बिहार के मोतिहारी जिले में जहरीली शराब कांड में मरने वालों की संख्या हुई 10, कई लोगों की स्थिति अभी भी गंभीर

By एस पी सिन्हा | Updated: April 5, 2026 18:39 IST2026-04-05T18:39:23+5:302026-04-05T18:39:42+5:30

बताया जा रहा है कि रविवार की सुबह तक उनकी तबियत ठीक थी, लेकिन दोपहर में अचानक से उनकी तबीयत बिगड़ गई। जिसके थोड़ी देर बाद ही जोधा मांझी ने सदर अस्पताल में दम तोड़ दिया।

The death toll in the poisonous liquor tragedy in Bihar's Motihari district has risen to 10, while the condition of several others remains critical | बिहार के मोतिहारी जिले में जहरीली शराब कांड में मरने वालों की संख्या हुई 10, कई लोगों की स्थिति अभी भी गंभीर

बिहार के मोतिहारी जिले में जहरीली शराब कांड में मरने वालों की संख्या हुई 10, कई लोगों की स्थिति अभी भी गंभीर

पटना: बिहार में मोतिहारी जिले के चर्चित तुरकौलिया जहरीली शराब कांड में मरने वालों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। इस कांड में मृतकों की संख्या अब 10 हो गई है। दरअसल सदर अस्पताल में इलाजरत जोधा मांझी की अभी मौत हो गई। मृतक जोधा मांझी तुरकौलिया थाना क्षेत्र के शंकरसैराया के रहने वाले थे। शराब पीने के बाद तबियत खराब होने पर जोधा मांझी को सदर अस्पताल में इनका इलाज चल रहा था। बताया जा रहा है कि रविवार की सुबह तक उनकी तबियत ठीक थी, लेकिन दोपहर में अचानक से उनकी तबीयत बिगड़ गई। जिसके थोड़ी देर बाद ही जोधा मांझी ने सदर अस्पताल में दम तोड़ दिया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, रघुनाथपुर थाना क्षेत्र के हरदिया गांव के विनोद साह का पटना में इलाज के दौरान निधन हो गया। वहीं, तुरकौलिया थाना क्षेत्र के शंकर सरैया के योद्धा मांझी की भी मौत हो गई। इसके अलावा, लड्डू साह, जो रघुनाथपुर थाना के बालगंगा मुसहरी टोला के निवासी हैं, वेंटिलेटर पर इलाजरत हैं और उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है। तुरकौलिया और रघुनाथपुर के अलावा अब नगर थाना क्षेत्र में भी जहरीला शराब सेवन का मामला सामने आया है। कई लोग प्रशासन की चेतावनी के बावजूद अपने स्तर पर निजी इलाज करवा रहे हैं, जिससे स्थिति बिगड़ने पर मरीज नाजुक हालत में सदर अस्पताल पहुंचे। 

इससे पहले शनिवार सुबह, हरदिया गांव निवासी लालकिशोर राय को लेकर परिजन सदर अस्पताल पहुंचे थे, जहां उनकी मौत हो गई थी। वहीं, शाम को तुरकौलिया थाना क्षेत्र के शंकर सरैया शेख शरण टोला निवासी मो. इलियास को गंभीर हालत में उच्च चिकित्सा केंद्र के लिए रेफर किया गया, लेकिन रास्ते में उनकी मौत हो गई। एसपी स्वर्ण प्रभात ने इस संबंध में बताया कि पुलिस ने 19 केन जहरीली स्प्रिट बरामद की है। तस्करों ने इसे कई जगह सप्लाई किया था। बरामद स्प्रिट में मेथनॉल मिला है, जो अत्यंत जहरीला है। उन्होंने लोगों से अपील की कि यदि किसी के पास अनजाने में ऐसा केन हो, तो तुरंत उसे नष्ट कर दें। 

इधर, सिकरहना के पचपकड़ी थानाध्यक्ष पूजा कुमारी ने शराब और शराब कारोबारियों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया। इस दौरान लगभग 1000 लीटर फर्मेंटेड ताड़ी नष्ट की गई, वहीं महम्मदपुर में रघुवीर पासवान के झोपड़ी से 15 लीटर देसी शराब और मो. इशराफिल के घर के पीछे झाड़ी से 80 बोतल नेपाली शराब बरामद की गई। पचपकड़ी के राजबाबु को उसके घर से 27 बोतल नेपाली शराब के साथ पकड़ा गया और न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया। इस मामले में एसआईटी लगातार तस्करों की कड़ियों को जोड़ते हुए आगे की जांच कर रही है।

उधर इस घटना को लेकर विपक्ष पूरी तरह से सरकार पर हमलावर है और एक बार से शराबबंदी पर निशाना साध रहा है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने एक्स पर लिखा कि मोतिहारी में जहरीली शराब के कारण 10 लोगों की मौत, 6 लोगों की आंखों की रोशनी चले जाना और कई लोगों की हालत गंभीर होना अत्यंत दुखद है। यह घटना एक बार फिर एनडीए सरकार के शराबबंदी कानून की विफलता और उसकी गंभीर खामियों को उजागर करती है। हालांकि यह बिल्कुल भी पहली बार नहीं है। उन्होंने कहा कि उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार शराबबंदी लागू होने के बाद से अब तक बिहार में जहरीली शराब से 1300 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। यह तो केवल सरकारी आंकड़ा है, हकीकत में यह संख्या इससे कहीं अधिक है।

Web Title: The death toll in the poisonous liquor tragedy in Bihar's Motihari district has risen to 10, while the condition of several others remains critical

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