पटना में पुलिस ने किया एक बड़े ड्रग्स रैकेट का भंडाफोड़, करीब 25 करोड़ रुपये की ब्राउन शुगर बरामद, पुलिस के जवान भी संलिप्त
By एस पी सिन्हा | Updated: March 28, 2026 18:19 IST2026-03-28T18:19:14+5:302026-03-28T18:19:14+5:30
पटना के एसएसपी कार्तिकेय के. शर्मा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि कुल 21 किलो 181 ग्राम ब्राउन शुगर जब्त की गई है। इसमें से आलमगंज इलाके से 1 किलो 686 ग्राम ब्राउन शुगर मिली, जबकि बाकी माल रामकृष्ण नगर थाना क्षेत्र के एक कमरे में छुपाकर रखा गया था।

पटना में पुलिस ने किया एक बड़े ड्रग्स रैकेट का भंडाफोड़, करीब 25 करोड़ रुपये की ब्राउन शुगर बरामद, पुलिस के जवान भी संलिप्त
पटना: बिहार की राजधानी पटना में पुलिस ने एक बड़े ड्रग्स रैकेट का भंडाफोड़ करते हुए शहर के अलग-अलग इलाकों में छापेमारी कर पुलिस ने करीब 25 करोड़ रुपये की ब्राउन शुगर बरामद की है। इस मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इस अवैध काम में एक पुलिस की भूमिका भी सामने आई है। पटना के एसएसपी कार्तिकेय के. शर्मा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि कुल 21 किलो 181 ग्राम ब्राउन शुगर जब्त की गई है। इसमें से आलमगंज इलाके से 1 किलो 686 ग्राम ब्राउन शुगर मिली, जबकि बाकी माल रामकृष्ण नगर थाना क्षेत्र के एक कमरे में छुपाकर रखा गया था।
उन्होंने बताया कि पुलिस ने वहां से नकद 2 लाख 15 हजार रुपये, एक पिस्टल, एक कट्टा और मैगजीन भी बरामद किया है। जांच में सबसे चौंकाने वाला खुलासा एक पुलिसकर्मी की संलिप्तता को लेकर हुआ है। सिपाही ऋषिकेश कुमार, जिसका पदस्थापन भागलपुर में हुआ था, लेकिन उसने जॉइन नहीं किया, पिछले 8-9 महीनों से ड्यूटी से गायब चल रहा है। प्रारंभिक जांच के अनुसार, ऋषिकेश पिछले दो वर्षों से इस अवैध धंधे में लिप्त था। पुलिस ने मौके से 8 चेक बरामद किए हैं, जिनमें से दो चेक पुलिसकर्मियों के ही हैं, जो इस नेक्सस की गहराई को दर्शाते हैं।
गिरफ्तार किए गए दो तस्करों में जितेन्द्र और नीतीश कुमार का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है। पुलिस के मुताबिक, ये दोनों 5 साल पहले भी 9 किलो स्मैक तस्करी के मामले में जेल जा चुके हैं। जेल से छूटने के बाद इन्होंने फिर से एक संगठित नेटवर्क खड़ा कर लिया था। पुलिस को इस पूरे रैकेट में 6 से 15 अन्य लोगों के शामिल होने की जानकारी मिली है, जिनकी पहचान की जा रही है ।
एसएसपी ने स्पष्ट किया है कि जिस अपार्टमेंट से स्मैक मिली है, उसके मकान मालिक की भूमिका की भी सघन जांच की जाएगी। फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क को खंगालने में जुटी है और आने वाले दिनों में और भी बड़ी गिरफ्तारियां संभव है। पुलिस का कहना है कि सिपाही ऋषिकेश का काम उत्तर प्रदेश से मादक पदार्थ लाना और पैसे के लेनदेन को संभालना था। यह मामला सामने आने के बाद पुलिस विभाग में भी हलचल मच गई है।