लाइव न्यूज़ :

low oxygen level signs: कोरोना के मरीजों में ऑक्सीजन लेवल कम होने के 5 लक्षणों को समझें और तुरंत अस्पताल जाएं

By उस्मान | Updated: June 1, 2021 15:30 IST

कोरोना के अधिकतर मरीजन सांस की कमी से दम तोड़ रहे हैं

Open in App
ठळक मुद्देकोरोना के अधिकतर मरीजन सांस की कमी से दम तोड़ रहे हैं ऑक्सीजन लेवल कम होने पर मिलते हैं कुछ संकेतलक्षणों ओ नजरअंदाज न करें

कोरोना वायरस के अधिकतर मरीजों की मौत सांस की कमी से हो रही है। पिछले महीने कोरोना के मरीजों में ऑक्सीजन लेवल कम होने के अधिक मामले देखे गए। यही वजह थी कि मरीजों को अस्पतालों में ऑक्सीजन की आपूर्ति की भारी कमी का सामना करना पड़ा। एक्सपर्ट्स मानते हैं कि ऑक्सीजन लेवल की निगरानी करना और समय पर इलाज कराने से मरीज की जान को बचाया जा सकता है।

कोरोना एक सांस की बीमारी है, यही वजह है कि यह श्वसन प्रणाली के स्वस्थ कार्यों को बाधित करती है और कभी-कभी ऑक्सीजन के निम्न स्तर का कारण बन सकती है। जब कोरोनो वायरस संक्रमण के कारण शरीर में ऑक्सीजन का स्तर कम हो जाता है, तो शरीर की कोशिकाओं को सामान्य शारीरिक कार्य करने के लिए पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिलती है।

ऑक्सीजन का स्तर कम होने से शरीर के विभिन्न अंग विफल होने लगते हैं। यही कारण है कि अगर समय पर इलाज नहीं किया गया तो कोरोना से मौत हो सकती है।

कोरोना के मरीजों में ऑक्सीजन लेवल कम होने के संकेतकोरोने के मामले में हमेशा ऑक्सीजन लेवल कम होना जैसी परेशानी नहीं होती है। इसमें हल्का बुखार, खांसी और गंध और स्वाद की कमी जैसे लक्षण भी शामिल हो सकते हैं। हालांकि, जिन लोगों को सांस लेने में कठिनाई होती है या किसी भी समय सांस फूलने का अनुभव होता है, उन्हें अस्पताल ले जाना चाहिए और चिकित्सा सहायता लेनी चाहिए। 

सांस लेने में कठिनाईहाइपोक्सिया या कम ऑक्सीजन का स्तर सांस की तकलीफ, सांस लेने में कठिनाई और सांस फूलने जैसे लक्षणों से जुड़ा हो सकता है। ऐसे में रोगी के शरीर के लिए सामान्य रूप से कार्य करना मुश्किल हो जाता है। इसके लिए तत्काल चिकित्सा ध्यान देने की आवश्यकता हो सकती है।

सीने में दर्द शरीर में कम ऑक्सीजन का स्तर सीने में दर्द और जमाव के लक्षण भी पैदा कर सकता है, जिसे हल्के में नहीं लेना चाहिए। ऐसे लक्षण महसूस होने पर आपको तुरंत डॉक्टर से मिलना चाहिए। 

भ्रम की स्थितिजबकि शरीर में ऑक्सीजन का स्तर शरीर के सामान्य कार्य को सुनिश्चित करता है, ऑक्सीजन के स्तर में कमी से सोचने और ध्यान केंद्रित करने में असमर्थता हो सकती है। इसलिए भ्रम और सिरदर्द एक निर्धारित संकेत हो सकते हैं।

नीले होंठहोठों का नीला पड़ना या उनका रंग खराब होना शरीर में कम ऑक्सीजन के स्तर का संकेत हो सकता है। इसे सायनोसिस के रूप में भी जाना जाता है। जिन लोगों में पर्याप्त ऑक्सीजन की कमी होती है, उनके होंठ नीले हो सकते हैं।

नाक का फड़कनाशरीर में कम ऑक्सीजन का स्तर आपको सांस लेने के लिए हांफता हुआ छोड़ सकता है। इस दौरान एक संकेत के रूप में नाक का फड़कना नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। जब सांस लेते समय नासिका मार्ग के ज्यादा फैलते हैं, तो यह संकेत दे सकता है कि एक व्यक्ति के शरीर में ऑक्सीजन का स्तर कम है और उसे ठीक से सांस लेने में कठिनाई हो रही है।

टॅग्स :कोरोना वायरसकोविड-19 इंडियामेडिकल ट्रीटमेंटहेल्थ टिप्स
Open in App

संबंधित खबरें

स्वास्थ्यसन फार्मा ने लॉन्च किया ‘हार्ट के लिए 8- मेकिंग इंडिया हार्ट स्ट्रॉन्ग’ कैंपेन, दिल के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए भारतीयों से रोजाना में अच्छी आदतें अपनाने का आग्रह

स्वास्थ्यरात में सिर्फ़ 11 मिनट ज़्यादा सोने से हार्ट अटैक का खतरा हो सकता है कम

स्वास्थ्यरूमेटॉइड आर्थराइटिस विशेषज्ञ डॉ. मुकेश शारदा को Guinness World Records से अंतरराष्ट्रीय सम्मान

स्वास्थ्यक्या हीटवेव के दौरान आपकी किडनी को खतरा है? पीक गर्मी आने से पहले जानने हैल्थ टिप्स की ज़रूरी बातें

स्वास्थ्यकौन हैं डॉ. आरती किनिकर?, सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवा में खास उपलब्धि के लिए लोकमत महाराष्ट्रीयन ऑफ द ईयर 2026 पुरस्कार

स्वास्थ्य अधिक खबरें

स्वास्थ्यऑटिज्म : समझ और स्वीकार्यता की जरूरत

स्वास्थ्यफोर्टिफाइड चावल : पोषण या स्वास्थ्य पर संकट ?

स्वास्थ्यचीनी का सेवन कम कीजिए और खाना बनाते समय तेल का प्रयोग 10 प्रतिशत तक घटाएं?, प्रधानमंत्री मोदी बोले-छोटे प्रयास करिए और मोटापे को दूर भगाएं?

स्वास्थ्यसाल 2024 में 34539 लोगों की मौत हार्ट अटैक?, दिल्ली पुलिस और iLive Connect में करार, हृदय बीमारी पर वार

स्वास्थ्य1 अप्रैल से महंगी होंगी दवाइयां; पेनकिलर और एंटीबायोटिक के लिए देने होंगे इतने रुपये, जानें कितनी ढीली होगी जेब