मोतिहारी जहरीली शराब कांडः सही समय पर शराब की बरामदगी हो गई नहीं तो लाश की ढेर?, बिहार के डीजीपी विनय कुमार ने कहा- मुख्य आरोपी अरेस्ट और बड़ी खेप बरामद
By एस पी सिन्हा | Updated: April 7, 2026 15:56 IST2026-04-07T15:54:26+5:302026-04-07T15:56:25+5:30
Motihari Poisonous Liquor Scandal: अगले एक-दो साल में चार स्थायी और नौ क्षेत्रीय फॉरेंसिक लैब यानी कुल 13 एफएसएल पूरी तरह चालू कर दी जाएंगी।

सांकेतिक फोटो
Motihari: बिहार के मोतिहारी जिले में जहरीली शराब कांड में अब तक हुई 10 लोगों की मौत के बाद पुलिस एक्शन मोड में है। इसी बीच बिहार के डीजीपी विनय कुमार ने जहरीली शराब कांड को लेकर कहा कि सही समय पर शराब की बरामदगी हो गई नहीं तो और अधिक मौतें हो सकती थी। उन्होंने कहा कि यह मामला बेहद दुखद है। विनय कुमार ने पटना के सरदार पटेल भवन में दो दिवसीय फॉरेंसिक बायोलॉजिकल साइंस सैटेलाइट कॉन्फ्रेंस का उद्घाटन करते हुए विनय कुमार ने कहा कि पुलिस ने बड़े पैमाने पर कार्रवाई करते हुए शराब को बरामद किया। शराब की बड़ी खेप बरामद की गई और सभी मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसआईटी का गठन किया गया है और जांच जारी है।
विनय कुमार ने बताया कि जांच में बड़ी मात्रा में मेथेनॉल बरामद हुआ है। उनके अनुसार करीब 1500 लीटर मेथेनॉल जब्त किया गया है। उन्होंने कहा कि अगर इसका इस्तेमाल हो जाता तो स्थिति और भयावह हो सकती थी। मामले में विधि सम्मत कार्रवाई की जा रही है। विनय कुमार ने साफ कहा कि इस मामले में सख्त कार्रवाई की जा रही है।
इसके साथ ही विनय कुमार ने बताया कि पुलिस ने अपराधियों को उनके किए का अंजाम तक पहुंचाने के लिए कई महत्वपूर्ण इंतजाम किए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि सात साल या उससे अधिक की सजा वाले सभी मामलों में घटनास्थल पर फोरेंसिक टीम की मौजूदगी अनिवार्य होगी। इस दिशा में अगले एक-दो साल में चार स्थायी और नौ क्षेत्रीय फॉरेंसिक लैब यानी कुल 13 एफएसएल पूरी तरह चालू कर दी जाएंगी।
यह कदम बिहार में अपराध जांच के स्तर को आधुनिक बनाने और अपराधियों को जल्द पकड़ने के लिए उठाया गया है। विनय कुमार ने कहा कि राज्य के 28 जिलों में जहां क्षेत्रीय फॉरेंसिक लैब नहीं हैं, वहां जिला चलंत प्रयोगशालाओं के लिए भवन का निर्माण पूरा हो चुका है। साथ ही, इन सभी जिलों को फोरेंसिक वैन की सुविधा भी दी गई है, ताकि घटनास्थल पर तत्काल जांच संभव हो सके।
इसके अलावा, राज्य के 44 पुलिस जिलों को 50 मोबाइल फॉरेंसिक वैन उपलब्ध कराई गई हैं और आने वाले समय में इनकी संख्या और बढ़ाई जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि क्षेत्रीय लैब के लिए नियुक्तियां पूरी हो चुकी हैं, उपकरण खरीद लिए गए हैं और भवन का निर्माण भी पूरा हो गया है। आने वाले समय में ये लैब पूरी तरह चालू हो जाएंगी।
विनय कुमार ने डीएनए जांच के बढ़ते मामलों को देखते हुए तीन-चार नई लैब स्थापित करने के लिए केंद्रीय फोरेंसिक साइंस लैब (सीएफएसएल) से सहयोग की भी मांग की है। उन्होंने कहा कि पटना और राजगीर में साइबर फॉरेंसिक लैब स्थापित की जाएगी, जिससे साइबर अपराधों की जांच और तेजी से हो सकेगी।
विनय कुमार ने कहा कि यह कदम अपराधियों के लिए किसी चुनौती से कम नहीं होगा। अब अपराध करने वाले व्यक्तियों को बचना आसान नहीं होगा और पुलिस उच्चतम फोरेंसिक तकनीक का इस्तेमाल कर सभी मामलों में पूरी जांच करेगी।