दिल्ली स्टेट कैंसर संस्थानः डॉक्टरों ने रक्तदान कर पेश की मिसाल, दूसरा रक्तदान शिविर
By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: February 18, 2026 15:39 IST2026-02-18T15:38:09+5:302026-02-18T15:39:04+5:30
Delhi State Cancer Institute: शिविर में बड़ी संख्या में लोगों ने रक्तदान किया और सभी ने इस जीवनरक्षक पहल में योगदान देने पर गर्व व्यक्त किया।

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Delhi: दिल्ली स्टेट कैंसर इंस्टिट्यूट (डीएससीआई) परिसर में आज दूसरा रक्तदान शिविर सफलतापूर्वक आयोजित किया गया। यह शिविर डीएससीआई द्वारा गुरु तेग बहादुर अस्पताल के सहयोग से आयोजित किया गया। कार्यक्रम की विशेषता यह रही कि डॉक्टरों ने स्वयं आगे बढ़कर रक्तदान किया, जिससे अस्पताल कर्मियों और रक्तदान के लिए जुटे लोगों को प्रेरणा मिली। इस सामूहिक प्रयास ने जीवन बचाने और सामुदायिक सेवा की भावना को मजबूत करने का संदेश दिया। डॉक्टरों की सक्रिय भागीदारी ने नियमित रक्तदान के महत्व को रेखांकित किया।
शिविर में बड़ी संख्या में लोगों ने रक्तदान किया और सभी ने इस जीवनरक्षक पहल में योगदान देने पर गर्व व्यक्त किया। डीएससीआई के निदेशक डॉ विनोद कुमार ने कहा,“जब डॉक्टर स्वयं रक्तदान करते हैं, तो इससे विश्वास बढ़ता है और पूरा समुदाय प्रेरित होता है। यह शिविर जीवन बचाने और स्वैच्छिक रक्तदान की संस्कृति को बढ़ावा देने की हमारी सामूहिक जिम्मेदारी को दर्शाता है।”
डीएससीआई के संयुक्त निदेशक डॉ रवीन्दर सिंह ने कहा,“हमारे स्टाफ और स्वयंसेवकों की उत्साहपूर्ण भागीदारी स्वास्थ्य सेवाओं में टीमवर्क की शक्ति को दर्शाती है। ऐसे आयोजन हमारी चिकित्सा तैयारी और समुदाय से जुड़ाव को मजबूत करते हैं।” जीटीबी अस्पताल की ब्लड बैंक प्रभारी और इस आयोजन में गेस्ट ऑफ ऑनर रहीं डॉ रिचा गुप्ता ने टीमवर्क और संवेदनशीलता की सराहना करते हुए कहा कि
“स्वास्थ्यकर्मियों और नागरिकों को एक नेक कार्य के लिए साथ आते देखना प्रेरणादायक है।
आज का हर रक्तदान किसी जरूरतमंद के लिए उम्मीद लेकर आया है।” दूसरी गेस्ट ऑफऑनर , Institute of Human Behaviour and Allied Sciences की सहायक प्रोफेसर (पैथोलॉजी) डॉ ईशिता पंत ने कहा कि “स्वैच्छिक रक्तदान दया और मानवता का सबसे सरल लेकिन प्रभावशाली कार्य है। आज की भागीदारी बताती है कि सामूहिक प्रयास कितना सार्थक बदलाव ला सकता है।”
चिकित्सकीय टीम ने सभी सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित किया, जिससे प्रतिभागियों को सुरक्षित और सहज अनुभव मिला। आभार स्वरूप सभी रक्तदाताओं को उपहार और प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। यह पहल न केवल स्थानीय रक्त भंडार को मजबूत करने में सहायक रही, बल्कि यह संदेश भी दिया कि स्वैच्छिक रक्तदान जरूरतमंदों की मदद का एक सरल और प्रभावी माध्यम है।
कार्यक्रम का समापन डीएससीआई की सहायक प्रोफेसर (ऑन्को पैथोलॉजी) डॉ मोनिका गुप्ता द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। उन्होंने डॉक्टरों, कर्मचारियों और स्वयंसेवकों के प्रति आभार व्यक्त किया, जिनके सहयोग से यह शिविर सफल रहा।


