एचआईवी संक्रमितों की संख्या 100000 के पार?, बिहार के 13 जिले 'हाई रिस्क जोन' में तब्दील

By एस पी सिन्हा | Updated: February 26, 2026 15:46 IST2026-02-26T15:44:40+5:302026-02-26T15:46:02+5:30

पटना में मरीजों की संख्या 8,270 (सबसे ज्यादा प्रभावित) है। गया में 5,760, मुजफ्फरपुर में 5,520, सीतामढ़ी में 5,026 और बेगूसराय में 4,716 हैं।

HIV infected people crosses 100000 Number 13 districts Bihar turned high risk zones patients Patna 8,270 Gaya 5,760 Muzaffarpur 5,520 Sitamarhi 5,026 Begusarai 4716 | एचआईवी संक्रमितों की संख्या 100000 के पार?, बिहार के 13 जिले 'हाई रिस्क जोन' में तब्दील

सांकेतिक फोटो

Highlightsफैलने के पीछे कई वजहें हैं-लोग आज भी इस बीमारी के बारे में बात करने से कतराते हैं।असुरक्षित शारीरिक संबंध और संक्रमित सुइयों का इस्तेमाल मौत को दावत दे रहा है। इलाज और आर्थिक मदद भले ही आंकड़े दिल दहला देने वाले हों।

पटनाःबिहार में एचआईवी संक्रमितों की तादाद अब एक लाख के पार जाने की खबर सामने आने के बाद पूरे सूबे में खलबली मच गई है। बिहार विधान परिषद में स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने इस खौफनाक मंजर की तस्दीक की है, जिससे यह साफ हो गया है कि एड्स का खतरा अब दहलीज लांघ चुका है। सदन में दी गई जानकारी के मुताबिक बिहार के 13 जिले 'हाई रिस्क जोन' में तब्दील हो चुके हैं। यहां संक्रमण की रफ्तार इतनी तेज-रफ्तार है कि स्वास्थ्य विभाग के हाथ-पांव फूल रहे हैं। सदन में दी गई जानकारी के अनुसार पटना जिले में मरीजों की संख्या 8,270 (सबसे ज्यादा प्रभावित) हैं।

जबकि गया जिले में 5,760, मुजफ्फरपुर जिले में 5,520, सीतामढ़ी जिले में 5,026 और बेगूसराय जिले में 4,716 है। बताया गया कि राजधानी पटना की स्थिति सबसे नाजुक है, जहां मरीजों की तादाद किसी भी अन्य जिले के मुकाबले कहीं अधिक है। विशेषज्ञों और सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल (सीडीसी) के मुताबिक, इस मर्ज़ के फैलने के पीछे कई वजहें हैं-लोग आज भी इस बीमारी के बारे में बात करने से कतराते हैं।

असुरक्षित शारीरिक संबंध और संक्रमित सुइयों का इस्तेमाल मौत को दावत दे रहा है। काम के सिलसिले में दूसरे राज्यों में जाना और वहां से संक्रमण लेकर लौटना एक बड़ा फैक्टर है। इलाज और आर्थिक मदद भले ही आंकड़े दिल दहला देने वाले हों,

लेकिन सरकार इस महामारी से लड़ने के लिए 'बिहार शताब्दी एड्स पीड़ित कल्याण योजना' के जरिए मदद पहुंचा रही है। बता दें कि संक्रमित व्यक्ति को 1,500 रुपये प्रतिमाह की पेंशन दी जाती है। जबकि बच्चों की परवरिश के लिए 1,000 रुपये प्रतिमाह की अतिरिक्त सहायता दी जा सकती है।

सूबे में 196 जांच केंद्र मुफ्त काउंसलिंग और टेस्ट की सहूलियत दे रहे हैं। कहा जा रहा है कि सरकार पैसा तो पानी की तरह बहा रही है (अब तक 63.81 करोड़ रुपये खर्च), लेकिन जब तक आम अवाम में एहतियात (सावधानी) और परहेज को लेकर संजीदगी नहीं आएगी, तब तक इस 'साइलेंट किलर' को रोकना नामुमकिन होगा।

Web Title: HIV infected people crosses 100000 Number 13 districts Bihar turned high risk zones patients Patna 8,270 Gaya 5,760 Muzaffarpur 5,520 Sitamarhi 5,026 Begusarai 4716

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