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अच्छी तरह समझ लें दवा के पत्ते पर बनी रेड लाइन, Rx, NRx का मतलब, वरना जीवनभर होगा पछतावा

By उस्मान | Updated: November 15, 2019 15:49 IST

क्या आप दवा खरीदते समय एमआरपी और एक्सपाइरी डेट के अलावा टैबलेट के पत्ते के पीछे लेबल पर अन्य जानकारी देखते हैं।

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कम ही लोग होंगे, जो डॉक्टर के पर्चे के बिना किसी केमिस्ट से दवा खरीदते समय एमआरपी और एक्सपाइरी डेट के अलावा टैबलेट के पत्ते के पीछे लेबल पर अन्य जानकारी देखते हैं। सभी दवाओं के पत्ते पर उस दवा के बनने और एक्सपायर होने की डेट और कीमत छपी होती है।

अगर आपने कभी नोटिस किया हो, तो आपने देखा होगा कि पत्ते के पीछे इस जानकारी के साथ एक लाल रंग की लाइन भी बनी होती है। क्या आपने कभी सोचा है कि पत्ते के ऊपर यह लाइन क्यों बनी होती है? 

हाल ही में स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने अपने ट्विटर हैंडल पर दवाओं से जुड़ी एक महत्वपूर्ण सूचना जारी की है, जिसे पढ़कर आप हैरान रह जाएंगे। यह पोस्ट दवाओं के पत्ते पर छपी इसी लाल लाइन के बारे में है।

 

दवा के पत्ते पर बनी लाल लाइन का मतलब

मंत्रालय के अनुसार, दवाओं के जिन पत्तों पर लाल लाइन बनी होती है, उन दवाओं को आपको डॉक्टर के पर्चे के बिना नहीं खरीदना चाहिए। फार्मेसी को इन दवाओं को बेचने की अनुमति केवल तभी दी जाती है जब इसके लिए किसी डॉक्टर ने पर्ची लिखी हो।

स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने ट्वीट किया, 'ऐसी#मेडिसिन, विशेष रूप से #एंटीबायोटिक्स जिनकी पैकेजिंग पर लाल लाइन होती है, का उपयोग किसी योग्य #डॉक्टर से सलाह के बिना कभी नहीं किया जाना चाहिए। जागरूक रहें, सुरक्षित रहें।' 

दवा के पत्ते पर लिखे Rx का मतलब

यह तो रही लाल लाइन की बात लेकिन आपके देखा होगा कि कुछ दवाओं पर अलग-अलग तरह के साइन होते हैं। कुछ दवाओं के पत्ते के ऊपर Rx लिखा हुआ होता है। इसका मतलब यह होता है कि इस मेडिसिन को आप सिर्फ डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही यूज करें। अगर आप बिना डॉक्टर की सलाह के ऐसी दवाओं का इस्तेमाल करते हैं, तो इससे आपको काफी नुकसान हो सकता है।

दवा के पत्ते पर लिखे NRx का मतलब 

कुछ दवाओं के के ऊपर NRx लिखा हुआ होता है। इसका मतलब यह होता है कि यह दवा नशीली है और इन्हें सिर्फ वही बेच सकता है जिसके पास इसका लाइसेंस है।

दवा के पत्ते पर लिखे XRx का मतलब 

कुछ दवाओं के ऊपर XRx लिखा होता है। यह एक ऐसी दवा है, जिसे सिर्फ डॉक्टर ही बेच सकता है और उसके पास इसका लाइसेंस हो। इस दवा को डॉक्टर सीधे मरीज को दे सकता है। मरीज इसे किसी मेडिकल स्टोर से नहीं खरीद सकता है भले ही उसके पास डॉक्टर के द्वारा लिखी पर्ची ही क्यों न हो।

इस बात का रखें ध्यान

आप अपने उन दोस्तों और रिश्तेदारों को भी इस बात की जानकारी दें जो दवाओं का सेवन करते हैं। किसी भी दवा का सेवन करने से पहले उन चीजों के बारे में लेबल पढ़ना, पूछना और जाँचना, जिन्हें आप नहीं समझते, उनके बारे में जाँच करना महत्वपूर्ण है।

इसके अलावा, अपने फार्मासिस्ट को याद दिलाएं कि क्या आपको किसी दवाई से एलर्जी है और अपनी दवाइयाँ खरीदने से पहले साइड इफेक्ट्स की जाँच करें।

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