मरीजों के परिजनों को दौड़ा-दौड़ाकर पीटने, मोबाइल छीनने और नशे में धुत होकर तांडव करने के आरोप में 35 जूनियर डॉक्टरों पर केस?, बिहार के पीएमसीएच में हड़कंप?

By एस पी सिन्हा | Updated: March 4, 2026 17:04 IST2026-03-04T17:01:42+5:302026-03-04T17:04:50+5:30

पूरे मामले ने तब तूल पकड़ा जब बिहार सरकार के मंत्री संजय सिंह ने अस्पताल पहुंचकर घायलों की स्थिति देखी और पुलिस की ढिलाई पर फोन पर ही जमकर लताड़ लगाई।

patna Case filed against 35 junior doctors chasing and beating up patients relatives snatching mobile phones and creating ruckus while drunk? Panic in Bihar's PMCH | मरीजों के परिजनों को दौड़ा-दौड़ाकर पीटने, मोबाइल छीनने और नशे में धुत होकर तांडव करने के आरोप में 35 जूनियर डॉक्टरों पर केस?, बिहार के पीएमसीएच में हड़कंप?

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Highlightsपुलिस ने मंत्री संजय सिहं के दखल देने के बाद यह कदम उठाया है। बाढ़ अस्पताल से पीएमसीएच रेफर किया गया था।डॉक्टरों और गार्ड्स ने परिवार पर हमला कर दिया।

पटनाः बिहार के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल पटना मेडिकल कॉलेज हॉस्पीटल (पीएमसीएच) में इलाज कराने आए मरीजों के परिजनों को दौड़ा-दौड़ाकर पीटने, मोबाइल छीनने और नशे में धुत होकर तांडव करने के आरोप में 35 जूनियर डॉक्टरों पर गंभीर धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई है। दरअसल, डाक्टरों पर राक्षसों वाला व्यवहार करने के आरोप लगे हैं। 35 जूनियर डॉक्टरों पर पटना के पीरबहोर थाने में प्राथममिकी दर्ज की गई है। इस पूरे मामले ने तब तूल पकड़ा जब बिहार सरकार के मंत्री संजय सिंह ने अस्पताल पहुंचकर घायलों की स्थिति देखी और पुलिस की ढिलाई पर फोन पर ही जमकर लताड़ लगाई।

पुलिस ने मंत्री संजय सिहं के दखल देने के बाद यह कदम उठाया है। हालांकि सभी आरोपी अज्ञात हैं। बताया जाता है कि मधुबनी के रहने वाले राहुल कुमार मिश्रा और उनके भाई सोनू 2 मार्च को ट्रेन से सफर के दौरान अथमगोला के पास घायल हो गए थे। बेहतर इलाज की उम्मीद में, उन्हें बाढ़ अस्पताल से पीएमसीएच रेफर किया गया था।

राहुल ने बताया कि जब वे 3 मार्च को सर्जरी डिपार्टमेंट पहुंचे, तो डॉक्टरों ने उन्हें बाहर सीटी स्कैन कराने की सलाह दी। जब राहुल ने बस इतना कहा कि “डॉक्टर साहब, प्लीज पर्ची पर लिख कर दे दीजिए कि टेस्ट यहां नहीं हो सकता, तो मैं बाहर से जांच करवा लूंगा,” तो डॉक्टर गुस्सा हो गए।

आरोप है कि इस छोटी सी बात पर गाली-गलौज होने लगी और देखते ही देखते डॉक्टरों और गार्ड्स ने परिवार पर हमला कर दिया। राहुल का आरोप है कि जान बचाकर भागने के दौरान जूनियर डॉक्टरों और सुरक्षा गार्डों ने उन्हें मरीन ड्राइव की ओर जाने वाले रास्ते पर घेर लिया। कई लोगों के सिर फूटे, हाथ टूटे और चेहरों पर गंभीर चोटें आईं।

पीड़ितों का कहना है कि मारपीट करने वाले कुछ लोग नशे की हालत में थे और उनका मोबाइल फोन भी छीन लिया गया। घटना की सूचना मिलने पर मंत्री संजय सिंह खुद अस्पताल पहुंचे। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को फोन कर कड़ी फटकार लगाई और तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। मंत्री ने कहा कि इतनी बड़ी घटना के बावजूद मौके पर मौजूद पुलिसकर्मी ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया।

मंत्री ने सीसीटीवी से पहचान कर सभी आरोपियों को गिरफ्तार करने का आदेश दिया है और कार्रवाई रिपोर्ट तलब की है. उनका कहना है कि यदि अस्पताल में इस तरह की घटनाएं होती रहीं तो आम लोगों का भरोसा टूट जाएगा। ताजा मामला एक बार फिर सुरक्षा व्यवस्था और अस्पताल प्रबंधन को कठघरे में खड़ा कर रहा है।

अब सबकी नजर पुलिस जांच और प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी है। बता दें कि पीएमसीएच में लगातार इस प्रकार की घटनाएं सामने आती रहती हैं, जहां जूनियर डाक्टरों के द्वारा मरीजों और उनके परिजनों के साथ मारपीट की घटनाओं को अंजाम दिया जाता है। उल्टे डाक्टर ही हड़ताल पर चले जाते हैं, जिससे सरकार को हर बार उनके सामने झुकना पड़ता है।

Web Title: patna Case filed against 35 junior doctors chasing and beating up patients relatives snatching mobile phones and creating ruckus while drunk? Panic in Bihar's PMCH

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