पटना पुलिसः 'प्लेबॉय' बनना है?, विक्की कुमार, शुभम राज और गुलशन कुमार अरेस्ट, 11 मोबाइल और लैपटॉप बरामद, दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और केरल में 9 को लूटा
By एस पी सिन्हा | Updated: April 9, 2026 18:15 IST2026-04-09T18:13:53+5:302026-04-09T18:15:00+5:30
Patna Police: पुलिस की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी कर ममता कुंज अपार्टमेंट की तीसरी मंजिल के फ्लैट से इन्हें गिरफ्तार किया है।

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Patna: 'प्लेबॉय' बनाने सहित कई भ्रामक प्रचार के माध्यम से लोगों को ठगने वाले तीन शातिर साइबर अपराधियों को पटना पुलिस ने धर दबोचा है। साइबर अपराधी नवादा जिले के रहने वाले हैं। ये ठग पटना के बेऊर थाना क्षेत्र स्थित 70 फीट रोड के 'ममता कुंज अपार्टमेंट' के एक फ्लैट से अपना गिरोह चला रहे थे। पुलिस ने इनके पास से 11 मोबाइल फोन और एक लैपटॉप बरामद किया है। पकड़े गए अभियुक्तों में विक्की कुमार (इंटर पास), शुभम राज और गुलशन कुमार (दोनों स्नातक) शामिल हैं, जो मूल रूप से नवादा जिले के रहने वाले हैं। पुलिस के अनुसार जांच में यह खुलासा हुआ है कि ये तीनों आरोपी पटना में जेनरल कंपटीशन की तैयारी करने आए थे। लेकिन पढ़ाई के बजाय इन्होंने तीन दोस्तों के साथ मिलकर साइबर ठगी का एक बड़ा नेटवर्क खड़ा कर लिया और देखते ही देखते करोड़ों का साम्राज्य बना लिया।
पुलिस की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी कर ममता कुंज अपार्टमेंट की तीसरी मंजिल के फ्लैट से इन्हें गिरफ्तार किया है। यह गिरोह मुख्य रूप से दो तरीकों से लोगों को अपना शिकार बनाता था। पहला, 'धनी फाइनेंस लोन' के नाम पर विज्ञापन देकर लोगों से प्रोसेसिंग फीस वसूलना और दूसरा, सोशल मीडिया पर 'प्लेबॉय' बनाने का प्रलोभन देना।
ये अपराधी फेसबुक, टेलीग्राम और व्हाट्सएप जैसे प्लेटफॉर्म पर विज्ञापन देते थे और लोगों को ठगी का शिकार बनाने के लिए उनके मोबाइल पर संदिग्ध 'एपीके फाइल' भेजकर उनका डेटा चोरी कर लेते थे। गिरफ्तार ठगों का नेटवर्क केवल बिहार तक ही सीमित नहीं था, बल्कि इन्होंने दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और केरल सहित देश के 9 राज्यों के लोगों को अपनी ठगी का शिकार बनाया है। इनके पास से बरामद मोबाइल फोनों की जांच में देश के विभिन्न राज्यों से एनसीआरबी पोर्टल पर कई शिकायतें दर्ज पाई गई हैं।
जानकारी के अनुसार, इन अभियुक्तों पर अन्य राज्यों में कुल 12 प्राथमिकी पहले से दर्ज हैं। पटना साइबर थाना कांड सं0-460/26 के तहत यह कार्रवाई पुलिस उपाधीक्षक सह थानाध्यक्ष के नेतृत्व में गठित टीम द्वारा की गई। पुलिस ने बताया कि इन सभी के विरुद्ध संगठित साइबर अपराध की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर इन्हें न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है और गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में अनुसंधान जारी है।