पत्नी, 5 बेटा, 1 बेटी, 4 बहु और 7 नाती-पोतों के साथ 4 मंजिला इमारत में रहते थे व्यवसायी राजेंद्र कश्यप?, देखते ही देखते 9 की जान?
By सतीश कुमार सिंह | Updated: March 18, 2026 19:43 IST2026-03-18T17:20:32+5:302026-03-18T19:43:50+5:30
दिल्ली अग्निशमन सेवा (डीएफएस) को सुबह करीब सात बजे पालम मेट्रो स्टेशन के पास एक इमारत में घर पर आग लगने की सूचना मिली, जिसके बाद दमकल के 30 वाहन मौके पर भेजे गए।

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नई दिल्ली: दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के पालम इलाके में बुधवार सुबह एक बहुमंजिला आवासीय इमारत में भीषण अग्निकांड में एक ही परिवार के नौ सदस्यों की मौत हो गई, जिनमें तीन बच्चे भी शामिल हैं। व्यवसायी राजेंद्र कश्यप अपनी पत्नी, पांच बेटों, एक बेटी, चार बहुओं और सात नाती-पोतों के साथ चार मंजिला इमारत में रहते थे। अधिकारियों ने बताया कि इमारत के तहखाने, भूतल और पहली मंजिल पर कश्यप का कपड़ा और सौंदर्य प्रसाधन का शोरूम था। कश्यप बाजार समिति के प्रमुख भी हैं। परिवार ऊपरी मंजिलों पर रहता था। स्थानीय निवासियों ने बताया कि कश्यप काम के सिलसिले में बाहर गए हैं।
दिल्ली के पालम इलाके में एक बिल्डिंग में आग लगी, करीब 9 लोगों के फंसे होने की खबर है। 20 से ज्यादा दमकल गाड़ियां बचाव–राहत कार्य में जुटी हैं। pic.twitter.com/O8bz5RKhPA
— Sachin Gupta (@Sachingupta) March 18, 2026
दिल्ली-इंदौर में बड़़ा हादसाः जिंदा जले 17 लोग...
पालम अग्निकांड : मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अनुग्रह राशि की घोषणा की
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बुधवार को पालम अग्निकांड में मारे गए प्रत्येक वयस्क के परिवार को 10 लाख रुपये और प्रत्येक नाबालिग के परिवार को पांच-पांच लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की। गुप्ता ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘दिल्ली सरकार प्रभावित परिवारों के साथ मजबूती से खड़ी है और हरसंभव सहायता सुनिश्चित करेगी। वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है।’’
Please see this. The family members can be seen shouting for help and they could have been saved.
— Saurabh Bharadwaj (@Saurabh_MLAgk) March 18, 2026
But the hydraulic lift of firebrigade did not function. And 9 members of a family were burnt alive in presence of police & fire officials. In desperation, a father threw his 6… https://t.co/ma4kP11Ye2pic.twitter.com/NOrPS5PFBF
पालम आगः 3 बच्चे सहित 9 लोग जिंदा जले
Several people were reported trapped after a major fire broke out in a residential building in #Southwest#Delhi’s #Palam area
— The Times Of India (@timesofindia) March 18, 2026
According to the fire department, a distress call was received at around 7 am regarding a blaze near the Palam #MetroStation.
More details… pic.twitter.com/dVyVJRC1IN
आग लगने के समय परिवार के सदस्य घर पर ही थे। घने धुएं के बीच कश्यप के परिवार के सदस्य बचाव की प्रतीक्षा कर रहे थे। लगभग 20 दमकल गाड़ियां, 11 एम्बुलेंस और राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनए) की टीमें बचाव अभियान में शामिल हुईं और आग पर काबू पाने में कई घंटे लग गए।
VIDEO | Delhi: Rescue operations are underway at a residential building in the Palam area, where a fire broke out. Around 30 fire tenders were rushed to the spot to douse the flames and rescue people who may be trapped inside. More details are awaited.
— Press Trust of India (@PTI_News) March 18, 2026
(Full video available on… pic.twitter.com/52r3irzfUZ
नौ मृतकों में कश्यप की 70 वर्षीय पत्नी लाडो, उनके बेटे प्रवेश (33) और कमल (39), बेटी हिमांशी (22), बहुएं आशु (35) और दीपिका (28), और पोतियां, जिनकी उम्र 15, छह और तीन वर्ष हैं। कश्यप के बेटे अनिल (32) ने अपनी दो वर्षीय बेटी को छत से फेंका और खुद भी छलांग लगा दी। दोनों का इलाज चल रहा है। सबसे छोटा बेटा सचिन (29) खुद को बचाने के लिए पास की एक इमारत में कूद गया।
#BREAKING : 9 Dead, 3 Injured in Devastating Fire at Cloth Shop in Delhi’s Palam
— upuknews (@upuknews1) March 18, 2026
At least nine people lost their lives and three sustained injuries after a fire engulfed a cloth shop in Ram Market, Palam. Delhi Police confirmed the casualties.#DelhiFire#Palam#Fire… pic.twitter.com/zmHwoDATwl
लगभग 25 प्रतिशत जल गया है। उसका भी इलाज चल रहा है। एक रिश्तेदार ने बताया कि कश्यप का एक बेटा अपनी पत्नी और बच्चों के साथ शिमला में छुट्टियां मना रहा था और इस त्रासदी से बच गया। कुछ प्रत्यक्षदर्शियों का दावा है कि हाइड्रोलिक सीढ़ी में खराबी के कारण बचाव अभियान में देरी हुई। हालांकि एक दमकलकर्मी ने बताया कि सीढ़ी पर्याप्त लंबी नहीं थी, इसलिए उन्हें दूसरी सीढ़ी बुलानी पड़ी।
बाजार संघ के महासचिव मुकेश वर्मा ने बताया कि जब यह त्रासदी हुई, तब कश्यप, उनका एक बेटा और उनका परिवार यात्रा कर रहे था। प्रत्यक्षदर्शियों के इस दावे के बारे में पूछे जाने पर कि हाइड्रोलिक सीढ़ी ठीक से काम नहीं कर रही थी। उन्होंने कहा कि 100 प्रतिशत, सीढ़ी लगभग 30 मिनट तक नहीं खुली। परिवार मदद का इंतजार करता रहा।
एक अन्य प्रत्यक्षदर्शी महेश शर्मा ने बताया कि आग सुबह करीब 6:30 बजे लगी। उन्होंने कहा, "दमकल कर्मी 15 मिनट के भीतर यहाँ पहुँच गए। उन्होंने पहले निचली मंजिलों पर लगी आग को बुझाया। लेकिन जैसे ही उन्होंने दुकानों के शटर तोड़े, आग की लपटें और ऊपर उठ गईं और घना धुआँ उठने लगा।" उन्होंने बताया कि ऊपरी मंजिलों पर फंसे लोग बालकनी में बचाव की प्रतीक्षा कर रहे थे।