लाइव न्यूज़ :

बांग्लादेश खसरा प्रकोपः 100 से अधिक बच्चों की मौत?, मार्च से अब तक 900 से अधिक केस, खसरा-रूबेला का आपातकालीन टीकाकरण अभियान चलाया?

By सतीश कुमार सिंह | Updated: April 7, 2026 12:10 IST

Bangladesh measles outbreak: बांग्लादेश पिछले कई वर्षों में खसरे के सबसे भीषण प्रकोप से जूझ रहा है, जिसमें टीकाकरण न करवाए गए शिशुओं की संख्या में वृद्धि के बीच 100 से अधिक बच्चों की मौत हो चुकी है।

Open in App
ठळक मुद्देअभियान को अगले महीने से चरणबद्ध तरीके से पूरे देश में विस्तारित किया जाएगा।खसरा-रूबेला टीकाकरण का आपातकालीन अभियान शुरू किया है। कभी-कभी इसके गंभीर या घातक परिणाम भी हो सकते हैं।

ढाकाः बांग्लादेश में एक महीने से भी कम समय में खसरे के प्रकोप से 100 से अधिक बच्चों की मौत के बाद संक्रमण पर काबू पाने के लिए देश में खसरा-रूबेला का आपातकालीन टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है। एक संयुक्त बयान के अनुसार, सरकार ने रविवार को विश्व स्वास्थ्य संगठन, संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (यूनिसेफ) और ‘गावी वैक्सीन एलायंस’ की साझेदारी में 18 उच्च जोखिम वाले जिलों में छह महीने से पांच वर्ष तक के बच्चों के टीकाकरण की शुरुआत की गई है। अभियान को अगले महीने से चरणबद्ध तरीके से पूरे देश में विस्तारित किया जाएगा।

मार्च से अब तक 900 से अधिक मामले सामने आने के बाद, सरकार ने संयुक्त राष्ट्र के सहयोग से देश भर में बच्चों के लिए खसरा-रूबेला टीकाकरण का आपातकालीन अभियान शुरू किया है। खसरा एक अत्यधिक संक्रामक वायुजनित रोग है, जिससे बुखार, श्वसन संबंधी लक्षण और एक विशिष्ट प्रकार का दाने हो जाता है और कभी-कभी इसके गंभीर या घातक परिणाम भी हो सकते हैं।

खासकर छोटे बच्चे अधिक शिकार होते है। 2024 में वैश्विक स्तर पर 11 मिलियन से अधिक मामले दर्ज किए गए। इस वर्ष ब्रिटेन में एक घातक प्रकोप हुआ, जिसमें दो लोगों की मृत्यु हो गई और अमेरिका के कई राज्य भी इस घातक बीमारी के प्रसार से जूझ रहे हैं। जहां 2025 में 2,000 से अधिक मामले दर्ज किए गए, जो पिछले तीन दशकों में सबसे खराब स्थिति है।

बांग्लादेश में मार्च में शुरू हुई मामलों में वृद्धि दक्षिण एशियाई देश में वर्षों में सबसे खराब स्थिति है। हालांकि बांग्लादेश में बच्चों के लिए खसरे का टीकाकरण कार्यक्रम है। नव निर्वाचित सरकार ने कहा कि पिछली सरकारों के कुप्रबंधन के कारण संवेदनशील क्षेत्रों में कार्यक्रम में कमियां रह गईं और टीकों के भंडार की कमी हो गई।

संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, बीमारी को फैलने से रोकने के लिए 95% आबादी का टीकाकरण होना आवश्यक है। इस महीने का आपातकालीन अभियान उच्च जोखिम वाले जिलों में छह महीने से पांच साल की उम्र के बच्चों पर केंद्रित होगा और फिर इसे पूरे देश में विस्तारित किया जाएगा।

टॅग्स :बांग्लादेशतारिक रहमान
Open in App

संबंधित खबरें

भारत3 दिन के भारत दौरे पर बांग्लादेशी विदेश मंत्री, क्या सुलझेंगे पुराने मुद्दे? जानें क्या मुद्दे शामिल

भारतफील्ड मार्शल सैम मानेकशॉ: पाक पर 1971 की महाविजय के नायक

भारतबांग्लादेश ने IPL पर अपना रुख बदला, देश अब करेगा मैचों का प्रसारण, मंत्री ने पुष्टि की

विश्व40 की जगह और 50 को बैठाया?, 6 घंटे बाद डूबी बस को पद्मा नदी से बाहर निकाला, अब तक 23 शव बरामद, लोग लापता, वीडियो

भारतकोलकाता में भूकंप, रिक्टर स्केल पर 5.4 तीव्रता, डर से भागे लोग, वीडियो

स्वास्थ्य अधिक खबरें

स्वास्थ्यJammu-Kashmir: जम्‍मू कश्‍मीर में कैंसर का बढ़ता बोझ, 2018 से कश्मीर में 50,000 से ज्‍यादा मामले सामने आए

स्वास्थ्यविश्व स्वास्थ्य दिवसः वैज्ञानिक सोच से बदलेगी सेहत की तस्वीर

स्वास्थ्यपुष्पा… नाम सुनकर फ्लावर समझे क्या? फायर है मैं…”

स्वास्थ्यसन फार्मा ने लॉन्च किया ‘हार्ट के लिए 8- मेकिंग इंडिया हार्ट स्ट्रॉन्ग’ कैंपेन, दिल के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए भारतीयों से रोजाना में अच्छी आदतें अपनाने का आग्रह

स्वास्थ्यऑटिज्म : समझ और स्वीकार्यता की जरूरत