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24 घंटे में मौत बन जाती हैं ये 5 बीमारियां, तड़पा-तड़पा कर मारती है दूसरे नंबर की बीमारी, ऐसे करें बचाव

By उस्मान | Updated: April 10, 2019 17:24 IST

Health tips in Hindi: अगर लक्षण दिखने पर आपने समय रहते मरीज का इलाज नहीं कराया, तो उसका बचना मुश्किल हो सकता है. हैजा भी इन बीमारियों में एक है, जो भारत जैसे देशों के लिए सबसे बड़ी समस्या है.

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दुनिया में लाखों तरह की बीमारियां हैं और इंसान साल में कम से कम दो बार किसी न किसी बीमारी से पीड़ित होता है। खसरा, गलसुआ, चिकन पॉक्स, फ्लू, सर्दी या बुखार आम रोग हैं, जो बचपन में होते हैं और जल्द ही सही भी हो जाते हैं। हालांकि टीबी, मलेरिया, कैंसर और हार्ट डिजीज जैसे रोग दुनिया भर में लाखों लोगों की मौत का कारण बनते हैं।  

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के एक आंकड़े के अनुसार, दुनिया भर में इस्केमिक हार्ट डिजीज, सेरेब्रोवास्कुलर डिजीज, लोअर रेस्पिरेटरी इन्फेक्शन, क्रोनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज, डायरिया, एचआईवी / एड्स, ट्रेकिआ, ब्रोन्कस, फेफड़े के कैंसर और टीबी जैसी बीमारियों के कारण सबसे ज्यादा मौत होती हैं। हालांकि कुछ ऐसी बीमारियां भी हैं, जो लक्षण शुरू होने के दो दिन के भीतर इंसान को मौत के घाट उतार सकती हैं।

1) मेनिनजाइटिस (Meningitis) मेनिनजाइटिस आमतौर पर एक बैक्टीरिया या वायरल संक्रमण के कारण होता है और यह मस्तिष्क और रीढ़ की हड्डी को घेरने वाली सुरक्षात्मक झिल्लियों का संक्रमण है। यह शिशुओं, छोटे बच्चों, किशोरों और युवा वयस्कों में सबसे आम है। यह जानलेवा रक्त विषाक्तता (सेप्टीसीमिया) का कारण बन सकता है। फ़र्स्ट एड फ़ॉर लाइफ के अनुसार इससे चार घंटे के भीतर इंसान की मौत हो सकती  है।

2) मांस खाने वाला बैक्टीरिया (Flesh eating bug) इसे नेक्रोटाइजिंग फेसिआइटिस के रूप में भी जाना जाता है। यह बैक्टीरियल स्किन इन्फेक्शन जल्दी से शरीर के नरम ऊतक से फैलता है। यह 30 से 40% मामलों में घातक है। संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए प्रभावित शरीर के अंगों को काटना पड़ता है। 

3) स्ट्रोक (Stroke) स्ट्रोक तब होता है, जब मस्तिष्क के भाग में रक्त प्रवाह बाधित होता है, जिसके परिणामस्वरूप मस्तिष्क के ऊतकों को ऑक्सीजन की कमी होती है। यह आमतौर पर रक्त वाहिका या एक थक्के द्वारा रुकावट के कारण होता है। स्ट्रोक की गंभीरता के आधार पर, इलाज संभव है, लेकिन दो घंटे के भीतर भारी स्ट्रोक आपको मार सकता है।  

4) हैजा (Cholera) हैजा एक तीव्र दस्त की बीमारी है, जिसका इलाज नहीं कराने से कुछ  घंटों के भीतर मरीज की मौत हो सकती है। यह दूषित भोजन या पानी से होता है। हैजा स्वास्थ्य के लिए एक वैश्विक खतरा बना हुआ है और हर साल दुनिया भर में करीब दो लाख मौत होती हैं।

5) न्यूमोनिक प्लेग (Pneumonic plague) प्लेग के सभी रूप जीवाणु यर्सिनिया पेस्टिस के कारण होते हैं और चूहों से मनुष्यों में फैल जाते हैं। समय पर इलाज नहीं कराने से न्यूमोनिक प्लेग संक्रमण 18 से 24 घंटों के भीतर जान ले सकता है। हालांकि समय पर एंटीबायोटिक्स देने से मरीज की जान बचाई जा सकती हैं।  

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