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COVID-19 3rd wave: विशेषज्ञों का दावा, अक्टूबर में आ सकती है तीसरी लहर, ये 8 काम बचा सकते हैं तीसरी लहर से

By उस्मान | Updated: June 19, 2021 08:29 IST

दुनियाभर के स्वास्थ्य विशेषज्ञों, डॉक्टरों, वैज्ञानिकों, वायरोलॉजिस्ट, महामारी विज्ञानियों ने तीसरी लहर की घोषणा की

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ठळक मुद्देदुनियाभर के स्वास्थ्य विशेषज्ञों की घोषणातीसरी लहर का नहीं होगा ज्यादा प्रभावटीकाकरण से निपटने में मिलेगी मदद

कोरोना वायरस की दूसरी लहर धीमी हो गई है और अब रोजाना नए मामलों में भी काफी गिरवाट आ रही है। इस बीच स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने कोरोना की तीसरी लहर की आशंका जताई है। उनका कहना है कि देश में कोरोना की तीसरी लहर अक्टूबर तक आ सकती है। उन्होंने उम्मीद जताई है कि इसे बेहतर तरीके से नियंत्रित किया जाएगा।

मिंट की रिपोर्ट के अनुसार, दुनिया भर के 40 स्वास्थ्य विशेषज्ञों, डॉक्टरों, वैज्ञानिकों, वायरोलॉजिस्ट, महामारी विज्ञानियों और प्रोफेसरों के 3-17 जून के स्नैप सर्वेक्षण से पता चला है कि टीकाकरण इसके खिलाफ प्रभावी हो सकता है और इससे नए प्रकोप को कुछ हद तक कवर करने में मदद मिल सकती है।

भविष्यवाणी करने वालों में से 85% से अधिक उत्तरदाताओं (24 में से 21) ने कहा कि अगली लहर अक्टूबर तक आएगी, जिसमें तीन ने अगस्त की शुरुआत में और 12 सितंबर की तारीख को लेकर भविष्यवाणी की।  

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान के निदेशक डॉ रणदीप गुलेरिया ने कहा है कि इसे और अधिक नियंत्रित किया जाएगा, क्योंकि मामले बहुत कम होंगे क्योंकि अधिक टीकाकरण शुरू हो गया है और दूसरी लहर से कुछ हद तक प्राकृतिक प्रतिरक्षा भी पैदा हुई है।

तीसरी लहर में बच्चों के वयस्कों की तुलना में बहुत अधिक प्रभावित होने की संभावना नहीं

सार्स कोवी-2 ‘सीरो पॉजिटिविटी’ दर बच्चों में वयस्कों की तुलना में अधिक है और इसलिए ऐसी संभावना नहीं है कि भविष्य में कोविड-19 का मौजूदा स्वरूप दो साल और इससे अधिक उम्र के बच्चों को तुलनात्मक रूप से अधिक प्रभावित करेगा। देश में चल रहे एक अध्ययन के अंतरिम नतीजों में यह दावा किया गया है। ‘सीरो-पॉजिटिविटी’ रक्त में एक विशेष प्रकार की एंटीबॉडी की मौजूदगी है।

कोरोना की तीसरी लहर से बचने के उपाय

नीति आयोग के सदस्य डॉ। वीके पॉल ने कहा कि बदलते वायरस की प्रतिक्रिया समान रहती है। हमें कोविड-उपयुक्त व्यवहार अपनाने की जरूरत है, जैसे मास्क लगाना, दूरी बनाना, स्वच्छता, गैर जरूरी मुलाकातें नहीं करना और घर में ही रहना। 

- सीएसआईआर ने भी कहा कि भारत अभी सामुदायिक प्रतिरोधक क्षमता हासिल करने से दूर है और ऐसे में लोगों को वायरस के संक्रमण से बचने के लिए मास्क पहनना चाहिए। इसके अलावा लोगों को सामाजिक दूरी तथा हाथों की सफाई जैसे उपायों का भी पालन करते रहना चाहिए।  

- कोरोना की तीसरी लहर से बचने के लिए अपने हाथों को नियमित रूप से साबुन से धोते रहें। - हो सके तो घर से बाहर ही न निकलें और अगर जा भी रहे हैं, तो मास्क पहनकर जायें और सैनिटाइजर साथ रखें। - अपने मास्क और किसी भी चीज को छूने से बचें। - संक्रमित लोगों और अन्य लोगों से कम से कम मीटर की दूरी बनाकर रखें। - छींकते या खांसते समय अपने मुंह को रुमाल या टिश्यू पेपर से कवर करें और टिश्यू पेपर को सही जगह फेंके। - अगर आपका स्वास्थ्य पहले से ही खराब है तो आप घर के अंदर ही रहें। - स्मोकिंग से बचें और फेफड़ों को प्रभावित करने वाली चीजों से दूरी बना लें। - कोरोना वायरस से बचने का सबसे आसान तरीका तो यह है कि अप बेवजह घर से बाहर ही न निकलें। 

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