Pune Porsche case impact: 100 पुलिसकर्मी शामिल, 12 से अधिक टीम गठित, हर एंगल और अलग-अलग करेंगे जांच, नाबालिग लड़के के दादा, पिता और मां अरेस्ट
By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: June 2, 2024 07:51 IST2024-06-02T07:50:18+5:302024-06-02T07:51:19+5:30
Pune Porsche case impact: तीन मामलों में दुर्घटना के संबंध में प्राथमिकी और किशोर को शराब परोसने वाले बार के खिलाफ प्राथमिकी शामिल है।

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Pune Porsche case impact: पुणे पोर्श कार दुर्घटना मामले के हर पहलू की जांच करने के लिए पुलिस ने एक दर्जन से अधिक टीमों का गठन किया है, जिसमें 100 पुलिसकर्मी शामिल होंगे। एक अधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी। पुणे के कल्याणी नगर इलाके में 19 मई की सुबह एक नाबालिग लड़के ने कथित तौर पर बाइक पर जा रहे दो आईटी पेशेवरों को टक्कर मार दी थी जिससे दोनों की मौत हो गई थी। पुलिस ने इस हादसे के लिए तीन अलग-अलग मामले दर्ज किए हैं। तीन मामलों में दुर्घटना के संबंध में प्राथमिकी और किशोर को शराब परोसने वाले बार के खिलाफ प्राथमिकी शामिल है।
पुणे पुलिस ने ‘पोर्श’ कार दुर्घटना मामले में नाबालिग आरोपी की मां को गिरफ्तार किया है। शहर के पुलिस आयुक्त अमितेश कुमार ने शनिवार को यह जानकारी दी। नाबालिग की मां को यह पुष्टि होने के बाद गिरफ्तार किया गया कि किशोर के रक्त के नमूने को उसके रक्त नमूने से बदला गया था।
पुलिस ने अपनी जांच के तौर पर नाबालिग से उसकी मां की मौजूदगी में उस सुधार गृह में एक घंटे तक पूछताछ की, जहां उसे पांच जून तक रखा गया है। उसने दो दिन पहले एक स्थानीय अदालत में कहा था कि 17 वर्षीय नाबालिग के रक्त के नमूने एक महिला के रक्त के नमूने से बदले गए थे।
पुणे पुलिस ने एक विज्ञप्ति में कहा, ‘‘अन्य गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के दौरान यह पता चला कि नाबालिग के रक्त के नमूने उसकी मां के रक्त के नमूने से बदल दिए गए थे।’’ अपराध शाखा ने इससे पहले ससून अस्पताल के फॉरेंसिक मेडिसिन विभाग के प्रमुख डॉ. अजय तावड़े, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. श्रीहरि हल्नोर और अस्पताल के कर्मचारी अतुल घाटकांबले को रक्त के नमूने की अदला-बदली प्रकरण में कथित संलिप्तता के लिए गिरफ्तार किया था।
पुलिस ने इन तीनों के अलावा, नाबालिग के पिता विशाल अग्रवाल, मां और दादा सुरेंद्र अग्रवाल को भी भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत गिरफ्तार किया है। पुलिस ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (चूंकि गिरफ्तार आरोपियों में से कुछ सरकारी कर्मचारी हैं) और मोटर वाहन अधिनियम की धाराएं भी लगाई हैं।
अपराध शाखा के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि रक्त के नमूने की अदला-बदली की प्रारंभिक जांच में किशोर की मां का उस वक्त का ‘लोकेशन’, तकनीकी साक्ष्य, सीसीटीवी फुटेज और कई व्यक्तियों के बयान शामिल हैं। अधिकारी ने बताया कि डॉ. तावड़े ने ही नाबालिग के शराब के नशे में होने संबंधी सबूत नष्ट करने के लिए रक्त के नमूने बदलने का विचार दिया था।