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20-25 साल की लड़कियां शरीर में इन बदलावों को भूलकर भी न करें नजरअंदाज, वरना जीवनभर होगा दुख

By उस्मान | Updated: April 20, 2019 17:44 IST

Female health tips in Hindi: पीरियड्स के दौरान दर्द, ऐंठन और ब्लीडिंग होना नॉर्मल है लेकिन अगर आपको हैवी ब्लीडिंग होती है, तो आपको सतर्क हो जाना चाहिए।

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पीरियड्स के दौरान दर्द, ऐंठन और ब्लीडिंग होना नॉर्मल है लेकिन अगर आपको हैवी ब्लीडिंग होती है, तो आपको सतर्क हो जाना चाहिए। इसी तरह बढ़ती उम्र में ब्रेस्ट में बदलाव सामान्य है लेकिन अगर आपको बेवजह ब्रेस्ट में दर्द या किसी तरह की ऐंठन महसूस होती है, तो आपको तुरंत डॉक्टर से मिलना चाहिए। 

गाजियाबाद स्थित अटलांटा हॉस्पिटल में गाइनोकोलोजिस्ट डॉक्टर सुमन गुप्ता के अनुसार, कुछ बीमारियां महिलाओं को धीरे-धीरे घेरती हैं क्योंकि इन बीमारियों के लक्षण हमेशा पीरियड्स के दर्द से अलग होते हैं जिन्हें हर महिला पहचान नहीं पाती है। 

डॉक्टर के अनुसार, आजकल बहुत सी महिलाएं वजन कम करने के लिए डाइट का विशेष ध्यान रखती हैं और जिम में पसीना बहाती हैं। ऐसे में वजन कम होना आम बात है लेकिन अगर बिना कुछ किया आपका वजन कम हो रहा है, तो ये चिंता का विषय हो सकता है। ऐसे ही कुछ लक्षण हैं जिनके बारे आपको जरूर मालूम होना चाहिए ताकि आपको समय रहते इलाज में मदद मिल सके।

1) हैवी पीरियड्स होनाऐसा जेनेटिक या बहुत ज्यादा वर्कआउट करने से हो सकता है। या फिर यूटरस मायोमा, एंडोमेट्रोसिस थायराइड डिसफंक्शन के कारण हो सकता है। अगर यह केवल जेनेटिक है, तो आपको तुरंत डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए। अगर आपको 7 दिन से ज्यादा पीरियड्स हो रहे हैं, खासकर रंग अगर ब्राइट रेड है तो कुछ गड़बड़ है। 

2) ब्रेस्ट में बदलावब्रेस्ट कैंसर के शुरूआती लक्षणों को नोटिस करना मुश्किल होता है। और जब तक आपको ब्रेस्ट में दर्द की शिकायत होती है, तो बहुत देर हो चुकी होती है। इसलिए आपको ब्रेस्ट में किसी भी तरह का बदलाव महसूस होने पर सतर्क हो जाना चाहिए।  

3) मेनोपॉज के बाद ब्लीडिंगमेनोपॉज के बाद बहुत सी महिलाएं खून आने की शिकायत करती हैं। यह खून गर्भाशय कैंसर, गर्भाशय, मायोमा, और अन्य खतरनाक रोगजनक प्रक्रियाओं का संकेत हो सकता है। ऐसी स्थिति में आपको तुरंत डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए। 

4) शरीर के किसी भी हिस्से पर बाल उगना शरीर पर बालों का बढ़ना हार्मोन में बदलाव के कारण हो सकता है। इससे आपको बांझपन, चयापचय विकार, या यहां तक कि स्तन कैंसर और एंडोमेट्रियल रोग होने का जोखिम हो सकता है। इस मामले में आपको तुरंत एंडोक्राइनोलॉजिस्ट से सलाह लेनी चाहिए।

5) ज्यादा पेशाब आना यह किडनी खराब होने या यूटीआई का लक्षण हो सकता है। ऐसा हार्मोन असंतुलन और वैजाइनल माइक्रोफ्लोरा के साथ कुछ गड़बड़ होने का संकेत हो सकता है। अगर आपको पेशाब के साथ प्यास भी ज्यादा लगती है, तो यह डायबिटीज का संकेत हो सकता है। अगर आप सीमित मात्रा में पानी पीती हैं और अधिक बार पेशाब के लिए जाती हैं, तो सावधान हो जाएं। 

6) अचानक वजन कम होनाअगर आपका वजन कम हो रहा है, तो आपको खुश होने की जरूरत नहीं है। कभी-कभी यह क्रोनिक डिजीज, टाइप 2 डायबिटीज या कैंसर का लक्षण हो सकता है। अगर पिछले 6-12 महीनों में आपका वजन 10-15 पाउंड कम हो गया है, तो तुरंत डॉक्टर के पास जाएं।

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