UP: बुलंदशहर में 2 साधुओं की हत्या मामले में अखिलेश यादव ने कहा- इस मामले का राजनीतिकरण न कर समय पर न्यायोचित कार्रवाई हो
By अनुराग आनंद | Updated: April 28, 2020 14:05 IST2020-04-28T14:05:56+5:302020-04-28T14:05:56+5:30
बुलंदशहर के फगौना गांव स्थित एक शिव मंदिर में जगदीश (50) और शेर सिंह (52) नामक साधुओं की हत्या कर दी गई। जिस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।

अखिलेश यादव (फाइल फोटो)
लखनऊ: उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में दो साधुओं की नृशंस हत्या मामले में सपा नेता व पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने कहा कि यह घटना अति निंदनीय व दुखद है।
इसके साथ ही उन्होंने कहा कि इस प्रकार की हत्याओं का राजनीतिकरण न करके, इनके पीछे की हिंसक मनोवृत्ति के मूल कारण या आपराधिक कारण की गहरी तलाश करने की आवश्यकता होती है। इसी आधार पर समय रहते न्यायोचित कार्रवाई करनी चाहिए।
उप्र के बुलंदशहर में मंदिर परिसर में दो साधुओं की नृशंस हत्या अति निंदनीय व दुखद है.
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) April 28, 2020
इस प्रकार की हत्याओं का राजनीतिकरण न करके, इनके पीछे की हिंसक मनोवृत्ति के मूल कारण या आपराधिक कारण की गहरी तलाश करने की आवश्यकता होती है. इसी आधार पर समय रहते न्यायोचित कार्रवाई करनी चाहिए.
क्या है मामला?
गौरतलब है कि बुलंदशहर के अनूपशहर क्षेत्र के एक गांव में एक शिवमंदिर में मंगलवार तड़के दो साधुओं की हत्या कर दी गई। बुलंदशहर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार सिंह ने बताया कि अनूप शहर थाना क्षेत्र स्थित फगौना गांव में एक शिव मंदिर में जगदीश (50) और शेर सिंह (52) नामक साधुओं की हत्या कर दी गई। पुलिस ने इस घटना के आरोपी मुरारी को गिरफ्तार किया है।
प्रियंका गांधी ने साधुओं की हत्या पर दिया ये बयान-
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने उत्तर प्रदेश के बुलंदरशहर में दो साधुओं की हत्या को लेकर मंगलवार को कहा कि इस घटना की निष्पक्ष जांच करा कर पूरी सच्चाई सामने लाई जाए और इस मामले का राजनीतिकरण नहीं किया जाए। उन्होंने ट्वीट किया, ‘अप्रैल के पहले 15 दिनों में ही उप्र में सौ लोगों की हत्या हो गई। तीन दिन पहले एटा में पचौरी परिवार के 5 लोगों के शव संदिग्ध परिस्थितियों में पाए गए। कोई नहीं जानता उनके साथ क्या हुआ।’
कांग्रेस की उत्तर प्रद्रेश प्रभारी प्रियंका ने कहा, ‘बुलंदशहर में एक मंदिर में सो रहे दो साधुओं को बेरहमी से मौत के घाट उतार दिया गया। ऐसे जघन्य अपराधों की गहराई से जांच होनी चाहिए और इस समय किसी को भी इस मामले का राजनीतिकरण नहीं करना चाहिए।’ उन्होंने कहा कि निष्पक्ष जांच करके पूरा सच प्रदेश के समक्ष लाना सरकार की ज़िम्मेदारी है।