परिचित ही निकला कातिल, फिरौती के लिए की गई थी नागपुर के 14 वर्षीय अथर्व की हत्या, सीसीटीवी से खुली साजिश, तीन आरोपी गिरफ्तार
By फहीम ख़ान | Updated: April 6, 2026 17:35 IST2026-04-06T17:35:43+5:302026-04-06T17:35:43+5:30
इस सनसनीखेज मामले में चौंकाने वाली बात यह सामने आई कि मुख्य आरोपी कोई और नहीं, बल्कि पीड़ित के घर के पास रहने वाला परिचित सब्जी विक्रेता ही निकला.

परिचित ही निकला कातिल, फिरौती के लिए की गई थी नागपुर के 14 वर्षीय अथर्व की हत्या, सीसीटीवी से खुली साजिश, तीन आरोपी गिरफ्तार
नागपुर: शहर को झकझोर देने वाले अथर्व नानोरे हत्याकांड का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है. इस सनसनीखेज मामले में चौंकाने वाली बात यह सामने आई कि मुख्य आरोपी कोई और नहीं, बल्कि पीड़ित के घर के पास रहने वाला परिचित सब्जी विक्रेता ही निकला. उसने अपने दो साथियों के साथ मिलकर 14 वर्षीय अथर्व का अपहरण किया और फिरौती की साजिश रची, लेकिन योजना नाकाम होने पर उसकी बेरहमी से हत्या कर दी.
गिरफ्तार आरोपियों में जयाराम गोपाल यादव (19), केतन उर्फ कुणाल रमेश साहू (22) और आयुष मोहन साहू (19) शामिल हैं. इनमें जयाराम इस पूरे षड्यंत्र का मास्टरमाइंड बताया जा रहा है. घटना 2 अप्रैल की है, जब गिट्टीखदान इलाके में हनुमान जयंती की शोभायात्रा के दौरान अथर्व को बहला-फुसलाकर अगवा किया गया. इसके बाद उसका शव शनिवार शाम कळमेश्वर थाना क्षेत्र के भरतवाड़ा पुल के पास मिलने से पूरे मामले का खुलासा हुआ.
जांच के दौरान पुलिस ने इलाके के सीसीटीवी फुटेज खंगाले. रात 10:54 बजे हल्दीराम रेस्टोरेंट के पास अथर्व आखिरी बार नजर आया था. इसके बाद वह कहीं दिखाई नहीं दिया. एक फुटेज में टाटा एस वाहन संदिग्ध रूप से कळमेश्वर की ओर जाते हुए दिखा. इसी सुराग के आधार पर पुलिस आयुष तक पहुंची और पूछताछ में पूरी साजिश सामने आ गई. तीनों आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है.
पैसों के लालच में रची खौफनाक साजिश
पुलिस के अनुसार, अथर्व के पिता दिलीप नानोरे सब्जी के व्यापारी हैं और उन्होंने घर के नवीनीकरण के लिए पैसे जमा किए थे. इसकी जानकारी जयाराम को थी. जल्दी पैसा कमाने के लालच में उसने अथर्व के अपहरण की योजना बनाई और अपने साथियों को इसमें शामिल किया. आरोपियों ने 40 से 50 लाख रुपए की फिरौती मांगने की तैयारी कर रखी थी.
पहचान का फायदा उठाकर किया अगवा
शोभायात्रा के दौरान जयाराम ने अथर्व को आइसक्रीम दिलाने का लालच देकर भीड़ से बाहर बुलाया. इसके बाद उसे टाटा एस वाहन तक ले जाया गया, जहां पहले से मौजूद दोनों साथियों ने उसे जबरन गाड़ी में डाल दिया. शोर न मचाए, इसके लिए उसके मुंह में कपड़ा ठूंस दिया गया.
आरोपी उसे गोरेवाड़ा की तरफ जंगल में ले गए. वहां फिरौती को लेकर बातचीत के बीच उन्हें इलाके में बढ़ते आक्रोश की जानकारी मिली. पकड़े जाने के डर से उन्होंने अथर्व को बेहोश करने की कोशिश की, लेकिन जब वह काबू में नहीं आया तो तीनों ने मिलकर उसे बुरी तरह पीटा और आखिर में दुपट्टे से गला घोंटकर हत्या कर दी.