लाइव न्यूज़ :

वाहनों से निकलने वाला काला धुआं बढ़ा रहा ग्लोबल वार्मिंग : अध्ययन

By भाषा | Updated: December 15, 2018 17:50 IST

ध्ययन के मुताबिक ज्वलन (कंबशन) प्रक्रियाओं से निकलने वाले अशुद्ध कार्बन कण वायु प्रदूषण के लिए अहम तरीके से जिम्मेदार होते हैं क्योंकि उनमें भारी धातु एवं ऐसे हाइड्रोकार्बन (पीएएच) मौजूद होते हैं जो जहरीले हैं। 

Open in App

विकासशील देशों में सड़क यातायात से निकलने वाला काला धुआं (अशुद्ध कार्बन कण युक्त) काफी ऊंचाई तक पहुंच कर वायुमंडल में दूर-दूर तक बिखर सकता है जिससे ग्लोबल वार्मिंग बढ़ती है। एक अध्ययन में ऐसा पाया गया है। जर्मनी की लेबनीज इंस्टीट्यूट फॉर ट्रोपोस्फेरिक रिसर्च (ट्रोपोस) के अनुसंधानकर्ताओं ने बताया कि ग्लोबल वार्मिंग घटाने और विकासशील देशों में विकसित हो रहे शहरी इलाकों की आबादी के स्वास्थ्य को बचाए रखने के लिए डीजल कारों से निकलने वाले अशुद्ध कार्बन कण जैसे प्रदूषक तत्वों को सड़क यातायात से कम करना शीर्ष प्राथमिकता में शामिल होना चाहिए।

यह भी पढ़ें: सर्दी में आलस को दूर भगाते हैं ये 5 सुपरफूड्स, अपनी डेली डायट में करें शामिलअध्ययन के मुताबिक ज्वलन (कंबशन) प्रक्रियाओं से निकलने वाले अशुद्ध कार्बन कण वायु प्रदूषण के लिए अहम तरीके से जिम्मेदार होते हैं क्योंकि उनमें भारी धातु एवं ऐसे हाइड्रोकार्बन (पीएएच) मौजूद होते हैं जो जहरीले हैं। अनुसंधानकर्ताओं ने बताया कि यह अध्ययन वायु गुणवत्ता के नियमन को मजबूत करने की दिशा में सहायक हो सकता है। यह अध्ययन ‘‘एटमॉस्फेरिक इन्वायरनमेंट’’ पत्रिका में प्रकाशित हुआ है।

टॅग्स :हेल्थ टिप्स
Open in App

संबंधित खबरें

स्वास्थ्यसन फार्मा ने लॉन्च किया ‘हार्ट के लिए 8- मेकिंग इंडिया हार्ट स्ट्रॉन्ग’ कैंपेन, दिल के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए भारतीयों से रोजाना में अच्छी आदतें अपनाने का आग्रह

स्वास्थ्यरात में सिर्फ़ 11 मिनट ज़्यादा सोने से हार्ट अटैक का खतरा हो सकता है कम

स्वास्थ्यक्या हीटवेव के दौरान आपकी किडनी को खतरा है? पीक गर्मी आने से पहले जानने हैल्थ टिप्स की ज़रूरी बातें

स्वास्थ्यWorld Hearing Day: जम्‍मू कश्‍मीर में सुनने की क्षमता में बढ़ती कमी पर विशेषज्ञों ने जताई चिंता, जानें वजह

स्वास्थ्यWorld Hearing Day 2026: लंबे समय तक ईयरफोन का इस्तेमाल आपकी सुनने की शक्ति को कैसे पहुंचा सकता है नुकसान

स्वास्थ्य अधिक खबरें

स्वास्थ्यऑटिज्म : समझ और स्वीकार्यता की जरूरत

स्वास्थ्यफोर्टिफाइड चावल : पोषण या स्वास्थ्य पर संकट ?

स्वास्थ्यचीनी का सेवन कम कीजिए और खाना बनाते समय तेल का प्रयोग 10 प्रतिशत तक घटाएं?, प्रधानमंत्री मोदी बोले-छोटे प्रयास करिए और मोटापे को दूर भगाएं?

स्वास्थ्यसाल 2024 में 34539 लोगों की मौत हार्ट अटैक?, दिल्ली पुलिस और iLive Connect में करार, हृदय बीमारी पर वार

स्वास्थ्य1 अप्रैल से महंगी होंगी दवाइयां; पेनकिलर और एंटीबायोटिक के लिए देने होंगे इतने रुपये, जानें कितनी ढीली होगी जेब