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यूनानी और प्राकृतिक चिकित्सा कारगर, दर्द को चुटकी में दूर कर देते हैं डॉ. रजनीश कांत!, कई नेता और अभिनेता का सफलतम इलाज

By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: December 16, 2023 20:27 IST

भोजपुर जिला के आरा के  बेगमपुर मोहल्ले में जन्मे रजनीश कांत बचपन से ही अपने दोस्तों के शरीर के दर्द को हड्डी चटका कर ठीक कर देते थे।

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ठळक मुद्देकॉमर्स से स्नातक करने के बाद भी कोई विद्यार्थी डॉक्टर बनता है? बिहार के आरा के रजनीश कांत की है।बिना किसी दवा के अपने हाथों से ही लोगों के दर्द को भगा देते हैं।

पटनाः भारत में चिकित्सा की कई पद्धतियां प्रचलित हैं जिनमें मुख्यतः एलोपैथी, होम्योपैथी और आयुर्वेद को ही लोग मुख्यतः जानते हैं । लेकिन अपने भारत मे कई प्रकार की।असाध्य बीमारियों को ठीक करने में इससे हटकर यूनानी और प्राकृतिक चिकित्सा भी अपने आप में कारगर सिद्ध हो रही हैं। इसी तरह की एक चिकित्सा पद्धति है कायरोप्रेक्टिक।

देशभर में वैसे तो कई चिकित्सक इसे बड़ी बड़ी दर्द की बीमारियों के कारगर इलाज के रूप में आजमा रहे हैं और इनसे बहुतेरे लोगों का सफल इलाज भी हो चुका है। वैसे ही एक डॉक्टर हैं रजनीश कांत। बिहार के आरा के रहने वाले डॉ. रजनीश कांत आज देश के बेहतरीन काइरोप्रैक्टिक की सूची में शुमार हैं।

अपने हालिया चिकित्सा के दौरान वे राजनेता लालू प्रसाद यादव, तेजस्वी यादव, अभिनेता पंकज त्रिपाठी, खेसारी लाल यादव, दिनेश लाल यादव निरहुआ जैसे बड़ी सेलिब्रिटियों का सफलतम इलाज कर चुके हैं। आमतौर पर डॉक्टर बनने की चाहत रखने वाले विद्यार्थी 8वीं कक्षा से ही इसके लिए मानसिक रूप से तैयार होने लगते हैं, जैसे कि विज्ञान से सम्बंधित विषयों पर अपनी पकड़ मजबूत बनाने लगते हैं।

लेकिन क्या कभी आपने सुना है कि कॉमर्स से स्नातक करने के बाद भी कोई विद्यार्थी डॉक्टर बनता है? कुछ ऐसी ही कहानी बिहार के आरा के रजनीश कांत की है। दरअसल वह कॉमर्स के छात्र होकर भी आज देश के बेहतरीन काइरोप्रैक्टिक की लिस्ट में शुमार हो गए हैं। वह एक ऐसे डॉक्टर हैं जो कि बिना किसी दवा के अपने हाथों से ही लोगों के दर्द को भगा देते हैं।

भोजपुर जिला के आरा के  बेगमपुर मोहल्ले में जन्मे रजनीश कांत बचपन से ही अपने दोस्तों के शरीर के दर्द को हड्डी चटका कर ठीक कर देते थे। धीरे-धीरे आसपास के गांव वालों को भी इसकी जानकारी होने लगी । इसके बाद तो सभी अपने पुराने दर्द लेकर रजनीश के पास चले आते और दर्द से छुटकारा पाकर वापस जाने लगे।

लोगों का इलाज करने के साथ रजनीश कांत अपनी रेग्युलर पढ़ाई जारी रखते हुए 2006 में बीकॉम किया । इसके बाद नौकरी की तलाश में पटना और फिर नोएडा चले गए ।नोएडा में ही लोगों की सलाह पर रजनीश ने अपने इस हुनर को पेशा बनाने की ठानी । इस बीमारी का इलाज कर रहे रजनीश कांत को यह नही पता था कि जिस विधि से वे लोगों के दर्द का इलाज करते हैं वो कायरोप्रेक्टिक विधि कहलाती है।

इस बारे में जानकारी जुटाने के बाद रजनीश को पता चला कि इसके लिए 12वीं में बायोलॉजी साइंस का होना जरूरी है। इसके बाद रजनीश ने नौकरी छोड़ कर फिर से बायलॉजी से इंटर किया और पटना में लोन लेकर फिजियोथेरेपी का कोर्स पूरा किया और आज की तारीख में वे भारत के बेहतरीन कैरोपरैक्टर डॉक्टर की सूची में शुमार हैं।

डॉ. रजनीश से इलाज करवाने के लिए आम से लेकर खास तक अपनी बारी का इंतजार करते हैं। पटना के साथ मुंबई में भी इनका क्लीनिक है। अब तक इन्होंने लालू प्रसाद यादव, तेजस्वी यादव, पंकज त्रिपाठी, खेसारी लाल यादव, काजल राघवानी समेत देश विदेश के कई कलाकारों और राजनेताओं सहित बड़े बड़े कारोबारियों और आमलोगों का ट्रीटमेंट किया है।

यही नहीं, डॉ. रजनीश दूसरों को भी इस तरीके से इलाज करने की ट्रेनिंग भी देते हैं। इसके लिए देश-विदेश से लोग आते हैं। डॉक्टर रजनीश कांत सिर्फ इलाज ही नहीं करते बल्कि वे समाज सेवा के तौर पर हर महीने की एक तारीख को करीब 100 मरीजों का इलाज फ्री में भी करते हैं । साथ ही स्पेशल चाइल्ड का ट्रीटमेंट फ्री या रियायती दर पर करते हैं।

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