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Coronavirus : अगर ये 2 बातें सच साबित हुई तो भारत में जल्दी खत्म हो जाएगा कोरोना वायरस

By उस्मान | Updated: April 2, 2020 17:12 IST

भारत में कोरोना के मरीजों की संख्या 1,998 हो गई है और यह आंकड़ा बढ़ता ही जा रहा है

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भारत में कोरोना वायरस के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। अभी तक की रिपोर्ट के अनुसार देश में कोरोना के मरीजों की संख्या 1,998 हो गई है और यह आंकड़ा बढ़ता ही जा रहा है। मौत के इस वायरस की चपेट में आकर अब तक 58 मरीजों ने दम तोड़ दिया है।

चीन से निकले इस वायरस की चपेट में दुनियाभर में अब तक 935,957 लोग आ चुके हैं और 47,245 लोगों ने दम तोड़ दिया है। इनमें सबसे ज्यादा मौत इटली में 13,155 हुई हैं। इसके बाद स्पेन में 9387, अमेरिका में 5110, फ्रांस में 4,032 और चीन में 3,312 लोगों की मौत हुई है। कोरोना ने दुनियाभर के 203 देशों को अपनी चपेट में लिए हुआ है। हालांकि कोरोना के 194,578 मरीजों का इलाज भी हो चुका है।   

कोरोना वायरस का अभी तक कोई स्थायी इलाज और दवा नहीं है। हालांकि दुनियाभर के डॉक्टर और वैज्ञानिक दिन-रात इसके इलाज की खोज में लगे हैं। फिलहाल इससे बचने का सिर्फ एक ही तरीका है और वो है सोशल डिस्टेनिंग। इससे इस वायरस को फैलने से रोका जा सकता है। 

पिछले साल दिसम्बर में चीन के वुहान शहर में कोरोना का पहला मामला आने के बाद भारत सहित दुनियाभर के देशों के मेडिकल एक्सपर्ट इसका इलाज खोजने में जुट गए हैं। इस बीच कई कोरोना को लेकर कई अध्ययन आये हैं और कुछ जारी हैं। कुछ अध्ययनों में बताया गया है कि कोरोना के लिए बीसीजी का टीका कारगर हो सकता है और ज्यादा तापमान में इसे खत्म किया जा सकता है। अगर यह रिसर्च कामयाब साबित हुए तो भारत में जल्द ही इससे राहत पाई जा सकती है, चलिए जानते हैं कैसे।  

1) बीसीजी का टीकामनी कंट्रोल की एक रिपोर्ट के अनुसार, तपेदिक या टीबी के लिए दिए जाने वाला बीसीजी (BCG) का टीका कोरोना वायरस के इलाज में सहायक हो सकता है। अमेरिका, यूरोप और ऑस्ट्रेलिया के वैज्ञानिकों ने इसे लेकर अध्ययन करना शुरू कर दिया है।

भारत में पुणे स्थित सेरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया भी जल्द ही अन्य टीबी वैक्सीन का परीक्षण करनेवाला है। VPM1002 नाम के वैक्सीन का परीक्षण कर पता लगाया जाएगा कि क्या इसका इस्तेमाल कोरोना वायरस के इलाज में किया जा सकता है।

यह पता किया जाएगा कि क्या इससे इम्यूनिटी को बढ़ाकर कोविड-19 को रोका जा सकता है। भारत में यह टीका टीबी से बचने के लिए बचपन में लगा दिया जाता है। अगर यह अध्ययन सही साबित हुआ, तो भारत में कोरोना वायरस के मामले बहुत अधिक नहीं बढ़ेंगे।  2) गर्मी और उमसऐसा कहा रहा है कि कोरोना वायरस का संक्रमण अधिक तापमान में मर जाता है। हालांकि इस बारे में अभी भी कोई सबूत नहीं है कि गर्मी और आर्द्रता बढ़ने से कोरोना वायरस का फैलना कम हो सकता है। लेकिन कई एक्सपर्ट ऐसा मानते हैं कि ऐसा संभव है।

इंडियन इम्युनोलॉजिकल के मैनेजिंग डायरेक्टर आनंद कुमार ने कहा, 'अधिकांश वायरस 45 डिग्री से अधिक तापमान में जीवित नहीं रह पाएंगे, जो हम जानते हैं। भारत में गर्मियों के मौसम में तापमान 45 डिग्री से अधिक बढ़ जाता है, जो कोरोना वायरस के खिलाफ हानिकारक हो सकता है। 

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