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कोरोना वायरस: नहीं मिल रही कोई दवा, 2 हजार साल पुराने तरीके से इलाज कर रहे हैं डॉक्टर, ये खास फल है दवा

By उस्मान | Updated: February 17, 2020 12:00 IST

यह फल कई एशियाई देशों में मिल सकता है इसके अलावा इसके कैप्सूल हर्बल दवा केन्द्रों पर मिल सकते हैं

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चीन में स्वास्थ्य अधिकारी घातक कोरोनावायरस से पीड़ित रोगियों पर अब प्राचीन पारंपरिक उपचार का इस्तेमाल कर रहे हैं। वुहान में इस बीमारी के प्रकोप के खिलाफ चिकित्सक पारंपरिक चीनी चिकित्सा का उपयोग पश्चिमी दवाओं के साथ मिलकर कर रहे हैं। राष्ट्रीय स्वास्थ्य आयोग (एनएचसी) ने बताया कि 2,048 नए मामलों की पुष्टि होने के साथ ही इससे संक्रमित लोगों की कुल संख्या 70,548 हो गई है।

डेली मेल की एक रिपोर्ट के अनुसार, वर्तमान में दुनिया भर के वैज्ञानिक कोरोना वायरस (COVID-19)का टीका बनाने के लिए दिन-रात काम कर रहे हैं लेकिन अभी तक कोई सफलता नहीं मिली है। वैज्ञानिक यह जांच भी कर रहे हैं कि क्या एचआईवी और इबोला की दवाएं कोरोना वायरस के लक्षणों के उपचार में प्रभावी हो सकती हैं।

क्या है यह पारंपरिक इलाज?

चीन के डॉक्टर कोरोना वायरस के संक्रमण के लिए अब हजारों साल पुरानी पारंपरिक चिकित्सा का इस्तेमाल कर रहे हैं। चीन में बायोमेडिकल अध्ययन का एक डेटाबेस, जिसे द चाइनीज़ क्लिनिकल ट्रायल रजिस्ट्री कहा जाता है, में चल रहे नियंत्रित परीक्षणों के साथ-साथ पारंपरिक दवाओं को भी सूचीबद्ध किया गया है।

पारंपरिक उपचारों में से एक शुआंगहुआंग्लियन (shuanghuanglian) है। यह एक चीनी हर्बल दवा है जिसमें लियान क्यूओ (Lian Qiao) का अर्क होता है। कहा जाता है कि इस सूखे फल का उपयोग 2,000 से अधिक वर्षों पहले संक्रमण के इलाज के लिए किया गया था। इस परीक्षण में लगभग 400 मरीजों को शामिल किया गया है। 

लियान क्यूओ (Lian Qiao) क्या है?

एक्यूपेंचरटुडे के अनुसार, इसे forsythia के नाम से भी जाना जाता है, जो एक प्रकार के पौधा है और पूरी दुनिया में पाया जाता है और इसे इसके फूलों के आकार और रंग के कारण इसे 'गोल्डन बेल' के रूप में भी जाना जाता है। चीन में यह पौधा शांक्सी, हेनान, शानक्सी और गांसु प्रांतों में पाया जाता है। इस पौधे के फल का औषधीय रूप से उपयोग किया जाता है। हर्बल उपचार में इस्तेमाल करने से पहले इसके फलों से बीजों को निकाल दिया जाता है और फलों को धूप में सुखाया जाता है।

पारंपरिक चीनी चिकित्सा में इसका इस्तेमाल दिल, फेफड़े और पित्ताशय से जुड़े रोगों के इलाज में किया जाता है। इसके अलावा इसका उपयोग शरीर की गंदगी साफ करने और बुखार व सिरदर्द जैसे लक्षणों से राहत पाने के लिए भी किया जाता है।

कहां मिलेगा यह फल और इसका कितनी मात्रा में सेवन करना चाहिए?

इसके खुराक 6 से 15 ग्राम सूखे फल के बीच होती है जिसका काढ़ा बनाकर सेवन किया जा सकता है। कुछ चिकित्सक 10 ग्राम की दैनिक कम से कम अधिकतम खुराक की सलाह देते हैं। कुछ एशियाई बाजारों में इसके सूखे फल मिल सकते हैं। इसके अलावा, पाउडर और कैप्सूल के रूप में भी हर्बल दुकानों और विशेष दुकानों पर उपलब्ध होता है। 

इस बात का रखें ध्यान

इस फल का इस्तेमाल करने से पहले डॉक्टर से सलाह लें। उन रोगियों को इसका सेवन करने से बचना चाहिए, जो खून की कमी से पीड़ित हैं। इसे गर्भावस्था के दौरान नहीं लिया जाना चाहिए।

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