27 करोड़ रुपये से अधिक की जीएसटी धोखाधड़ी, मेरठ और बहराइच में एक्शन, वसीम अकरम, शुभम गुप्ता और नेक आलम अरेस्ट

By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: April 6, 2026 11:14 IST2026-04-06T11:14:10+5:302026-04-06T11:14:55+5:30

जांच में पता चला कि गाजियाबाद निवासी मोनू फर्जी आधार और पैन कार्ड का इस्तेमाल करके कंपनियां स्थापित करने और फर्जी माल एवं सेवा कर (जीएसटी) रिटर्न दाखिल करके कर चोरी करने वाले गिरोह का हिस्सा था।

up news GST fraud more than Rs 27 crore action taken in Meerut and Bahraich, Wasim Akram, Shubham Gupta and Nek Alam arrested | 27 करोड़ रुपये से अधिक की जीएसटी धोखाधड़ी, मेरठ और बहराइच में एक्शन, वसीम अकरम, शुभम गुप्ता और नेक आलम अरेस्ट

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Highlightsपुलिस ने बताया कि मोनू ने फर्जी कंपनियों के जरिए फर्जी चालान बनाकर कर चोरी की थी।साथियों के साथ मिलकर फर्जी कंपनियों के जरिए धोखाधड़ी करने की बात कबूल की। सरकार को करीब 10.23 करोड़ रुपये का राजस्व नुकसान हुआ।

मेरठः उत्तर प्रदेश के मेरठ और बहराइच जिलों में कई करोड़ रुपये के दो अलग-अलग जीएसटी धोखाधड़ी मामले में शामिल गिरोह का पर्दाफाश करके तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी देते हुए कहा कि धोखाधड़ी की रकम 27 करोड़ रुपये से अधिक है। मेरठ में गिरफ्तार आरोपी वसीम अकरम उर्फ ​​मोनू (38) ने फर्जी कंपनियों के जरिए फर्जी चालान बनाकर ‘इनपुट टैक्स क्रेडिट’ (आईटीसी) जमा किया था, जिससे सरकार को करीब 17 करोड़ रुपये का राजस्व नुकसान हुआ। पुलिस ने बताया कि मोनू ने फर्जी कंपनियों के जरिए फर्जी चालान बनाकर कर चोरी की थी।

जांच में पता चला कि गाजियाबाद निवासी मोनू फर्जी आधार और पैन कार्ड का इस्तेमाल करके कंपनियां स्थापित करने और फर्जी माल एवं सेवा कर (जीएसटी) रिटर्न दाखिल करके कर चोरी करने वाले गिरोह का हिस्सा था। इसके अलावा, उन्होंने ‘ई-वे’ बिलों में हेराफेरी करके भी कर चोरी की।

पुलिस ने बताया कि पूछताछ के दौरान मोनू ने अपने साथियों के साथ मिलकर फर्जी कंपनियों के जरिए धोखाधड़ी करने की बात कबूल की। एक आधिकारिक बयान के अनुसार बहराइच में पुलिस ने रविवार को बाराबंकी निवासी शुभम गुप्ता और सीतापुर निवासी नेक आलम को इसी तरह के गिरोह चलाने के आरोप में गिरफ्तार किया, जिससे सरकार को करीब 10.23 करोड़ रुपये का राजस्व नुकसान हुआ।

दोनों ने बहराइच जिले के पयागपुर में अलग अलग नामों से फर्में पंजीकृत कराई थीं। अगस्त 2025 में जीएसटी विभाग के विशेष जांच दल (एसआईटी) द्वारा दर्ज किए गए एक मामले की जांच में पता चला कि इन दोनों आरोपियों ने भोले-भाले लोगों को ऋण दिलाने का झांसा देकर उनके आधार कार्ड, पैन कार्ड और अन्य दस्तावेज एकत्र किए थे।

इन दस्तावेजों का उपयोग करके, आरोपियों ने कथित तौर पर फर्जी कंपनियां पंजीकृत कराईं और बिना किसी वास्तविक व्यावसायिक गतिविधि के काल्पनिक लेनदेन दिखाकर फर्जी चालान बनवाए। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस तरह के हथकंडे के माध्यम से, दोनों ने धोखाधड़ी करके ‘इनपुट टैक्स क्रेडिट’ का अवैध रूप से लाभ उठाकर विभिन्न कंपनियों के बीच कागजी लेन-देन दिखाया।

जिससे सरकारी राजस्व को भारी नुकसान पहुंचा। पुलिस ने गुप्ता और आलम के कब्जे से फर्जी फर्मों से संबंधित दस्तावेज, पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, लैपटॉप, मोबाइल फोन, छः एटीएम कार्ड और एक मोटरसाइकिल बरामद की। पुलिस ने बताया गया कि इस मामले में जीएसटी की एसआईटी ने मुकदमा दर्ज कराया था जिसके आधार पर गिरफ्तारी की गयी। पुलिस ने बताया कि इस मामले में शामिल अन्य आरोपियों को पकड़ने के प्रयास जारी हैं।

Web Title: up news GST fraud more than Rs 27 crore action taken in Meerut and Bahraich, Wasim Akram, Shubham Gupta and Nek Alam arrested

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