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वैज्ञानिकों ने खोज निकाला अधिक जोखिम जगहों और बिना लक्षणों वाले मरीजों की पहचान करने के तरीका

By भाषा | Updated: June 29, 2020 15:45 IST

यह एक ऐसी खोज है जिससे वैज्ञानिकों को इस महामारी को रोकने में मदद मिल सकती है

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ठळक मुद्देइससे उन संभावित क्षेत्रों को इंगित करेंगे जहां से कोविड-19 के प्रसार का जोखिम अधिक होगाइस उपलब्धि है जो वैश्विक महामारी की रोकथाम में मददगार साबित हो सकती हैइससे उन क्षेत्रों को बचने में मदद मिलेगी जहां वायरस विनाशकारी प्रभाव डालता है

कोरोना वायरस का प्रसार तेजी से बढ़ता जा रहा है और इस महामारी से 504,410 लोगों की मौत हो गई है जबकि 10,243,858 लोग संक्रमित हुए हैं। कोरोना का कोई इलाज नहीं है लेकिन दुनियाभर के तमाम वैज्ञानिक इसकी दवा या टीका खोजने में जुटे हैं।

कोरोना के मरीजों की लक्षणों के आधार पर पहचान की जा सकती है लेकिन अधिकतर मामलों में लक्षण भी नजर नहीं आ रहे हैं। ऐसे में कोरोना को रोकना मुश्किल काम बनता जा रहा है लेकिन अब यह समस्या आसान होने वाली है। अनुसंधानकर्ताओं ने उन स्थानों का पता लगाने के लिए एक नयी, गैर आक्रामक रणनीति विकसित की है जो उन संभावित क्षेत्रों को इंगित करेंगे जहां से कोविड-19 के प्रसार का जोखिम अधिक होगा। 

इसके लिए वे मौजूदा सेलुलर (मोबाइल) वायरलैस नेटवर्कों से डेटा का प्रयोग करेंगे। यह ऐसी उपलब्धि है जो वैश्विक महामारी की रोकथाम में मददगार साबित हो सकती है।

बिना लक्षण वाले मरीजों की भी हो सकेगी पहचानअमेरिका की कोलोराडो स्टेट यूनिवर्सिटी के एडविन चोंग समेत अन्य वैज्ञानिकों के मुताबिक यह नयी तकनीक सबसे अधिक भीड़-भाड़ वाले स्थानों की पहचान में मदद करेगा जहां वायरस के ऐसे वाहकों के कई स्वस्थ लोगों से करीब से संपर्क में आने की आशंका बहुत ज्यादा होगी जिनमें रोग के लक्षण नजर नहीं आते हैं। 

इलाकों को विनाशकारी प्रभाव से बचाने में मिलेगी मददइस तकनीक से उन क्षेत्रों को ऐसे परिदृश्यों से बचने में मदद मिलेगी जहां वायरस किसी देश के घनी आबादी वाले इलाकों में विनाशकारी प्रभाव डालता है। वैज्ञानिकों का कहना है कि इस रणनीति का इस्तेमाल कर वे यह समझने की उम्मीद करते हैं कि मोबाइल उपयोगकर्ता किसी क्षेत्र में कैसे आवागमन करते हैं और जुटते हैं।

इसके लिए वे हैंडओवर और सेल (पुन:) चयन प्रोटोकॉल का उपयोग करते हैं। इस तकनीक का संपूर्ण ब्योरा ‘आईईईई ओपन जर्नल ऑफ इंजीनियरिंग इन मेडिसिन एंड बायोलॉजी’ में दिया गया है। 

भारत में कोविड-19 के संक्रमितों की कुल संख्या 5,48,318 हुई

भारत में एक दिन में कोविड-19 के 19,459 नए मामले सामने आने के बाद देश में संक्रमितों की संख्या बढ़कर 5,48,318 हो गई। वहीं, 380 और लोगों की मौत होने से मृतकों का आंकड़ा 16,475 पर पहुंच गया। केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार यह लगातार छठा दिन है जब कोरोना वायरस संक्रमण के 15 हजार से अधिक नए मामले सामने आए हैं। देश में एक जून के बाद 3,57,783 मामले सामने आ चुके हैं।

मंत्रालय द्वारा अद्यतन आकंड़ों के अनुसार अभी 2,10,120 मरीजों का इलाज चल रहा है जबकि 3,21,722 लोग उपचार के बाद स्वस्थ हो चुके हैं। वहीं एक मरीज देश से बाहर चला गया है। अधिकारी ने कहा, ‘‘इस प्रकार अभी तक 58.67 प्रतिशत मरीज ठीक हो चुके हैं।’’ कुल पुष्ट मामलों में विदेशी नागरिक भी शामिल हैं। भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के अनुसार 28 जून तक 83, 98, 362 लोगों की जांच की गई है, जिनमें से 1,70,560 लोगों की रविवार को जांच की गई थी।

आंकड़ों के अनुसार जान गंवाने वाले 380 लोगों में से 156 लोग महाराष्ट्र के, 65 दिल्ली के, 54 तमिलनाडु के, 19 गुजरात के, 16 कर्नाटक के , 12 आंध्र प्रदेश के, 11 उत्तर प्रदेश के, 10 पश्चिम बंगाल के, 8 राजस्थान के और सात लोग मध्य प्रदेश के हैं। वहीं, हरियाणा और पंजाब के पांच-पांच, तेलंगाना के चार, ओडिशा के तीन, वहीं जम्मू्-कश्मीर, असम, गोवा, उत्तराखंड और बिहार के एक-एक व्यक्ति की जान गई है। अभी तक हुई 16,475 लोगों की मौत के मामलों में महाराष्ट्र में सबसे अधिक 7,429 लोगों ने जान गंवाई है।

इसके बाद दिल्ली में 2,623, गुजरात में 1,808, तमिलनाडु में 1,079, उत्तर प्रदेश में 660 पश्चिम बंगाल में 639, मध्य प्रदेश में 557, राजस्थान में 399 और तेलंगाना में 247 लोगों की मौत हुई। हरियाणा में कोविड-19 से 223, कर्नाटक में 207, आंध्र प्रदेश में 169, पंजाब में 133, जम्मू कश्मीर में 94, बिहार में 60, उत्तराखंड में 38, केरल में 22 और ओडिशा में 21 लोगों ने जान गंवाई।

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