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किडनी कांड में दिल्ली के PSRI अस्पताल के सीईओ गिरफ्तार, जानें कैसे गरीबों को फंसाकर बेचा जाता था किडनी

By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: June 9, 2019 16:22 IST

17 फरवरी  2019 को पुलिस ने किडनी और लीवर बेचने वाले गिरोह का खुलासा किया था। पुलिस के मुताबिक यह गिरोह गरीब लोगों को नौकरी का झांसा देकर फंसा कर दिल्ली ले जाता था। वहां पैसों का लालच देकर दिल्ली और नोएडा के नामचीन अस्पतालों में किडनी और लीवर बेच देते थे। 

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ठळक मुद्देइस मामले में पकड़े गए गिरोह के सरगना टी राजकुमार राव, गौरव समेत कई लोगो से पूछताछ में पता चला था कि दिल्ली के अपोलो, फोर्डिस और पीएसआरआई अस्पताल में गरीबों की किडनी और लीवर बेचे जाते थे।पुलिस के मुताबिक अस्पतालों में किडनी 30 लाख रुपये बिकती थी। 

उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले के चर्चित किडनी कांड में दिल्ली के पीएसआरआई (PSRI) अस्पताल के सीईओ डॉ. दीपक शुक्ला को गिरफ्तार किया गया है। यूपी पुलिस दीपक को पूछताछ के लिए दिल्ली से कानपुर लेकर गई है। एसएसपी अनंत देव ने इस बात की पुष्टि की है। दीपक का नाम गैर-कानूनी तरीके किडनी बदलने में सामने आया है। वह किडनी और लीवर ट्रांसप्लांट के लिए अस्पताल में बनाई गई कमेटी के अध्यक्ष थे। जिसमें किडनी बदलने की प्रक्रिया में धांधली हुए। इस मामले की जांच पुलिस की एसआईटी टीम कर रही है।

स्थानीय अखबार के मुताबिक पुलिस ने किडनी रैकेट के अंतरराष्ट्रीय गिरोह का 17 फरवरी को पर्दाफाश किया था। किदवईनगर निवासी इलेक्ट्रीशियन की पत्नी द्वारा बर्रा थाने में दर्ज कराए गए मुकदमे के आधार पर सरगना टी राजकुमार राव और गौरव मिश्रा समेत छह आरोपित गिरफ्तार किए गए थे। इनसे मिले दस्तावेजों के आधार पर जब जांच शुरू हुई तो दिल्ली के कई बड़े अस्पताल के नाम सामने आए। 

जानें किडनी कांड का पूरा मामला

17 फरवरी  2019 को पुलिस ने किडनी और लीवर बेचने वाले गिरोह का खुलासा किया था। पुलिस के मुताबिक यह गिरोह गरीब लोगों को नौकरी का झांसा देकर फंसा कर दिल्ली ले जाता था। वहां पैसों का लालच देकर दिल्ली और नोएडा के नामचीन अस्पतालों में किडनी और लीवर बेच देते थे। 

गिरोह में शामिल लोग साकेत नगर में रहने वाली एक महिला को दिल्ली के एक अस्पताल में ले गए थे। उसने ही सबसे पहले  पुलिस से इस मामले में शिकायत की थी। शिकायतकर्ता महिला ने तहरीर में लिखा था कि श्याम, जुनैद व मोहित उसे नौकरी दिलवाने का झांसा देकर गाजियाबाद और वहां से जांच के बहाने दिल्ली के अस्पताल ले गए थे। वहां तीन लाख रुपये में उसकी किडनी बेचने की कोशिश की। इसकी भनक लगने पर वह दिल्ली से लौट आई और एक फरवरी को बर्रा थाने में मुकदमा दर्ज कराया।

इस मामले में पकड़े गए गिरोह के सरगना टी राजकुमार राव, गौरव समेत कई लोगो से पूछताछ में पता चला था कि दिल्ली के अपोलो, फोर्डिस और पीएसआरआई अस्पताल में गरीबों की किडनी और लीवर बेचे जाते थे। उन्होंने पुलिस पूछताछ में यह भी बताया कि अस्पतालों में किडनी 30 लाख रुपये बिकती थी। 

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