निर्भया केस: दोषी अक्षय की पुनर्विचार याचिका SC में खारिज, पीड़िता की मां ने कहा- बहुत खुश हूं

By रोहित कुमार पोरवाल | Updated: December 18, 2019 20:33 IST2019-12-18T10:49:45+5:302019-12-18T20:33:26+5:30

निर्भया गैंगरेप-हत्याकांड के चार दोषियों में से एक अक्षय ठाकुर की पुनर्विचार याचिका पर आज (18 दिसंबर) को सुप्रीम कोर्ट सुनवाई कर रहा है। दोषी ने 2017 के शीर्ष अदालत के गुनहगारों को सुनाए गए सजा-ए-मौत के फैसले को लेकर पुनर्विचार याचिका दायर की थी। 

Nirbhaya Gangrape and Murder Case Convict Akshay Review Petition Plea Hearing All Updates Live | निर्भया केस: दोषी अक्षय की पुनर्विचार याचिका SC में खारिज, पीड़िता की मां ने कहा- बहुत खुश हूं

सुप्रीम कोर्ट की इमारत। (फाइल फोटो)

Highlightsइस सुनवाई से मंगलवार को सीजेआई एसए बोबडे ने खुद को अलग कर लिया था।दिल्ली सरकार की ओर से अदालत में याचिका का विरोध करते हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने पीठ से कहा कि कुछ अपराध ऐसे होते हैं जिनमें ‘‘मानवता रोती’’ है और यह मामला उन्हीं में से एक है।

निर्भया गैंगरेप-हत्याकांड के चार दोषियों में से एक अक्षय ठाकुर की पुनर्विचार याचिका पर आज (18 दिसंबर) को सुप्रीम कोर्ट सुनवाई कर रहा है। दोषी ने 2017 के शीर्ष अदालत के गुनहगारों को सुनाए गए सजा-ए-मौत के फैसले को लेकर पुनर्विचार याचिका दायर की थी। 

दोषी अक्षय ठाकुर की याचिका पर तीन न्यायमूर्तियों की नई पीठ सुनवाई कर रही है। इस सुनवाई से मंगलवार को सीजेआई एसए बोबडे ने खुद को अलग कर लिया था। न्यायमूर्ति आर भानुमति की अगुवाई वाली पीठ में न्यायमूर्ति अशोक भूषण और एएस बोपन्ना शामिल हैं। 

दिल्ली सरकार की ओर से अदालत में याचिका का विरोध करते हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने पीठ से कहा कि कुछ अपराध ऐसे होते हैं जिनमें ‘‘मानवता रोती’’ है और यह मामला उन्हीं में से एक है। मेहता ने कहा, ‘‘ कई ऐसे अपराध होते हैं जहां भगवान बच्ची (पीड़िता) को ना बचाने और ऐसे दरिंदे को बनाने के लिए शर्मसार होते होंगे। ऐसे अपराधों में मौत की सजा को कम नहीं करना चाहिए।’’

उन्होंने यह भी कहा कि जो होना तय है उससे बचने के लिए निर्भया मामले के दोषी कई प्रयास कर रहे हैं और कानून को जल्द अपना काम करना चाहिए।

दोषियों की आरे से पेश हुए वकील ए. पी सिंह ने अदालत से कहा कि दिल्ली-एनसीआर में वायु और जल प्रदूषण की वजह से पहले ही लोगों की उम्र कम हो रही है और इसलिए दोषियों को मौत की सजा देने की कोई जरूरत नहीं है।

(पीटीआई-भाषा इनपुट के साथ)

18 Dec, 19 : 01:36 PM

सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए कहा कि इस याचिका पर पुनर्विचार का कोई मतलब ही नहीं है।

18 Dec, 19 : 01:35 PM

दोषी के अक्षय के वकील एपी सिंह ने मामले में दया याचिका दायर करने के लिए तीम हफ्ते का समय मांगा, जिस पर शीर्ष अदालत ने कहा कि इसके लिए एक हफ्ते का समय मिलता है।

18 Dec, 19 : 01:32 PM

निर्भया की मां ने कहा- मैं बहुत खुश हूं



 

18 Dec, 19 : 01:32 PM

सुप्रीम कोर्ट ने फैसले में कहा कि केस में जांच और ट्रायल एकदम सही हुआ है। 

18 Dec, 19 : 01:30 PM

सुप्रीम कोर्ट ने निर्भया केस के दोषी अक्षय की पुनर्विचार याचिका खारिज कर दी



 

18 Dec, 19 : 01:25 PM

अदालत ने दोषी अक्षय की पुनर्विचार याचिका को लेकर फैसला पढ़ना शुरू कर दिया है। कुछ ही पलों में फैसला सामने होगा।

18 Dec, 19 : 01:05 PM

कुछ ही देर में दोषी अक्षय की पुनर्विचार याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आएगा

अदालत में फिर से सुनवाई शुरू हो चुकी है।

18 Dec, 19 : 12:48 PM

निर्भया की मां ने कहा- दोषी की पुनर्विचार याचिका जरूर खारिज होगी



 

18 Dec, 19 : 11:37 AM

आज एक बजे सुप्रीम कोर्ट सुनाएगा फैसला



 

18 Dec, 19 : 11:22 AM

दोषी के वकील ने कहा कि अक्षय को फर्जी तरीके से मामले में फंसाया गया।



 

18 Dec, 19 : 11:20 AM

दोषी के वकील ने कहा कि मरने से पहले पीड़िता ने पहले बयान में दोषियों के लिए किसी का भी नाम नहीं लिया था। उसकी मौत का कारण सेप्टीसीमिया और ड्रग ओवरडोज था।



 

18 Dec, 19 : 11:16 AM

दोषी के वकील ने कहा कि मरने से पहले दिया गया पीड़िता का बयान संदेहात्मक था। पीड़िता का बयान स्वैच्छिक नहीं था। पीड़िता ने अक्षय का नाम नहीं लिया था।



 

18 Dec, 19 : 11:12 AM

दोषी के वकील ने कहा- ''भारत में मृत्युदंड को समाप्त किया जाना चाहिए, अक्षय को इस मामले में झूठा फंसाया गया है।''



 

18 Dec, 19 : 11:11 AM

दोषी के वकील एपी सिंह ने कहा, ''मृत्युदंड सजा देने के लिए आदिमानव काल की विधि है। फांसी अपराधी मरता है, अपराध नहीं।'' वकील ने आगे कहा कि मौत की सजा से नहीं लगता है कि अपराधियों और दोषियों पर कोई फर्क पड़ता है। 



 

18 Dec, 19 : 11:00 AM

दोषी के वकील ने कहा कि उनका मुवक्किल निर्दोष और गरीब आदमी है।


18 Dec, 19 : 10:58 AM

2012 के दिल्ली गैंगरेप मामले में दोषी की तरफ से उसके वकील एपी सिंह पक्ष रख रहे हैं। वकील एपी सिंह का कहना है कि उनके मुवक्किल को मीडिया, जनता और राजनीति के दबाव में दोषी करार दिया गया था और अब भी वैसा ही है।



 

18 Dec, 19 : 10:53 AM

दोषी की याचिका पर तीन न्यायमूर्तियों की नई पीठ सुनवाई कर रही है। इस सुनवाई से मंगलवार को सीजेआई एसए बोबडे ने खुद को अलग कर लिया था। न्यायमूर्ति आर भानुमति की अगुवाई वाली पीठ में न्यायमूर्ति अशोक भूषण और एएस बोपन्ना शामिल हैं। 



 

Web Title: Nirbhaya Gangrape and Murder Case Convict Akshay Review Petition Plea Hearing All Updates Live

क्राइम अलर्ट से जुड़ीहिंदी खबरोंऔर देश दुनिया खबरोंके लिए यहाँ क्लिक करे.यूट्यूब चैनल यहाँ इब करें और देखें हमारा एक्सक्लूसिव वीडियो कंटेंट. सोशल से जुड़ने के लिए हमारा Facebook Pageलाइक करे