्हें बेहतर औषधि संवाहक माना जाता है। उन्होंने पाया कि ये कण मानव में रोग पैदा करने वाले दो जीवाणुओं को मारने में प्रभावी हैं। 

दवा देने वाली इस नयी प्रणाली में यौगिक पदार्थ धीरे-धीरे शरीर में रोगाणुरोधी छोड़ते हैं जिससे किसी खास जगह पर अणु की ज्यादा मात्रा जमा होती जाती है।

यह प्रतिजैविक दवाओं के सेवन से बिलकुल अलग है जो खाने के बाद पूरे शरीर में फैल जाती हैं। 

रुटगर्स यूनिवर्सिटी के एसोसिएट प्रोफेसर जेफरी बोइड ने कहा, “दिलचस्प यह है कि जीवीणुरोधी एजेंटों की तुलना में जीवाणु का खात्मा करने में ये कण ज्यादा प्रभावी निकले जो दवा देने की अधिक प्रभावी पद्धति पर जोर डालते हैं।” 

जीवाणु तेजी से विकसित हो रहे हैं और जीवाणुरोधी का उनपर असर कम होता जा रहा है। इन परिणामों से एक रोगाणुरोधी थैरेपी विकसित करने में मदद मिलेगी जो अवांछित जगहों पर जीवाणुओं के बढ़ने एवं जीवाणु संक्रमण को रोक सकेगी।

यह अध्ययन ‘अमेरिकन केमिकल सोसाइटी’ पत्रिका में प्रकाशित हुआ है।

टॅग्स :हेल्थ टिप्समेडिकल ट्रीटमेंट
Open in App

संबंधित खबरें

स्वास्थ्यसन फार्मा ने लॉन्च किया ‘हार्ट के लिए 8- मेकिंग इंडिया हार्ट स्ट्रॉन्ग’ कैंपेन, दिल के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए भारतीयों से रोजाना में अच्छी आदतें अपनाने का आग्रह

स्वास्थ्यरात में सिर्फ़ 11 मिनट ज़्यादा सोने से हार्ट अटैक का खतरा हो सकता है कम

स्वास्थ्यरूमेटॉइड आर्थराइटिस विशेषज्ञ डॉ. मुकेश शारदा को Guinness World Records से अंतरराष्ट्रीय सम्मान

स्वास्थ्यक्या हीटवेव के दौरान आपकी किडनी को खतरा है? पीक गर्मी आने से पहले जानने हैल्थ टिप्स की ज़रूरी बातें

स्वास्थ्यWorld Hearing Day: जम्‍मू कश्‍मीर में सुनने की क्षमता में बढ़ती कमी पर विशेषज्ञों ने जताई चिंता, जानें वजह

स्वास्थ्य अधिक खबरें

स्वास्थ्यऑटिज्म : समझ और स्वीकार्यता की जरूरत

स्वास्थ्यफोर्टिफाइड चावल : पोषण या स्वास्थ्य पर संकट ?

स्वास्थ्यचीनी का सेवन कम कीजिए और खाना बनाते समय तेल का प्रयोग 10 प्रतिशत तक घटाएं?, प्रधानमंत्री मोदी बोले-छोटे प्रयास करिए और मोटापे को दूर भगाएं?

स्वास्थ्यसाल 2024 में 34539 लोगों की मौत हार्ट अटैक?, दिल्ली पुलिस और iLive Connect में करार, हृदय बीमारी पर वार

स्वास्थ्य1 अप्रैल से महंगी होंगी दवाइयां; पेनकिलर और एंटीबायोटिक के लिए देने होंगे इतने रुपये, जानें कितनी ढीली होगी जेब