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COVID-19: भारत में करीब 55 लाख लोग संक्रमित, 88 हजार की मौत, एक्सपर्ट्स ने बताए वायरस को रोकने 2 असरदार तरीके

By उस्मान | Updated: September 21, 2020 12:39 IST

कोरोना वायरस से बचने के उपाय : एक्सपर्ट्स द्वारा बताये गए इन दो कामों में अगर कामयाबी मिली तो कोरोना वायरस का खतरा जल्दी खत्म हो सकता है

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ठळक मुद्देभारत में एक दिन में कोविड-19 के 86,961 नए मामलेकोरोना से अब तक करीब 88 हजार की मौत अब तक 6.43 करोड़ टेस्ट

भारत में एक दिन में कोविड-19 के 86,961 नए मामले सामने आने के बाद देश में संक्रमण के मामले बढ़कर सोमवार को 54,87,580 हो गए। केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार देश में 43,96,399 लोगों के संक्रमण मुक्त होने के बाद मरीजों के ठीक होने की दर अब बढ़कर 80.12 प्रतिशत हो गई। 

कोरोना से अब तक करीब 88 हजार की मौत मंत्रालय की ओर से जारी किए गए अद्यतन आंकड़ों के अनुसार देश में कोविड-19 के अभी तक कुल 54,87,580 मामले सामने आए हैं। वहीं, पिछले 24 घंटे में 1,130 और लोगों की मौत के बाद मृतक संख्या बढ़कर 87,882 हो गई।

अब तक 6.43 करोड़ टेस्टआंकड़ों के अनुसार मृत्यु दर गिरकर 1.6 प्रतिशत हो गई है। देश में अभी 10,03,299 मरीजों का कोरोना वायरस का इलाज जारी है, जो कुल मामलों का 18.28 प्रतिशत है। भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के अनुसार देश में 20 सितम्बर तक कुल 6,43,92,594 नमूनों की कोविड-19 की जांच की गई है।  

कोरोना वायरस का कहर कम होने के नाम नहीं ले रहा है। चीन से निकली इस महामारी से दुनियाभर में 3 करोड़ से अधिक लोग संक्रमित हो चुके हैं और  9,56,881 लोगों की मौत हो गई है। इस खतरनाक वायरस से करीब 213 देश प्रभावित हैं। 

कोरोना का कोई इलाज नहीं है लेकिन दुनिया भर के वैज्ञानिक और चिकित्सा विशेषज्ञ वायरस के प्रसार को रोकने के लिए एक दिन-रात वैक्सीन बनाने पर काम कर रहे हैं। लेकिन सवाल अब भी वही है कि आखिर कोरोना वायरस महामारी कब और कैसे खत्म होगी?

165 से अधिक वैक्सीन का प्रीक्लिनिकलअब तक, 165 से अधिक वैक्सीन का प्रीक्लिनिकल और क्लिनिकल परीक्षण चल रहा है और उनमें से 33 से अधिक मानव परीक्षणों के महत्वपूर्ण अंतिम चरण में पहुंच गए हैं। अच्छी खबर यह है कि भले ही टीका पूरी तरह से प्रभावी नहीं है, फिर भी यह महामारी के प्रसार को नियंत्रित करने में प्रभावी होगा।

75 प्रतिशत प्रभावी टीके का उत्पादन करने पर जोरअमेरिका के शीर्ष संक्रामक रोग विशेषज्ञ डॉक्टर एंथोनी फौसी के अनुसार, एक वैक्सीन जो सुरक्षित है और 50 से 60 प्रतिशत प्रभावी भी स्वीकार्य होगी, भले ही वैज्ञानिकों का लक्ष्य वैक्सीन का उत्पादन करना है जो 75 प्रतिशत प्रभावी है।

प्रारंभिक अध्ययनों के शुरुआती आंकड़ों ने कई वैक्सीन उम्मीदवारों के लिए सकारात्मक परिणाम दिखाए हैं और हम सावधानीपूर्वक 2021 की पहली तिमाही तक प्रभावी रूप से प्रभावी वैक्सीन की उम्मीद कर सकते हैं।

प्रतिरक्षा विकसित होने से मिलेगी मददइस तरह की महामारी को खत्म करने के दूसरा उपाय वायरस के खिलाफ प्रतिरक्षा प्राप्त करना है। एक्सपर्ट्स मानते हैं कि इस तरह के वायरस के खिलाफ लोगों में  प्रतिरक्षा विकसित होने बहुत जरूरी है। जब लोग हमेशा की तरह बाहर निकलेंगे तो अधिक से अधिक लोग बीमारी से संक्रमित हो जाएंगे और वायरस के खिलाफ प्रतिरक्षा विकसित करेंगे। 

भारत उन कुछ देशों में है जहां रोजाना बड़ी संख्या में जांच की जा रही है। देश में प्रयोगशालाओं के बेहतर नेटवर्क और इस तरह की अन्य सुविधाओं से इसमें पर्याप्त सहायता मिली है। इस उपलब्धि के आधार पर प्रति दस लाख पर जांच में तेजी से बढ़ोतरी हुई है।

स्वास्थ्य मंत्रालय ने जोर देकर कहा कि वह बढ़ते क्रम की निरंतरता की इस प्रवृत्ति को बनाए रखेगा। जनवरी में सिर्फ पुणे में देश की एकमात्र प्रयोगशाला थी और अब देश में इसकी संख्या बढ़ कर 1678 हो गई है। इसमें 1,040 प्रयोगशालाएं सार्वजनिक क्षेत्र की जबकि 638 प्रयोगशालाएं निजी क्षेत्र की हैं।

(समाचार एजेंसी भाषा के इनपुट के साथ) 

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