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मुजफ्फरपुर कांडः CBI के रडार आ सकते है कई बड़े नेता से लेकर अधिकारी, फाइलों में अहम सबूत    

By एस पी सिन्हा | Updated: August 14, 2018 20:44 IST

बताया जा रहा है कि जब्त फाइलों से बड़ा नेटवर्क सामने आ सकता है। मुजफ्फरपुर के कई सफेदपोशों से भी सीबीआई ब्रजेश से लिंक के बारे में पूछताछ कर सकती है।

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पटना, 14 अगस्त: बिहार के मुजफ्फरपुर स्थित बालिका अल्पवास गृह कांड में सीबीआई के रडार पर कई नेता व सफेदपोश आ गए हैं। जब्त फाइलों की छानबीन के बाद सीबीआई को कई ऐसे साक्ष्य मिले हैं जिनसे सफेदपोश व राजनेता का वास्ता है। सीबीआई के अधिकारी कैम्प कार्यालय में काफी बारीकी से फाइलों को खंगाल रहे हैं।

बताया जा रहा है कि जब्त फाइलों से बड़ा नेटवर्क सामने आ सकता है। मुजफ्फरपुर के कई सफेदपोशों से भी सीबीआई ब्रजेश से लिंक के बारे में पूछताछ कर सकती है। मूंछवाले और पेटवाले अंकल बहुत जल्द बेनकाब होंगे। सीबीआई ने मुजफ्फरपुर मामले में कई अनसुलझे पहलुओं को सुलझा लिया है। इसके लिए पूरे बिहार में सीबीआई की टीम छापेमारी और कई रसूखदारों से पूछताछ में लगी हुई है। बहुत जल्द मुजफ्फरपुर अल्पवास गृह के पीड़ित सवासिनों के सामने कई संदिग्धों का पिठ्ठू परेड कराया जाएगा। 

सीबीआई के इस परेड में पीड़िता के सामने पहचान करने के लिए वैसे तमाम लोगों की फोटो भी दिखाई जाएगी जो किसी भी तरह से ब्रजेश ठाकुर या उसके सेंटरों से जुड़े हैं। सूत्रों की मानें तो मंजू वर्मा के बाद भी अभी कई सरकार के मंत्री, पूर्व मंत्री और आलाधिकारी सीबीआई के रडार पर हैं। इसके लिए सीबीआई ब्रजेश ठाकुर से जुडे सेंटरों के तारों को जोड़ने में लगी है। 

सूत्रों के अनुसार कि नीतीश कुमार के एक विधायक जो पूर्व में एक बड़े विभाग के मंत्री भी रहे हैं, सीबीआई उनसे और उनके बेटे से भी पूछताछ करने वाली है। सीबीआई को जानकारी मिली है कि पूर्व मंत्री के सुपुत्र का मुजफ्फरपुर के अल्पवास गृह का दर्जनों बार आना-जाना रहा है। वहीं, खबर यह भी है कि मुजफ्फरपुर के ही बहुत बड़े बिजनेसमैन जो कि वर्तमान में मंत्री भी हैं, उनके सुपुत्रों का भी ब्रजेश ठाकुर के अल्पवास गृह में आना-जाना रहा है। 

सीबीआई इन तारों को जोड़ने के लिए मुजफ्फरपुर के अलावा पटना, गया, जमुई और भागलपुर के अलावा कई शहरों में कार्रवाई कर छापेमारी और पूछताछ करने वाली है। जिसके कारण कई रसूखदार और सफेदपोश लोगों का हाथ-पांव फूलना लाजमी है। अगर सीबीआई के सूत्रों की मानें तो यह तय है कि अगले कुछ ही दिनों में कई रसूखदारों की गिरफ्तारी तय है।

उधर, बालिका गृह कांड में पूर्व मंत्री मंजू वर्मा के निजी सहायक अमरेश कुमार अमर और मंत्रालय में सहायक निदेशक पूनम सिन्हा से सीबीआई पूछताछ कर सकती है। दोनों के नाम का जिक्र पुलिस ने केस डायरी में भी किया है। सीबीआई ने इस केस डायरी की छायाप्रति की कॉपी कोर्ट से प्राप्त की है। 

सूत्रों के अनुसार अमरेश पर आरोप है कि वह सभी जिलों के सहायक निदेशकों से व्यवस्था संभालने के लिए सीधे संपर्क रखता था। वहीं ब्रजेश ठाकुर का मंत्री के पति से बातचीत के मुद्दे पर इन दोनों से भी सीबीआई जानकारी ले सकती है। सूत्रों की मानें तो मुजफ्फरपुर बालिका गृह यौन शोषण कांड में सीबीआई पूछताछ का सिलसिला जल्द शुरू करेगी। हालांकि पूछताछ कब और कहां होगी इसका खुलासा नहीं किया गया है।

सूत्रों के मुताबिक, मुख्य आरोपी ब्रजेश ठाकुर के करीबियों की भी लिस्ट तैयार कर ली गई है। इनसे भी पूछताछ की जाएगी। जांच से जुडे अधिकारी इसको लेकर काम कर रहे हैं। उन कागजों को खंगालने का काम लगभग पूरा हो चुका है, जो समाज कल्याण विभाग से लिए गए थे या बालिका गृह की छानबीन के दौरान सीबीआई के हाथ लगे थे। 

ब्रजेश के एनजीओ और समाज कल्याण विभाग के बीच पत्राचार की कई कॉपियां बालिका गृह की तलाशी के दौरान सीबीआई को मिली हैं। इन कागजात से भी सीबीआई को कई अहम जानकारी मिली है। समाज कल्याण विभाग के उन अधिकारियों की फेहरिस्त लंबी है, जिनसे पूछताछ की तैयारी है। एनजीओ को बालिका गृह के संचालन का ठेका देने से लेकर उसे दिए गए फंड को लेकर पूछताछ होगी। सूत्रों की मानें तो समाज कल्याण विभाग में वर्तमान में पदस्थापित अधिकारियों के अलावा कुछ ऐसे अफसरों से भी पूछताछ की तैयारी है जो पूर्व में वहां पदस्थापित थे। इनमें एक अधिकारी तो जांच का आदेश जारी होने के कुछ ही दिनों बाद वहां से चले गए थे। उनकी भूमिका को लेकर भी सीबीआई छानबीन कर रही है। 

बताया जाता है कि उक्त अधिकारी को पूछताछ के लिए बुलाया जाएगा। सीबीआई के बुलावे पर दिल्ली स्थित सेंट्रल फॉरेंसिक साइंस लेबोरेट्री (सीएफएसएल) से आई विशेषज्ञों की टीम लौट गई है। शनिवार को बालिका गृह के सील कमरों को खोला गया था। सीएफएसएल की पांच सदस्यीय टीम ने सीबीआई अफसरों की मौजूदगी में कमरों की छानबीन की थी। सीबीआई ब्रजेश ठाकुर से जुड़े सभी तारों को खंगाल रही है और सभी लोगों की सूची बनाकर कार्रवाई करने में लगी है।

टॅग्स :मुजफ्फरपुर बालिका गृह बलात्कार मामलासीबीआई
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