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Blood type and Health: इन ब्लड ग्रुप वालों को है कोरोना वायरस और हार्ट अटैक का ज्यादा खतरा

By उस्मान | Updated: March 12, 2021 09:53 IST

कहीं आपका ब्लड ग्रुप भी तो यह नहीं है, जानिये कैसे करें बचाव

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ठळक मुद्देओ ब्लड ग्रुप वालों को रोगों का कम खतराओ ब्लड ग्रुप वालों को कोरोना का भी जोखिम कमजानिये कैसे करें बचाव

बीमारियां लोगों को अलग-अलग तरीके से प्रभावित करती हैं। इंसान का ब्लड ग्रुप भी इसमें शामिल है। ऐसा माना जाता है कि कुछ ब्लड ग्रुप वालों को कम और कुछ को रोगों का जोखिम ज्यादा होता है। हम आपको दो गंभीर बीमारियों कोरोना वायरस और हार्ट अटैक यानी दिल का दौरा के बारे में बता रहे हैं, जो आपको ब्लड ग्रुप के हिसाब से प्रभावित कर सकती हैं। 

हार्ट अटैक या दिल का दौराविश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, हार्ट अटैक दुनियाभर में होने वाली मौतों के प्रमुख कारणों में से एक रहा है। टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार, अगर आपका ब्लड ग्रुप 'ओ' नहीं है, तो आपको ज्यादा सावधान रहना चाहिए।

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, एक हालिया अध्ययन के अनुसार, जिनका ब्लड ग्रुप ओ नहीं है, उन्हें दिल का दौरा पड़ने का अधिक जोखिम है। शोधकर्ताओं ने पता लगाया कि रक्त का प्रकार दिल के दौरे के जोखिम को कैसे बढ़ा सकता है। 

अध्ययन में 400,000 से अधिक लोगों को शामिल किया गया और पाया गया कि 'ओ' ब्लड ग्रुप वालों की तुलना में 'ए' या 'बी' वाले लोगों में दिल के दौरे कासंयुक्त 8 प्रतिशत अधिक जोखिम होता है।

इसी तरह के एक अध्ययन में 1.36 मिलियन से अधिक लोगों को शामिल किया गया था. यह अध्ययन 2017 में यूरोपियन सोसाइटी ऑफ कार्डियोलॉजी द्वारा किया गया था। इस अध्ययन में यह भी पाया गया कि जिन लोगों का ब्लड ग्रुप ओ नहीं है, उन्हें कोरोनरी और हृदय संबंधी समस्याओं का जोखिम 9 प्रतिशत अधिक है, विशेष रूप से दिल के दौरे का।

ए ब्लड टाइप वाले लोगों में ब्लड ग्रुप ओ की तुलना में हार्ट फेलियर का 11 प्रतिशत खतरा होता है। हार्ट फेल्योर और हार्ट अटैक दोनों ही दिल की बीमारी के रूप हैं, लेकिन हार्ट फेलियर धीरे-धीरे विकसित होती है, जबकि हार्ट अटैक अचानक हो सकता है। 

कोरोना वायरसपिछले साल नवंबर में मेडिकल जर्नल नेचर में प्रकाशित एक अध्ययन ने दावा किया है कि रक्त का प्रकार कोरोना के जोखिम को प्रभावित कर सकता है। न्यूयॉर्क प्रेस्बिटेरियन हॉस्पिटल अस्पताल में 14,000 व्यक्तियों का मूल्यांकन किया गया और पाया गया कि ओ-पॉजिटिव ब्लड ग्रुप वालों को कोरोना का अधिक जोखिम था। 

जर्नल में प्रकाशित पहले के एक अध्ययन 473,000 लोगों पर किता गया। इसमें पता चला की  किये गए व्यक्तियों के बीच आयोजित किया गया था, जिन्होंने COVID-19 के लिए सकारात्मक परीक्षण किया था और इनमें से 2.2 मिलियन से ज्यादा लोगों का ब्लड ग्रुप 'ओ' था यानी इन्हें कम जोखिम था।

ए ब्लड ग्रुप वाले लोगों को कोरोना का अधिक खतराटीओआई की एक रिपोर्ट के अनुसार, ब्लड एडवांस में प्रकाशित एक हालिया कैनेडियन अध्ययन ने एक डेटा का मूल्यांकन किया जिसमें कोरोना के 95 गंभीर मरीज शामिल थे। 95 व्यक्तियों में से, 84 फीसदी लोगों का ब्लड ग्रुप 'ए' था। शोधकर्ता इस नतीजे पर पहुंचे कि टाइप ए ब्लड ग्रुप वाले लोगों को अन्य रक्त प्रकारों की तुलना में कोरोना का खतरा अधिक होता है।

ओ ब्लड ग्रुप वालों को है कोरोना का कम खतराहाल ही में किए गए अध्ययन और पहले किए गए शोधों के अनुसार, ओ ब्लड ग्रुप वाले लोगों को कोरोना संक्रमण का कम जोखिम है और ऐसे लोग इस बीमारी की चपेट में कम हैं।

विशेषज्ञों का सुझाव है कि विभिन्न रक्त समूह प्रकार संचार प्रणाली पर एक अलग प्रभाव डालते हैं और शरीर में रक्त के थक्के के तरीके को बदलते हैं।

फ्रांस के एक मेडिकल निदेशक के अनुसार, ओ ब्लड ग्रुप वाले व्यक्तियों में थक्के विकसित होने का खतरा कम होता है, जो कोरोना की गंभीरता और जोखिमों के स्तर पर गंभीर प्रभाव डालता है।

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