भारत में कोविड-19 के 37,724 नए मामले सामने आने के बाद बुधवार को देश में संक्रमितों की कुल संख्या बढ़कर 11,92,915 हो गई। वहीं, उपचार के बाद 7,53,049 मरीज अभी तक संक्रमण मुक्त हो चुके हैं। देश में लगातार सातवें दिन कोविड-19 के 30,000 से अधिक नए मामले सामने आए हैं।
केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि कल एक दिन में सर्वाधिक 28,472 मरीज ठीक हुए। मंत्रालय द्वारा सुबह आठ बजे जारी किए अद्यतन आंकड़ों के अनुसार पिछले 24 घंटे में 648 और लोगों की मौत के बाद मृतक संख्या बढ़कर 28,732 हो गई।
आंकड़ों के अनुसार देश में 4,11,133 लोगों का कोरोना वायरस का इलाज जारी है और अभी तक 7,53,049 लोग संक्रमण मुक्त हुए हैं। उसने बताया कि मरीजों के ठीक होने की दर 63.13 प्रतिशत है। वहीं, कुल मामलों में संक्रमित पाए गए विदेशी नागरिक भी शामिल हैं। मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार पिछले 24 घंटे में जिन 648 लोगों की जान गई, उनमें से सबसे अधिक 246 लोग महाराष्ट्र के थे।
इसके बाद तमिलनाडु में 75, आंध्र प्रदेश में 62, कर्नाटक में 61, उत्तर प्रदेश में 37, पश्चिम बंगाल में 35, गुजरात में 34, दिल्ली में 27, मध्य प्रदेश में 18, हरियाणा, जम्मू-कश्मीर तथा राजस्थान में नौ-नौ, तेलंगाना में सात, ओडिशा में छह, छत्तीसगढ़ में चार, गोवा में तीन, झारखंड में दो, केरल, पुडुचेरी, पंजाब और त्रिपुरा में एक-एक व्यक्ति की जान गई है।
कोरोना वायरस से बचाव के तरीके
उन्होंने कहा कि अगर सामान्य बातों का ध्यान नहीं रखा जाएगा, तो हालात बिगड़ेंगे। ऐसे में एहतियात के तौर पर लोगों को हाथ धोना, सोशल डिस्टेंसिंग जैसे नियमों का पालन करना जरूरी है।
कोरोना से बचने के लिए दो गज की दूरी जरूरी
उन्होंने कहा, 'इस खास विषय को लेकर हम डब्ल्यूएचओ के मुख्यालय से आने वाली सूचनाओं पर नजर रख रहे हैं लेकिन आपको पता होगा कि आरंभिक चरण से ही हम 'दो गज दूरी' बनाए रखने पर लगातार जोर दे रहे हैं। दूरी बनाए रखने के इस विचार का पालन कर हम सुरक्षित रह सकते हैं क्योंकि सूक्ष्म बूंदें हवा में कुछ समय तक रह सकती है।'
हवा में फैल रहे वायरस से न घबराएं
हैदराबाद स्थित आधुनिक जीव विज्ञान के क्षेत्र में अनुसंधान करने वाले वैज्ञानिक ने कहा है कोरोना वायरस संक्रमण के हवा से फैलने संबंधी 200 से अधिक वैज्ञानिकों के एक समूह के दावे को लेकर घबराने की जरूरत नहीं है।
हर जगह और हर किसी को संक्रमित नहीं करेगा
उन्होंने यह भी कहा कि इस अध्ययन में सिर्फ यह बताने की कोशिश की गई है कि यह वायरस हवा में अस्थायी रूप से हो सकता है और इसका यह मतलब भी नहीं है कि वायरस हर जगह पहुंच रहा है और हर किसी को संक्रमित कर देगा।
कोरोना से बचने के लिए सोशल डिस्टेंसिंग जरूरी
उन्होंने कहा कि वायरस से बचने के लिए सामाजिक दूरी बनाये रखने जैसी अन्य सावधानी बरतना जारी रखना चाहिए। हवा में फैलने का मतलब है यह पांच माइक्रोन से कम आकार की छोटी बूंदों (ड्रॉप्लेटस) में हवा में इधर-उधर जा सकता है और इसका मतलब यह हुआ कि बड़ी बूंदों के रूप में यह कुछ ही मिनटों तक हवा में रहेगा।
अधिक समय तक मास्क पहनना जरूरी
यहां स्थित ‘सीएसआईआर-सेंटर फॉर सेल्युलर एंड मॉलिक्यूलर बायोलॉजी’ (सीसीएमबी) के निदेशक राकेश मिश्रा ने कहा कि इसका मतलब यह है कि लोगों को अधिक समय तक मास्क पहनना चाहिए।
(समाचार एजेंसी भाषा के इनपुट के साथ)