तंबाकू और पान मसाला पर स्वास्थ्य उपकर 1 फरवरी से लागू, सिगरेट की लंबाई के आधार पर 2.05 रुपये से 8.50 रुपये प्रति स्टिक तक उत्पाद शुल्क लगाया गया?

By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: January 31, 2026 14:43 IST2026-01-31T14:43:22+5:302026-01-31T14:43:59+5:30

एक फरवरी से तंबाकू उत्पादों (चबाने वाला तंबाकू, फिल्टर खैनी, जर्दा युक्त सुगंधित तंबाकू और गुटखा) के लिए अधिकतम खुदरा मूल्य (एमआरपी) आधारित मूल्यांकन की नई व्यवस्था शुरू होगी।

Health cess tobacco pan masala implemented February 1 excise duty ranging from Rs 2-05 to Rs 8-50 per stick depending length cigarette | तंबाकू और पान मसाला पर स्वास्थ्य उपकर 1 फरवरी से लागू, सिगरेट की लंबाई के आधार पर 2.05 रुपये से 8.50 रुपये प्रति स्टिक तक उत्पाद शुल्क लगाया गया?

सांकेतिक फोटो

Highlightsजीएसटी का निर्धारण पैकेट पर घोषित खुदरा बिक्री मूल्य के आधार पर किया जाएगा। एक फरवरी से स्वास्थ्य और राष्ट्रीय सुरक्षा उपकर कानून के तहत नया पंजीकरण कराना होगा।निर्माताओं को सभी पैकिंग मशीनों को कवर करने वाली एक कार्यशील सीसीटीवी प्रणाली लगानी होगी।

नई दिल्लीः सिगरेट और तंबाकू उत्पादों पर अतिरिक्त उत्पाद शुल्क तथा पान मसाला पर स्वास्थ्य उपकर एक फरवरी से लागू हो जाएगा। यह वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) की उच्चतम 40 प्रतिशत की दर के ऊपर लगाया जाएगा। ये उपकर और उत्पाद शुल्क इन हानिकारक वस्तुओं पर एक जुलाई 2017 से लागू 28 प्रतिशत जीएसटी और क्षतिपूर्ति उपकर का स्थान लेंगे। इसके अलावा, एक फरवरी से तंबाकू उत्पादों (चबाने वाला तंबाकू, फिल्टर खैनी, जर्दा युक्त सुगंधित तंबाकू और गुटखा) के लिए अधिकतम खुदरा मूल्य (एमआरपी) आधारित मूल्यांकन की नई व्यवस्था शुरू होगी।

इसके तहत जीएसटी का निर्धारण पैकेट पर घोषित खुदरा बिक्री मूल्य के आधार पर किया जाएगा। पान मसाला निर्माताओं को एक फरवरी से स्वास्थ्य और राष्ट्रीय सुरक्षा उपकर कानून के तहत नया पंजीकरण कराना होगा। ऐसे उत्पादों के निर्माताओं को सभी पैकिंग मशीनों को कवर करने वाली एक कार्यशील सीसीटीवी प्रणाली लगानी होगी।

और इसकी फुटेज को कम से कम 24 महीनों तक सुरक्षित रखना होगा। उन्हें उत्पाद शुल्क अधिकारियों को मशीनों की संख्या और उनकी क्षमता की जानकारी भी देनी होगी। यदि कोई मशीन लगातार कम से कम 15 दिनों तक बंद रहती है, तो वे उत्पाद शुल्क में छूट का दावा कर सकते हैं। एक फरवरी से प्रभावी केंद्रीय उत्पाद शुल्क अधिनियम में संशोधन कर सिगरेट की लंबाई के आधार पर 2.05 रुपये से 8.50 रुपये प्रति स्टिक तक उत्पाद शुल्क लगाया गया है।

इसके अलावा, स्वास्थ्य और राष्ट्रीय सुरक्षा उपकर कानून पान मसाला इकाइयों की उत्पादन क्षमता पर उपकर लगाता है। इसके तहत 40 प्रतिशत जीएसटी को शामिल करने के बाद पान मसाला पर कुल कर का भार मौजूदा स्तर यानी 88 प्रतिशत पर ही बरकरार रखा गया है।

Web Title: Health cess tobacco pan masala implemented February 1 excise duty ranging from Rs 2-05 to Rs 8-50 per stick depending length cigarette

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