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असली दूल्हे से नकली दुल्हन ने रचाई शादी, मोटी रकम लेकर साथियों के साथ हुई थी फरार, चार गिरफ्तार

By अभिषेक पारीक | Updated: July 13, 2021 18:16 IST

मध्य प्रदेश पुलिस ने नकली शादी कराने वाले गिरोह का भंडाफोड़ कर चार लोगों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह कुंवारे लोगां की शादी कराने के नाम पर उन्हें ठगी का शिकार बनाता था।

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ठळक मुद्देपुलिस ने नकली शादी कराने वाले गिरोह का भंडाफोड़ कर चार लोगों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह कुंवारे लोगों की शादी कराने के नाम पर उन्हें ठगी का शिकार बनाता था। इस मामले में जबलपुर पुलिस ने एक महिला और तीन पुरुषों को गिरफ्तार किया है। 

मध्य प्रदेश पुलिस ने नकली शादी कराने वाले गिरोह का भंडाफोड़ कर चार लोगों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह कुंवारे लोगां की शादी कराने के नाम पर उन्हें ठगी का शिकार बनाता था। साथ ही जेवर और रुपये लेकर फरार हो जाता था। इस मामले में जबलपुर पुलिस ने एक महिला और तीन पुरुषों को गिरफ्तार किया है। हालांकि अभी भी गिरोह को चलाने वाले युवक-युवती पुलिस की पकड़ से दूर हैं। 

जबलपुर के लार्डगंज पुलिस थाने में 11 जुलाई को पीड़ित जयप्रकाश तिवारी ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जिसमें जयप्रकाश ने बताया कि उसकी शादी नहीं हो रही थी, जिसके बाद एक रिश्तेदार ने रजनी तिवारी नाम की महिला का नंबर दिया। जयप्रकाश ने जब रजनी से बात की तो उसने अंजली नाम की लड़की की फोटो भेजा। पसंद आने पर लड़की को जबलपुर में मिलने के लिए बुलाया गया। 

अंजली और जयप्रकाश की मुलाकात के बाद सभी लोग ऑटो से कोर्ट पहुंचे और वहां पर वकील पहले से मौजूद था। जिसके बाद वकील ने जयप्रकाश और अंजली के एक रजिस्टर पर साइन करवाए गए और उन्हें बताया कि दोनों की शादी हो गई है। 

इस शादी से लौटते वक्त रजनी ने लड़के के परिवार वालों से लड़की के लिए जेवर और कपड़े खरीदने की बात कहकर एक लाख दस हजार रुपये ले लिए और वहां से चली गई। जयप्रकाश ने बताया कि रजनी के जाने के बाद बाइक पर चार लोग आए और उन्होंने खुद को पुलिस वाला बताकर लड़की को भगाकर ले जाने का आरोप लगाया। इन नकली पुलिसवालों ने 8500 रुपये वसूल किए और वे भी वहां से चले गए। 

जयप्रकाश ने बताया कि इसी दौरान दुल्हन अंजली और उसका भाई विकास तिवारी भी मौके से भाग निकले। हालांकि इस घटना के बाद उन्हें समझ में आया कि उनके साथ ठगी की गई है। बाद में उन्होंने थाने में मामला दर्ज कराया। पुलिस ने नकली पुलिसवाले बनकर आए आशीष तिवारी को बाइक के नंबर के आधार पर गिरफ्तार कर लिया। 

आशीष ने बताया कि उसके परिचित विपिन जैन ने सुनील ठाकुर और ज्योति कुशवाहा यानी रजनी तिवारी ने उसे बुलाया था। जहां भानु जैन और विकास तिवारी साथ रहेंगे और भानु की पत्नी यानी सुमन जैन उसकी बहन अंजली तिवारी बनकर दुल्हन बनने का नाटक करेगी। इस नकली शादी के बाद आशीष पुलिसकर्मी बनकर पहुंचा और उसने पीड़ित परिवार को वहां से भगा दिया। 

पुलिस ने फिलहाल रजनी तिवारी यानी ज्योति कुशवाहा, सुनील ठाकुर और विपिन जैन और आशीष तिवारी को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं भानु जैन और सुमन जैन फरार हैं। पुलिस ने आरोपियों के पास से 58 हजार रुपये की राशि भी बरामद की है। साथ ही पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि पहले कितने लोगां को यह गिरोह अपने चंगुल में फंसा चुका है। 

 

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