5 वर्षीय बच्चे का गला, गुप्तांग कटा था और पेट के बाईं ओर, गाल और भौंह के नीचे गहरे घाव?, पिता ने कहा- छात्रावास में बेटे से सामूहिक रेप कर मारा?
By सतीश कुमार सिंह | Updated: April 8, 2026 15:28 IST2026-04-08T15:27:43+5:302026-04-08T15:28:49+5:30
जहानाबाद: परिवार का प्रदर्शन अजय अपने बेटे के शव के साथ छात्रावास लौटा, जहां परिवार ने ग्रामीणों के साथ मिलकर एक बड़ा प्रदर्शन किया।

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जहानाबाद:बिहार के जहानाबाद में हैवानियत किया गया है। 1 अप्रैल को मां ने अपने पांच वर्षीय बेटे को बिहार के एक स्कूल छात्रावास में छोड़ कर घर आ गई। पांच दिन बाद यानी 6 अप्रैल को बच्चे को मृत घोषित कर दिया गया। मां अब यह जानना चाहती है कि उसके बच्चे के साथ ऐसा क्या हुआ, जिसने उसकी जान ले ली। उसने अपने बेटे को पटना से लगभग 50 किलोमीटर दूर जहानाबाद के एक गुरुकुल में पढ़ने के लिए भेजा था और अब वह न्याय के लिए संघर्ष कर रही है। बच्चा कथित तौर पर यौन शोषण का शिकार हुआ और उस पर धारदार हथियारों से हमला किया गया।
उसके शरीर पर गहरे घाव के कई निशान थे। स्कूल से आया जानलेवा फोन बच्चे के पिता अजय कुमार शर्मा द्वारा दी गई लिखित शिकायत के अनुसार, 6 अप्रैल को सुबह लगभग 5:20 बजे, उन्हें गुरुकुल छात्रावास और स्कूल के प्रधानाचार्य और निदेशक तरुण कुमार का फोन आया, जिसमें उन्हें बताया गया कि उनका बेटा गंभीर रूप से बीमार है।
अजय को बताया गया कि उनके बेटे आशु की हालत गंभीर है और उसे एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। 15 मिनट के भीतर अजय अस्पताल पहुंचे और उन्होंने अपने बेटे को गहन चिकित्सा इकाई (आईसीयू) में पाया, जिसके पूरे शरीर पर कट के निशान थे। प्रथम सूचना रिपोर्ट (एफआईआर) में लिखा था, "मैंने देखा कि मेरे बच्चे का गला कटा हुआ था, उसके गुप्तांग कटे हुए थे।
उसके पेट के बाईं ओर, गाल और भौंह के नीचे गहरे घाव थे। डॉक्टरों की सलाह पर अजय ने आशु को पटना के एक मल्टी-स्पेशलिटी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। डॉक्टरों के अनुसार, बच्चे के साथ यौन उत्पीड़न किया गया और उसे धारदार वस्तुओं से बार-बार चाकू मारा गया। परिवार ने सामूहिक बलात्कार का भी आरोप लगाया है।
आशु का बड़ा भाई ऋषु भी उसी स्कूल और छात्रावास में पढ़ता था। लेकिन वह दूसरी मंजिल पर रहता था। उसने अपने परिवार को बताया कि घटना वाली रात कुमार आशु को अपने कमरे में साथ सोने के लिए ले गया था। परिवार का प्रदर्शन अजय अपने बेटे के शव के साथ छात्रावास लौटा, जहां परिवार ने ग्रामीणों के साथ मिलकर एक बड़ा प्रदर्शन किया।
पटना-गया राष्ट्रीय राजमार्ग-22 को पूरी तरह से अवरुद्ध कर दिया और दोषियों के लिए मौत की सजा की मांग की। यातायात कई घंटों तक बाधित रहा, जिसके परिणामस्वरूप कई किलोमीटर तक वाहनों की भारी भीड़ जमा हो गई। परिवार का मानना है कि उनके बेटे की मौत में एक से अधिक लोग शामिल थे। पुलिस जांच अब तक मुख्य आरोपी, स्कूल के प्रधानाचार्य तरुण कुमार को गिरफ्तार कर लिया गया है।
एक शिक्षक और दो महिला कर्मचारियों को भी हिरासत में लिया गया था, लेकिन पूछताछ के बाद उन्हें रिहा कर दिया गया। पुलिस स्कूल के सुरक्षा गार्ड से भी पूछताछ कर रही है। सामूहिक बलात्कार और हत्या का मामला दर्ज किया गया है। यौन उत्पीड़न का मामला बाल यौन अपराध संरक्षण अधिनियम, 2012 के तहत भी दर्ज किया गया है। स्कूल को फिलहाल सील कर दिया गया है।